धर्म
ज्योतिष में ग्रहों का बड़ा महत्व बताया गया है. कुंडली में ग्रहों की अच्छी स्थिति व्यक्ति को रातों रात रंक से राजा बना देती है. वहीं ग्रह दोष की वजह से दिन रात की मेहनत के बाद भी व्यक्ति के हाथ खाली रह जाते हैं.
हर कोई व्यक्ति एक अच्छी नौकरी चाहता है. इसमें दिन रात मेहनत कर प्रमोशन पाना चाहता है, लेकिन खूब मेहनत के बाद भी प्रमोशन कुछ लोगों को मिलता है तो वहीं कुछ लोगों को निराशा हाथ लगती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रमोशन प्राप्ति सिर्फ मेहनत ही नहीं, कुंडली में बने योग पर भी निर्भर करता है. ज्योतिष की मानें तो कुंडली में मौजूद ग्रहों की दशा और भाव में विराजमान होने पर इसका प्रभाव दिखाई देता है. आइए जानते हैं कुंडली में किन ग्रहों के अच्छे और दोष होने पर प्रमोशन मिलने के साथ ही कई बार खूब मेहनत करने के बाद भी रुक जाता है...
ज्योतिष की मानें तो व्यक्ति के जन्म के साथ ही उसकी कुंडली बन जाती है. उसके नाम से लेकर जन्मतिथि के आधार पर व्यक्ति के व्यक्तित्व से लेकर उसका व्यवहार, आचरण और तमाम चीजों का पता लगाया जाता है. वहीं व्यक्ति को कुंडली में ग्रहों की मजबूत स्थिति कई बार बहुत आगे बढ़ा देती हैं तो वहीं कई बार खूब मेहनत करने के बाद भी सफलता तक प्राप्त नहीं हो पाती. इसके लिए व्यक्ति को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
ज्योतिष के अनुसार, कुंडली का दसवां भाव किसी भी व्यक्ति के भविष्य के बारे में बताता है. अगर कुंडली के दसवें भाव में राहु, केतु या फिर मंगल विराजमान है तो ऐसे व्यक्ति को खूब मेहनत करने के बाद भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इन्हें प्रमोशन की जगह नौकरी में संकट बना रहता है. इसके साथ ही ग्रहों की वजह से व्यक्ति को प्रमोशन नहीं मिल पाता है.
अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य और गुरु ग्रह शुभ स्थिति में हैं तो उनको नौकरी के क्षेत्र में सफलता मिलती है. इन्हें रोजगार के कई दूसरे अवसर प्राप्त होते हैं. वहीं बुध और शनि ग्रह के दसवें भाव में विराजमान होने पर व्यक्ति को प्रमोशन और सफलता की प्राप्ति होती है. व्यापार से लेकर नौकरी से जुड़े सभी काम बनते चले जाते हैं.
ज्योतिष की मानें तो जिन लोगों की कुंडली के दसवें भाव में सूर्य अगर अकेले विराजमान होते हैं तो इन लोगों को सरकारी नौकरी मिलने की संभावना बहुत अधिक होती है. इनके थोड़े से प्रयास से ही सफलता प्राप्त हो जाती है. वहीं कुंडली में सूर्य ग्रह के मजबूत स्थिति में होने पर व्यक्ति के बॉस बनने के योग बन जाते हैं. ऐसे लोगों को टीम लीडर करने का हुनर होता है.
वहीं जिन लोगों का शनि खराब और कमजोर होता है. ऐसे लोगों को करियर में कई सारी असफलताओं का सामना करना पड़ता है. कुंडली में शनि की खराब स्थिति होने पर नौकरी के क्षेत्र में बाधाएं आती हैं. इसलिए शनि ग्रह को मजबूत रखना बेहद जरूरी है. इसके लिए आप पूजा अर्चना करने से लेकर दान और उपाय अपना सकते हैं.
Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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