धर्म
जिस तरह 12 राशि और 9 मूलांक होते हैं. सभी के जातकों का व्यक्तित्व और भाग्य अलग होता है. ठीक उसी तरह 48 रत्नों का प्रभाव भी अलग होता है. पुखराज से लेकर पन्ना जैसे रत्न को ज्यादातर लोग जानते हैं. इन्हीं में एक रत्न फिरोजा भी है.
डीएनए हिंदी: ज्योतिष शास्त्र की तरह ही रत्न शास्त्र का भी बड़ा महत्व होता है. जिस तरह 12 राशि और 9 मूलांक होते हैं. सभी के जातकों का व्यक्तित्व और भाग्य अलग होता है. ठीक उसी तरह 48 रत्नों का प्रभाव भी अलग होता है. पुखराज से लेकर पन्ना जैसे रत्न को ज्यादातर लोग जानते हैं. इन्हीं में एक रत्न फिरोजा भी है, जिसे धारण करते ही व्यक्ति की सोई किस्मत जाग उठती है. इतना ही नहीं दांपत्य जीवन में प्यार और लगाव आने के साथ ही दिन दोगुनी तरक्की होती है. कंगाल व्यक्ति भी इसके प्रभाव से पैसों का धनी बन जाता है. राजा जैसा जीवन जीता है. आइए जानते हैं इस रत्न की खासियत, इस रत्न के लाभ और धारण करने का तरीका...
यह है इस रत्न की खासियत
हमारे जीवन में कुंडली की तरह ही रत्न शास्त्र का भी अहम रोल होता है. ऐसे में फिरोजा यानी आसमानी नीला या हरे नीले रंग का रत्न बहुत ही लाभदायक होता है. इसे धारण करने से व्यक्ति का भाग्य पलट जाता है. फिरोजा को बौद्ध समुदाय में सबसे पवित्र पत्थर माना गया है. इसे माला व अंगूठी के रूप में धारण किया जा सकता है. वहीं इसे धारण करने से दांपत्य जीवन भी सुखमय होता है. इसकी अंगूठी और पैंडल के रूप में भी धारण किया जा सकता है.
फिरोजा रत्न धारण करने के फायदे
-रत्न शास्त्र के अनुसार, फिरोजा पहनने से व्यक्ति में बुद्धि का विकास होता है. इसके साथ ही आत्मविश्वास बढ़ता है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.
-फिरोजा रत्न पहनने से गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होती है. यह कुंडली में गुरु कमजोर होने पर धारण किया जाता है. यह ज्ञान बढ़ाने में मदद करता है
-फिरोजा धारण करने से व्यक्ति के दांपत्य जीवन में शांति और प्यार बढ़ता है. व्यक्ति के सामाजिक और पारिवारिक मान सम्मान में वृद्धि होती है.
-जिन व्यक्तियों को करियर में सफलता प्राप्त नहीं हो पाती है या परेशानी आती है. उन्हें भी इस रत्न को धारण करना चाहिए. इससे करियर में सफलता प्राप्त होती है. इससे कई तरह की बीमारियों का खतरा टल जाता है और बीमारियों का हल मिल जाता है.
-फिरोजा रत्न धारण करने से कर्ज और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है. धन और एश्वर्य में बढ़ोतरी होती है.
ऐसे धारण करें फिरोजा
फिरोजा रत्न को धारण करने के लिए शुभ गुरुवार, और शनिवार है. इन दोनों ही दिनों में शुभ मुहूर्त में इस रत्न को धारण किया जा सकता है. रत्न शास्त्र के अनुसार, फिरोजा रत्न को चांदी या पंचधातु से बनी अंगूठी में जडवाकर पहना जा सकता है. यह बहुत ज्यादा लाभकारी होता है. कला के क्षेत्र से जुड़े लोगों को यह रत्न धारण करना काफी लाभदायक होता है. यह उन्हें आगे लेकर जाता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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