धर्म
छठ पूजा कब है, दिल्ली में तैयारियां जोर शोर से शुरू हो गई है, जानें कब है त्योहार, कैसे बनेंगे घाट, कैसे दिया जाएगा सूर्य को अर्घ्य
डीएनए हिंदी: Chhath Puja 2022 in Delhi- दिवाली के बाद छठ पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं, बिहार और बंगाल में इस पर्व का प्रमुख महत्व है. चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में छठी मैया के नाम से व्रत रखा जाता है और सूर्य देवता को अर्घ्य भी दिया जाता है. इस साल 30 अक्टूबर से यह त्योहार शुरू हो रहा है. इस पर्व में घाटों का इंतजाम बहुत पुख्ता होने चाहिए क्योंकि छठी मैया की पूजा, सूर्य़ को अर्घ्य देने के लिए पानी में उतरना होता है और इसके लिए घाट तैयार किए जाते हैं. दिल्ली में इस साल 1100 घाट तैयार किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसकी घोषणा की है.
दिल्ली में कैसी है तैयारी
अगर आप दिल्ली में हैं और यह त्योहार को मना रहे हैं तो घाटों को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार ने इसके पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं. सीएम ने कहा कि पिछले कुछ सालों से दिल्ली में छठ पूजा बहुत छोटे स्तर पर मनाई जाती थी, साल 2014 में 69 जगह पर दिल्ली सरकार छठ पूजा आयोजित करती थी और इस पर 2.5 करोड़ रुपए खर्च होते थे लेकिन इस बार 1100 जगह पर छठ पूजा मनाई जाएगी और इस पर सरकार 25 करोड़ रुपए खर्च करेगी.
दो साल से लोग घरों में बंद थे इसलिए इस साल बहुत अच्छे से यह त्योहार मनाने की तैयारियां हो रही हैं. सुरक्षा के पुख्ते इंतजाम किए जाएंगे. चारों ओर कैमरे लगाए जाएंगे, घाटों को साफ सुथरा किया जाएगा, उनमें पानी की व्यवस्था और महिलाएं अगर डुबकी लगाती हैं तो उसके बाद कपड़े बदलने की व्यवस्था भी की जाएगी.
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पूजा और अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त (Puja and Shubh Muhurat)
30 अक्टूबर को डूबते सूर्य को शाम 5 बजकर 37 मिनट पर अर्घ्य दिया जाएगा, वहीं 31 अक्टूबर को सूर्योदय के समय आपको उगते हुए सूर्य को सुबह 6 बजकर 31 मिनट पर अर्घ्य देना है
नहाय खाय की विधि से छठ पूजा की शुरुआत होती है, इस बार यह विधि 28 अक्टूबर 2022, शुक्रवार के दिन निभाई जाएगी
खरना की रस्म दूसरे दिन होती है और इसी दिन से छठ का व्रत शुरू हो जाता है. इस बार 29 अक्टूबर शनिवार के दिन यह रस्म निभाई जाएगी
30 अक्टूबर को छठ महापर्व मनाया जाएगा और डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा
31 के दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और इसी दिन छठ का पर्व समाप्त हो जाता है
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चार दिन रहेगा त्योहार (Four Days Festival)
पहला दिन नहाए-खाए
छठ पूजा की शुरुआत 28 अक्टूबर दिन शुक्रवार से हो जाएगी, इस दिन महिलाएं नहाने के बाद घर की साफ-सफाई करती है। इस दिन चूल्हे को अच्छी तरह साफ किया जाता है। रात के समय चने की दाल, लौकी की सब्जी और भात खाया जाता है
दूसरा दिन खरना
इस दिन व्रती महिलाएं गुड़ की खीर बनाती हैं, जिसे रात में खाया जाता है, खरना का मतलब है तन और मन का पवित्र होना.
तीसरा दिन छठ पूजा
इस दिन व्रत करने वाली महिलाएं पूरे दिन छठी मईया के गीत गाती रहती है और सूर्यास्त के समय नदी व तालाब में खड़े होकर महिलाएं डूबते हुए सूरज को अर्ध्य देती हैं
चौथा दिन सूर्योदय अर्ध्य
इस दिन व्रत करने वाली महिलाएं उगते हुए सूर्य को नदी में खड़े होकर अर्ध्य देती हैं, इस दिन महिलाएं अपने व्रत का पारण कर लेती हैं
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