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Gold Vs Silver: सोना-चांदी या तांबा जानें किस पाए में जन्‍मे हैं आप, इसी अनुसार तय होता है भाग्‍य

Kundali main Janam Ka Bhav: जन्‍म के समय जो भी भाव रहता है उसी अनुसार आपके कुंडली में ग्रह विराजमान होते हैं. कुंडली में लग्न से चंद्रमा जिस भाव में स्थित होता है उससे पाये का निर्धारण होता है. यानी आपका जन्‍म सोना, चांदी, तांबा या लोहे किसमें हुआ है.

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Gold Vs Silver: सोना-चांदी या तांबा जानें किस पाए में जन्‍मे हैं आप, इसी अनुसार तय होता है भाग्‍य

सोना-चांदी या तांबा जानें किस पाए में जन्‍मे हैं आप, इसी अनुसार तय होता है भाग्‍य

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डीएनए हिंदी: जन्‍म के समय नक्षत्र और ग्रहों का असर व्‍यक्ति के जीवन पर पड़ता है लेकिन क्‍या आपको पता है कि व्‍यक्ति के भाग्‍य का निर्धारण भी उसी वक्‍त हो जाता है. जी हां, जन्म कुंडली में चंद्रमा के भाव से तय होता है कि जातक सोना-चांदी, तांबा या लोहा किस पाएं में जन्‍मा है. ये धातु जातक के भाग्‍य का सूचक होते हैं. यानी हर धातु जातक के भाग्‍य और किस्‍मत से जुड़ा होता है. 

यदि जन्म कुंडली में चंद्रमा पहले, छठे या ग्यारहवें भाव में स्थित हो तब जातक का जन्म सोने के भाव में होता है. जिस भाव में चंद्र होता है और उसी अनुसार धातु जातक को मिलता है. ज्योतिषशास्त्र अनुसार 4 प्रकार के पाये  हैं और ये हैं सोने का पाया, चांदी का पाया, तांबे का पाया और लोहे का पाया. मनुष्य की कुंडली में 12 भाव होते हैं जिन्हें चार भागों में बांटा गया है. तो चलिए जानें कि इस धातु का जातक पर प्रभाव क्‍या होता है. 

सोने का पाया
सोना भले ही चांदी और लोहे से बहुत महंगा है और इसे चाहने वालों की संख्‍या भी ज्‍यादा हो लेकिन अगर भाव की बात करें तो इस पाए में जन्‍म जातकों के लिए बहुत अच्‍छा नहीं माना जाता है. श्रेष्ठता सूची में इसका स्‍थान तीसरा है. इस पाए में जन्मे जातक का जीवन कठिनाइयों से भरा होता है. रोग और धन दोनों का अभाव रहता है, लेकिन मेहनत से ये अपना भाग्‍य बदलने का दम रखते हैं. ये लोग अगर सोने का दान करें तो इनके कष्‍ट कम होते हैं. 

तांबे का पाया
तांबा श्रेष्‍ठता की सूची में शामिल है. जन्म कुंडली में चंद्रमा तृतीय, सातवें या दवसें भाव में स्थित होता है तो जातक को तांबा पाया मिलता है. ये शुभ माना गया है. इस पाए में जन्म लेने वाले लोग अपने लिए ही नहीं, अपने सगों के लिए भी भाग्यशाली होते हैं.

चांदी का पाया
जन्म कुंडली में चंद्रमा दूसरे, पांचवें या फिर नवें भाव में स्थित होता है तो जातक चांदी के पाए में जन्‍म लेता है और ये सबसे सर्वश्रेष्‍ठ पाया माना जाता है. इस पाए में जन्‍मे लोग भाग्‍यशाली और किस्‍मतवाले होते हैं. ये अपने परिवार के लिए भी लकी होते हैं. कम संघर्ष में सफलता हासिल इन्‍हें होती है.

लोहे का पाया
ये पाया चौथो पायदान पर आता है. यदि किसी जन्म कुंडली में चंद्रमा चौथे, आठवें या 12 वें भाव में स्थित हो तो जातक का पाया लोहा होता है. ये पाया सबसे खराब माना जाता है. ऐसे लोग जीवन भर संघर्ष करते रहते हैं. पिता के लिए ऐसे लोग लकी नहीं होते. लोहे का दान करना इनके लिए जरूरी होता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.) 

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