धर्म
विष्णु पुराण में व्यक्ति के जन्म से लेकर मृत्यु के बाद तक की क्रिया और जन्म के बारें में विस्तार से लिखा गया है. मान्यता है की मृत्यु के बाद पूरे 13 दिनों तक गरुण पुराण का पाठ जरूर कराना चाहिए.
Garuda Puran: हिंदू धर्म में कई सारे ग्रंथ और शास्त्र हैं, जिनमें धर्म के बारें में विस्तार से बताया गया है. इन्हीं में से एक सबसे उच्च ग्रंथ गरुड़ पुराण है. इसे विष्णु पुराण भी कहा जाता है. इसमें व्यक्ति के जन्म से लेकर मृत्यु के बाद तक की क्रिया और जन्म के बारें में विस्तार से लिखा गया है. मान्यता है की मृत्यु के बाद पूरे 13 दिनों तक गरुण पुराण का पाठ जरूर कराना चाहिए. यह एक ऐसा ग्रंथ है, जिसे किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद 13 दिनों के अंतराल में पढ़ा जाता है. इसमें मृत्यु होने बाद की स्थिति, सुखी जीवन, विष्णु भगवान की पूजा, व्रत और बेहतर जीवन जीने के नियमों के बारे में विस्तार से बताया गया है. विष्णु पुराण पढ़ने या सुनने वाले कई लोगों का मानना है कि मृत्यु आने से पहले व्यक्ति को कुछ संकेत दिखाई देने लगते हैं. आइए जानते हैं कौन से वो संकेत...
व्यक्ति को इन चीजों का दिखना देता है मृत्यु का संकेत
परछाई न दिखना
मृत्यु होने से पहले व्यक्ति को अपनी परछाई दिखना बंद हो जाता है. आंखों की रौशनी कमजोर पड़ जाती है. ऐसे में व्यक्ति परछाई देखने में असमर्थ हो जाता है. व्यक्ति की यह चीज मृत्यु का संकेत देती है.
पूर्वजों का दिखना
गरुड़ पुराण के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को मृत्यु से पहले सपने में पूर्वजों का दुखी या रोते हुए दिखना मौत के पास होने का संकेत देता है.
जीवन भर की काम
मृत्यु से पहले व्यक्ति को जीवन भर के कर्म याद आने लगते हैं. उन्हें अपने सभी कार्य सपने में दिखने लगते हैं. यह अच्छे या बुरे हो सकते हैं. इस तरह की चीजें दिखना मृत्यु निकट होने का संकेत देती हैं.
यमदूत का दिखना
किसी भी व्यक्ति को सपने में भैसा या यमदूत का दिखना. अपने आसपास सपने में श्याम वर्ण के लोगों का महसूस होना. मृत्यु निकट होने का संकेत देता है.
Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)
ख़बर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से-