धर्म
15 August Gajkesari Yog: ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी योग को सबसे बलवान और भाग्य को बदलने वाला माना गया है. धन-संपदा से परपिूर्ण करने वाला ये योग 15 अगस्त को एक खास राशि में लग रहा है.
डीएनए हिंदी: हिंदू पंचांग के अनुसार 15 अगस्त को मीन राशि में गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है. तो चलिए आपको बताएं ये इस योग में ऐसा क्या है और क्यों ये योग बेहद खास माना जाता है. साथ ही इस राशि के जातकों के अच्छे दिन आने वाले हैं. तो सबसे पहले जानें क्या है ये गजकेसरी योग.
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क्या होता है गजकेसरी योग ?
गजकेसरी योग बेहद शुभ योग माना जाता है और जिसकी भी कुंडली में बनता है उसकी किस्मत ही चमक जाती है. ये सभी धन योगों में सबसे प्रबल माना गया है. धन के कारक गुरु और मन के कारक चंद्रमा से मिलने पर ये योग बनता है. कुंडली में गुरु और चंद्र दोनों ही बेहद शुभ ग्रह होते है और जब गुरु और चंद्र पूर्ण बलवान हो तो यह योग बनता है. कुंडली में गजकेसरी योग का मतलब है गज के समान अभिमान रहित अपार शक्ति और सिंह के समान अदम्य साहस.
मीन राशि में लग रहा Gajkesari Yog
15 अगस्त, सोमवार के दिन मीन राशि में गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है. इस दिन भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि भी है. इस बार संकष्टी चतुर्थी 15 अगस्त की पड़ रही है और साथ ही मीन राशि में अतिशुभ योग का निर्माण हो रहा है. इस लिहाज से ये दिन बेहद खास महत्व रखने वाला है.
मीन राशि वालों को विशेष फलों की प्राप्ति होगी. इस समय मीन राशि में देवगुरु बृहस्पति ग्रह विराजमान हैं. सोमावर, 15 अगस्त के दिन चंद्रमा के गोचर से इस राशि में गजकेसरी का योग बन जाएगा. करियर से लेकर धन, स्वास्थ्य और मान-सम्मान को बढ़ाने वाला होता है ये योग.
गणपति का मिलेगा आशीर्वाद
15 अगस्त को चंद्रमा और देवगुरु बृहस्पित को साथ होने से गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है. साथ ही, इस दिन संकष्टी चतुर्थी होने के कारण गणपति का भी आशर्वाद मिलेगा. गणेश जी को समृद्धि और बुद्धि का प्रतीक माना जाता है. एक साथ इस दिन कई संयोग होने के कारण इस दिन का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है.
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इन शुभ योगों के साथ मानई जाएगी संकष्टी चतुर्थी
भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 15 अगस्त के दिन है. इस दिन गणपति की कृपा पाने के लिए भक्त पूजा-पाठ और व्रत आदि रखते हैं. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र रहेगा. पंचाग के अनुसार इस दिन धृति योग रात 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगा.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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