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Jyeshtha Purnima : ज्येष्ठ पूर्णिमा पर सुबह और शाम को इन शुभ मुहूर्त में करें पूजा, जानें पूजन विधि से लेकर इसका महत्व

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाती है. मान्यता है ज्येष्ठ पूर्णिमा पर पूरी श्रद्धा भाव के साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. 

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Jyeshtha Purnima : ज्येष्ठ पूर्णिमा पर सुबह और शाम को इन शुभ मुहूर्त में करें पूजा, जानें पूजन विधि से लेकर इसका महत्व
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Jyeshtha Purnima Shubh Muhurat: हर साल के ज्येष्ठ माह में आने वाली पूर्णिमा तिथि को श्रेष्ठ माना जाता है. यह मां लक्ष्मी को समर्पित है. हिन्दू पंचांग के अनुसार, इसकी शुरुआत 10 जून 2025 को सुबह 11 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 11 जून 2025 को दोपहर 1 बजकर 13 मिनट कि हरेगी. ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाती है. मान्यता है ज्येष्ठ पूर्णिमा पर पूरी श्रद्धा भाव के साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं ज्येष्ठ पूर्णिमा में व्रत से लेकर पूजा का शुभ मुहूर्त 

सुबह व शाम के ये हैं शुभ मुहूर्त

ज्येष्ठ माह में भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने से भक्त के हर काम पूर्ण होते हैं. इसमें शुभ मुहूर्त में पूजा अर्चना करना और भी शुभ होता है. इस दिन कई सारे शुभ मुहूर्त बन रहे हैं. इनमें ब्रह्म मुहूर्त की शुरुआत सुबह 04 बजकर 02 मिनट से 04 बजकर 42 मिनट तक रहेगी. प्रातः सन्ध्या मुहूर्त 04 बजकर 22 मिनट से 05 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. वहीं अभिजित मुहूर्त 11 बजकर 53 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा. वहीं विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 40 मिनट से लेकर 3 बजकर 36 मिनट तक रहेगा. वहीं गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 17 मिनट से 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगा. वहीं सायाह्न सन्ध्या मुहूर्त 7 बजकर 19 मिनट से 8 बजकर 19 मिनट तक रहेगा. अमृत काल का शुभ मुहूर्त अगले दिन 06 बजकर 32 मिनट से 8 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. 

लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें

चौघड़िया मुहूर्त में मां लक्ष्मी चालीसा का पाठ करना बेहद शुभ होता है. जीवन में वैवाहिक दिक्कतें दूर होती हैं. लक्ष्मी नारायण की जोड़े में पूजा अर्चना करें. मां लक्ष्मी का श्रृंगार कर समान चढ़ाएं. इससे माता रानी की कृपा प्राप्त होती है. मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. 

ज्येष्ठ पूर्णिमा की पूजा विधि

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर पूरे विधि विधान से लक्ष्मी नारायण की साथ में पूजा करें. इसके साथ ही विष्णु भगवान को पीले रंग के फल, फूल और कपड़े अर्पित करें. इसके साथ ही मां लक्ष्मी को गुलाबी रंग के फल, फूल और श्रृंगार को अर्पित करें. इसके साथ ही ज्येष्इ पूर्णिमा पर सत्यनारायण भगवान की कथा पढ़ना भी बेहद शुभ हेाता है. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में नदी में स्नान करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है. जीवन में सुख शांति और संपत्ति आती है. 

Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.) 

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