धर्म
हाथ में कलावा बांधना बेहद शुभ माना जाता है. इसे मौली भी कहा जाता है, जो शुभ मुहूर्त में पूजा अर्चना शादी विवाह में बांधा जाता है.
भारतीय परंपरा में कलावा एक पवित्र धागा माना जाता है. इसे किसी भी शुभ कार्य या पूजा के दौरान हाथ में बांधा जाता है. इसे सौभाग्य, सुरक्षा और आशीर्वाद का प्रतीक भी माना गया है. कई बार यह धागा खुद ही खुलकर हाथ से निकल जाता है. ऐसा करने से कई लोग घबरा जाते हैं. आइए जानते हैं हाथ से कलावा उतरने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं...
कलावा या मौली बेहद पवित्र और लाल रंग का धागा माना गया है. इसे पूजा पाठ के दौरान दाहिने हाथ में बांधा जाता है. इसे हिंदू धर्म में रक्षा सूत्र के रूप में जाना जाता है. वहीं इसका हाथ से अपने आप खुलकर निकलने पर कई लोग अशुभ संकेत समझते हैं, लेकिन यह घबराने की बात नहीं है. कलावा सूती धागे का बना होता है और लंबे समय तक बंधे रहने से या पानी के संपर्क में आने से कमजोर होकर टूट सकता है.
हाथ से कलावा खुल गया है तो इसे गलती से भी कूड़ेदान में न डालें. यह बहुत ही पवित्र धागा होता है. इसलिए इसे पूरे सम्मान के साथ संभाल कर रखना चाहिए. अगर कलावा खुल जाता है या टूट जाता है तो इसे कोई भी पेड़ जैसे पीपल, बरगद या तुलसी की जड़ में रख दें. ऐसा संभव न हो पाये तो इसे बहती हुई नदी में भी प्रवाहित कर सकते हैं. इस बात का ध्यान रखें कि वह जल साफ हो.
अगर आपके हाथ से कलावा खुल गया है या टूट गया है तो भगवान का नाम लेकर नया कलावा बांध सकते हैं. इसे किसी शुभ मुहूर्त या धार्मिक अनुष्ठान के बाद धारण करना शुभ माना जाता है. अगर कोई पंडित उपलब्ध न हो तो घर के बड़े-बुजुर्ग भी इसे बांध सकते हैं. कलावा बांधते और उतारते समय साफ सफाई का खास ध्यान रखें.
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