धर्म
Roza Sehri and Iftar Time Table: रोजा सेहरी और इफ्तार का समय सारणी: इस साल रमजान का महीना फरवरी से शुरू हो रहै. हालांकि रमजान की सटीक तिथि चांद के दर्शन (चांद का दीदार) पर निर्भर करेगी कि ये 19 को होगा या 20 फरवरी को.
इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना रमज़ान जल्द ही शुरू होने वाला है. इस वर्ष 2026 में रमज़ान के 19 या 20 फरवरी से शुरू होने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, रमज़ान की अंतिम तारीख चांद के दीदार (Moon Sighting) पर निर्भर करती है, इसलिए आधिकारिक पुष्टि चांद दिखने के बाद ही होती है.
रमज़ान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना होता है, जिसमें मुस्लिम समुदाय पूरे महीने रोज़ा रखकर इबादत, दुआ और परोपकार करता है.
रमज़ान का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
रमज़ान का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए आध्यात्मिक शुद्धता और आत्मसंयम का प्रतीक माना जाता है.इस दौरान सुबह सेहरी से पहले रोज़ा शुरू होता है और शाम सूर्यास्त के बाद इफ्तार से रोज़ा खोला जाता है. साथ ही दिन में पांच वक्त की नमाज़ और रात में तरावीह की विशेष नमाज़ अता की जाती है.
मान्यता है कि रमज़ान में किए गए नेक कामों का सवाब कई गुना बढ़ जाता है और ज़कात व फ़ितरा का विशेष महत्व होता है.
नई दिल्ली के अनुसार रमज़ान 2026: रोज़ा, सेहरी और इफ्तार टाइम टेबल
| रोज़ा | तारीख | सेहरी (सुबह) | इफ्तार (शाम) |
|---|---|---|---|
| 01 | 19 फरवरी 2026 | 05:37 | 06:14 |
| 02 | 20 फरवरी 2026 | 05:36 | 06:15 |
| 03 | 21 फरवरी 2026 | 05:35 | 06:15 |
| 04 | 22 फरवरी 2026 | 05:35 | 06:16 |
| 05 | 23 फरवरी 2026 | 05:34 | 06:17 |
| 06 | 24 फरवरी 2026 | 05:33 | 06:17 |
| 07 | 25 फरवरी 2026 | 05:32 | 06:18 |
| 08 | 26 फरवरी 2026 | 05:31 | 06:19 |
| 09 | 27 फरवरी 2026 | 05:30 | 06:19 |
| 10 | 28 फरवरी 2026 | 05:29 | 06:20 |
| 11 | 01 मार्च 2026 | 05:28 | 06:21 |
| 12 | 02 मार्च 2026 | 05:27 | 06:21 |
| 13 | 03 मार्च 2026 | 05:26 | 06:22 |
| 14 | 04 मार्च 2026 | 05:25 | 06:23 |
| 15 | 05 मार्च 2026 | 05:24 | 06:23 |
| 16 | 06 मार्च 2026 | 05:23 | 06:24 |
| 17 | 07 मार्च 2026 | 05:22 | 06:24 |
| 18 | 08 मार्च 2026 | 05:21 | 06:25 |
| 19 | 09 मार्च 2026 | 05:20 | 06:26 |
| 20 | 10 मार्च 2026 | 05:19 | 06:26 |
| 21 | 11 मार्च 2026 | 05:17 | 06:27 |
| 22 | 12 मार्च 2026 | 05:16 | 06:27 |
| 23 | 13 मार्च 2026 | 05:15 | 06:28 |
| 24 | 14 मार्च 2026 | 05:14 | 06:29 |
| 25 | 15 मार्च 2026 | 05:13 | 06:29 |
| 26 | 16 मार्च 2026 | 05:12 | 06:30 |
| 27 | 17 मार्च 2026 | 05:10 | 06:30 |
| 28 | 18 मार्च 2026 | 05:09 | 06:31 |
| 29 | 19 मार्च 2026 | 05:08 | 06:32 |
रोज़ा क्यों रखा जाता है?
इस्लाम में रोज़ा रखना हिजरी कैलेंडर के दूसरे वर्ष (लगभग 624 ईस्वी) में अनिवार्य किया गया था. यह आदेश मदीना में दिया गया था और तब से रोज़ा इस्लाम के पाँच स्तंभों में शामिल है- कलमा, नमाज़, रोज़ा, ज़कात और हज. रोज़ा आत्मसंयम, संयमित जीवन और अल्लाह के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जाता है.
19 या 20 फरवरी रमज़ान की तारीख में कन्फ्यूजन क्यों?
इस्लामी कैलेंडर चंद्र कैलेंडर पर आधारित है. इसलिए नया महीना चांद दिखने पर शुरू होता है. अलग-अलग देशों में चांद दिखने की तारीख अलग हो सकती है. इसी कारण रमज़ान 18 या 19 फरवरी से शुरू होने की संभावना है
रमज़ान 2026 के 19 या 20 फरवरी से शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन अंतिम पुष्टि चांद दिखने के बाद होगी. यह महीना मुस्लिम समुदाय के लिए इबादत, आत्मसंयम, दया और परोपकार का प्रतीक है. रोज़ा, सेहरी और इफ्तार के समय का पालन करके श्रद्धालु पूरे महीने आध्यात्मिक शुद्धता की ओर बढ़ते हैं. रमज़ान न केवल धार्मिक कर्तव्य है, बल्कि मानवता, सहानुभूति और अनुशासन का भी संदेश देता है.
डिस्क्लेमर- यह जानकारी सामान्य आधार पर लिखी गई है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ से संपर्क करें.
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