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Hanumanji Parikrama Niyam: हनुमानजी की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए? इस मंत्र जाप के साथ करें प्रदक्षिणा

राम भक्त बजरंगबली की परिक्रमा कितनी बार करनी चाहिए और किस मंत्र के साथ चलिए जान लें.

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Hanumanji Parikrama Niyam: हनुमानजी की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए? इस मंत्र जाप के साथ करें प्रदक्षिणा

संकट मोचन की परिक्रमा कितनी बार करनी चाहिए

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हिंदू धर्म में हम 7 चिरंजीवियों को सप्त चिरंजीवी कहते हैं. ऐसा माना जाता है कि ये 7 लोग आज भी धरती पर जीवित हैं. हनुमानजी इन 7 चिरंजीवियों में से एक हैं. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार , हनुमानजीआज भी पृथ्वी पर विचरण करते हैं. ऐसी भी मान्यता है कि जब धरती पर कोई संकट आता है तो भक्त आकर मदद करते हैं. 

मंदिर में भगवान हनुमान की पूजा के बाद परिक्रमा करने की परंपरा है. सिर्फ हनुमानजी ही नहीं, बल्कि हिंदू धर्म में हम जिस भी भगवान की पूजा करते हैं, उनकी परिक्रमा करने की परंपरा है. भगवान की परिक्रमा करने से व्यक्ति के पापों का प्रायश्चित हो जाता है. ऐसी मान्यता है कि पुण्य की प्राप्ति होती है. यहां जानिए हनुमानजी की परिक्रमा कैसे करनी चाहिए और किस मंत्र के साथ.

1. हनुमानजी की परिक्रमा करने का क्या महत्व है? 

करने से व्यक्ति की सभी प्रकार की मनोकामनाएं जल्द ही पूरी हो जाती हैं. और हनुमानजी भक्तों के सभी कष्ट शीघ्र ही पूर्ण करते हैं. इसलिए हनुमानजी को संकटमोचन के नाम से जाना जाता है. हनुमानजी की परिक्रमा करने से सभी प्रकार की परेशानियां दूर हो जाएंगी. साहस और सहनशक्ति में भी वृद्धि होगी.
 
2. हनुमानजी की परिक्रमा कितनी बार करनी चाहिए?

हनुमानजी मंदिर में जाकर उनकी परिक्रमा करते समय संकटमोचन हनुमान मंत्र - "ॐ हं हनुमते नम:" का जाप करना चाहिए. ऐसे में आप परिक्रमा के बाद अगर संभव हो तो हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं . पाठ करने के लिए कोई अनिवार्य नियम नहीं हैं. और यदि आप भगवान हनुमान की पूरी तीन बार परिक्रमा करेंगे तो यह सबसे शुभ रहेगा.

3. हनुमानजी की परिक्रमा के बाद क्या करना चाहिए?

आमतौर पर हम भगवान की पूजा के बाद ही प्रदक्षिणा शुरू करते हैं. इसी तरह अंजनेय की पूजा करने के बाद ही उनकी परिक्रमा करनी चाहिए. हनुमान जी की परिक्रमा करने के बाद मंदिर में एक स्थान पर बैठकर राम नाम या राम मंत्रों का जाप करना चाहिए. धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि राम के नाम मात्र से ही हनुमानजी की कृपा प्राप्त हो सकती है. इससे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं. हनुमानजी की पूजा करने के बाद उनकी परिक्रमा अवश्य करें. और पूजा के दौरान हनुमानजी के चरणों में 7 फूल और पत्तियां चढ़ाना बहुत शुभ होता है. यह आपके जीवन में शुभ फल प्रदान करता है.

Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)

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