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Does God Exist?: क्या संसार में कोई ईश्वर है? वैज्ञानिकों ने सदियों से पूछे जा रहे इस प्रश्न का उत्तर ढूंढ लिया

दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं जो ईश्वर में विश्वास नहीं करते. इसके साथ ही ऐसे लोग भी हैं जो ईश्वर में अगाध आस्था रखते हैं. तो फिर सवाल यह उठता है कि क्या सचमुच दुनिया में ईश्वर नहीं है या है? क्या वैज्ञानिकों को इसका उत्तर मिल गया है?

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Does God Exist?: क्या संसार में कोई ईश्वर है? वैज्ञानिकों ने सदियों से पूछे जा रहे इस प्रश्न का उत्तर ढूंढ लिया

क्या संसार में कोई ईश्वर है?

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क्या परमेश्‍वर सचमुच अस्तित्व में है? यह प्रश्न ब्रह्मांड की उत्पत्ति के बाद से ही बहस का प्रमुख विषय रहा है. धार्मिक लोगों या ईश्वर में विश्वास करने वालों का उत्तर है कि हां, ईश्वर का अस्तित्व है और उन्होंने ही इस ब्रह्मांड की रचना की है. हालांकि, वैज्ञानिकों का एक समुदाय, और विशेषकर नास्तिक, इस बात से इनकार करते हैं और उनके अपने तर्क हैं.
  
भगवान सच में हैं, वैज्ञानिकों ने ढूंढ़ लिया जवाब

जो लोग ईश्वर के अस्तित्व में विश्वास नहीं करते, वे इसके पीछे बिग बैंग सिद्धांत का हवाला देते हैं. उनका तर्क है कि यह सब 14 अरब वर्ष पहले बिग बैंग के कारण शुरू हुआ था. हालांकि, इस प्रश्न में भी कई सवाल छिपे हैं, जो फिर से ईश्वर के अस्तित्व पर आकर रुकते हैं. एक बार फिर वैज्ञानिकों ने इस सदियों पुराने सवाल का जवाब ढूंढने की कोशिश की है, आइए जानते हैं उनके बारे में...
 
ईश्वर का अस्तित्व

 अभी तक ईश्वर के अस्तित्व का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है. इसके बावजूद, बहुत से लोग ईश्वर के अस्तित्व में विश्वास करते हैं और इसके पक्ष में कई तर्क देते हैं. पेंसिल्वेनिया के विलानोवा विश्वविद्यालय में धर्मशास्त्री डॉ. इलिया डालियो का कहना है कि समाज ने लंबे समय से ईश्वर को मानवीय विशेषताओं से युक्त माना है, लेकिन इससे ईश्वर मानव नहीं बन जाता. उनका कहाना है कि "हमने ईश्वर को मानव रूप में स्वीकार कर लिया है और उसे 'सुपरमैन' बना दिया है, जो आकाश में रहने वाला एक बड़ा आदमी है और लोग उसके अस्तित्व को स्वीकार या अस्वीकार करते हैं." हालांकि, ईश्वर कोई देखने योग्य वस्तु नहीं है, बल्कि एक विषय है.

भगवान सच में हैं, वैज्ञानिकों ने ढूंढ़ लिया जवाब

डॉ. डालियो ने कहा कि यदि कोई ईश्वर के पक्ष या विपक्ष में तर्क करता है, तो इसका अर्थ है कि उसने ईश्वर के वचन को नहीं समझा है. ईश्वर चर्चा का विषय नहीं है, बल्कि वह सभी चीजों का आधार है, जो मानवीय कल्पना से परे है.
 
भगवान सच में हैं, वैज्ञानिकों ने ढूंढ़ लिया जवाब

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शोध छात्र एलेक्जेंड्रोस बटालियास का मानना ​​है कि ईश्वर मानवीय समझ से परे है . उनका कहना है कि ईश्वर कोई वस्तु नहीं, बल्कि एक विषय है. ईश्वर की वास्तविकता को सिद्ध करना असंभव है, क्योंकि यह मानवीय समझ से परे है. ऐसा कोई तर्क या सिद्धांत नहीं बनाया जा सकता जो ईश्वर के अस्तित्व को वस्तुनिष्ठ रूप से सिद्ध कर सके, क्योंकि ईश्वर कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे मापा जा सके.
 
भगवान सच में हैं, वैज्ञानिकों ने ढूंढ़ लिया जवाब

उन्होंने कहा कि ईश्वर ने ब्रह्मांड की रचना की है या नहीं, यह एक विवादास्पद मुद्दा है जिसका कभी भी निश्चित उत्तर नहीं मिल सकता. कई वैज्ञानिक ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार नहीं करते, क्योंकि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, इसी प्रकार इस बात का भी कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि ईश्वर का अस्तित्व नहीं है. हालाँकि, वैज्ञानिक आम तौर पर इस बात पर सहमत हैं कि ब्रह्मांड लगभग 14 अरब वर्ष पहले बिग बैंग के दौरान अस्तित्व में आया था. इस बीच, ब्रिटिश जीवविज्ञानी रिचर्ड डॉकिन्स ने सात ऐसे बिंदुओं की पहचान की है जो ईश्वर के अस्तित्व में विश्वास को वर्गीकृत करते हैं.

Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)  

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