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Holika Dahan Time: आज आपके शहर में कब और किस समय जलेगी होलिका, जान लें सही मुहूर्त

आज आपके शहर में होलिका जलले का सही समय और मुहुर्त क्या है. चलिए शहरवार जान लें.

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Holika Dahan Time: आज आपके शहर में कब और किस समय जलेगी होलिका, जान लें सही मुहूर्त

Holika Dahan City Wise Time

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डीएनए हिंदीः  फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 6 मार्च 2023 की शाम 4 बजकर 17 पर शुरू हुई और आज यानी 7 मार्च को इसका समापन होगा. इस लिहाज से कहीं पर होलिका कल ही जला दी गई और कहीं आज जलेगी. वाराणसी और उज्जैन में 6 और 7 दोनों दिन होलिका जलेगी.

पूर्णिमा तिथि पंचांग भेद के कारण 6 और 7 मार्च दोनों दिन है.  जी हां, 6 मार्च सोमवार की पूरी रात पूर्णिमा तिथि रहेगी और मंगलवार को दिनभर रहेगी.  होलिका दहन पूर्णिमा पर सूर्यास्त के बाद किया जाता है.  इसलिए अब यह संशय है कि होलिका दहन कब किया जाए.  तो आइए पंचांग के अनुसार जानते हैं आपके शहर में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और विधि-

फाल्गुन पूर्णिमा 2023
फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 6 मार्च 2023 की शाम 4 बजकर 17 पर शुरू होगी और पूर्णिमा तिथि का समापन 7 मार्च 2023 को शाम 6.09 तक है.  तो चलिए जानें आपके शहर में कब है होलिका दहन का मुहूर्त-

City wise Holika Dahan Time

आपके शहर में होलिका दहन का मुहूर्त

  1. वाराणसी - 12.40 AM - 05.56 AM (6-7 मार्च की दरमियानी रात)
  2. उज्जैन - 12.40 AM- 05.56 AM (6-7 मार्च की दरमियानी रात)
  3. नई दिल्ली - 06.24 PM- 08.51 PM (7 मार्च 2023)
  4. पटना - 05.54 PM - 06.09 PM (7 मार्च 2023)
  5. मुंबई - 06.46 PM - 08.52 PM (7 मार्च 2023)
  6. जयपुर - 06.31 PM - 08.58 PM (7 मार्च 2023)
  7. रांची - 05.54 PM - 06.09 PM (7 मार्च 2023)
  8. भोपाल - 06.26 PM - 08.52 PM (7 मार्च 2023)
  9. चंडीगढ़ - 06.25 PM - 08.53 PM (7 मार्च 2023)
  10. कोलकाता - 05.42 PM - 06.09 PM (7 मार्च 2023)
  11. रायपुर - 06.10 PM - 08.36 PM (7 मार्च 2023)
  12. बेंगलुरू - 06.29 PM - 08.54 PM (7 मार्च 2023)
  13. अहमदाबाद - 06.45 PM - 09.11 PM (7 मार्च 2023)
  14. हैदराबाद- 06.24 PM - 08.49 PM (7 मार्च 2023)

होलिका पूजा विधि
 होलिका दहन से पहले होलिका माई पूजा के लिए स्नान कर दोपहर या शाम को सूर्यास्त से पहले पूजा की थाल लेकर जाएं. इसके बाद पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें, सबसे पहले होलिका को उपले से बनी माला अर्पित करें. इसके बाद रोली, अक्षत, फल, फूल, माला, हल्दी, मूंग, गुड़, गुलाल, रंग, सतनाजा, गेहूं की बालियां, गन्ना और चना आदि चढ़ाएं. इसके बाद होलिका पर एक कलावा बांधते हुए 5 या 7 बार परिक्रमा करें और आखिर में जल चढ़ाएं. 
 इसके बाद होलिका माई से सुख-संपन्नता की प्रार्थना करें. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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