धर्म
चारधाम की यात्रा शुरू हो चुके हैं. इसके साथ ही प्रशासन ने कमर कसने के अलावा कई गाइडलाइन और एडवाइजरी जारी कर दी है. इनके अनुसार अब बद्रीनाथ में भक्त फोन में फोटो या रील नहीं बना सकेंगे. ऐसा करने पर भारी जुर्माना भरना पड़ेगा.
Char Dham Yatra 2025: अक्षय तृतीया से चारधाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है. इसमें गंगोत्री यमुनोत्री के बाद 2 मई 2025 को केदारनाथ के कपाट खुल गये. कपाट खुलने के साथ ही भक्तों ने भगवान के दर्शन किये. इसके बाद यात्रियों ने बद्रीनाथ के दर्शन करने के लिए यात्रा शुरू कर दी है. यहां 4 मई 2025 को सुबह 6 बजे बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खोल दिये जाएंगे. भगवान की पूजा अर्चना के साथ भगवान शिव के भक्त महादेव के दर्शन कर सकेंगे. अगर आप भी यहां भगवान के दर्शन करने पहुंच रहे हैं तो मंदिर की तरफ से जारी बैन और लागू किये गये नियमों को जरूर जान लें. इनकी अनदेखी या गलती करने पर आपको 100 या 500 नहीं, बल्कि हजारों रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा.
दरअसल आज के समय में ज्यादातर लोगो के पास स्मार्ट फोन हैं. इनमें बहुत से युवा से लेकर बुजुर्ग तक रील बनाने के शौकीन हैं. वे रास्ता हो या मंदिर उसमें फोटो क्लिक करने के साथ ही रील बनाने लगते हैं. अगर आप भी ऐसा ही करने की सोच रहे हैं तो सावधन हो जाये, क्योंकि आपको अपनी इसी गलती की वजह से जुर्माना भरना पड़ सकता है. इसकी वजह बद्रीनाथ धाम में प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ और धार्मिक मर्यादाओं के उल्लंघन को रोकने के लिए एक कई फैसले लिये हैं. इनमें से एक ये हैं कि अब बद्रीनाथ मंदिर परिसर में फोटो खींचना और वीडियो बनाना पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है.
बद्रीनाथ मंदिर में दर्शन करने के दौरान परिसर में फोटो क्लिक करने या फिर रील बनाने पर व्यक्ति को 5 हजार रुपये तक जुर्माना भरना पड़ सकता है. जिलाधिकारी संदीप तिवारी की अध्यक्षता में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में यह कड़ा फैसला लिया गया है. बैठक में यात्रा के दौरान भीड़ कंट्रोल करने से लेकर सिक्योरिटी और सफाई और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष चर्चा की गई है. समीति का मानना है कि दर्शन के बीच फोटो और रील बनाने की वजह से धार्मिक वातावरण प्रभावित होता है. इसके अलावा भीड़ लग जाती है. लोग सही से भगवान के दर्शन तक नहीं कर पाते हैं.
मंदिर में दर्शन के बीच श्रद्धालुओ के जूते चप्पल उतारने की वज से अव्यवस्था हो जाती है. मौके पर गंदगी होती हे. इससे निपटने के लिए प्रशासन ने अलग प्लान बनाया है. इसके लिए जूते स्लिपर्स प्रसाद की दुकानों की जगह पर साकेत तिराहे पर जूता स्टैंड बनाया जाएगा. साथ ही होटल मालिकों को श्रद्धालुओं को कपड़े के चप्पल-जूते या मोटी जुराबें देने की आदेश दिये गये हैं. वहीं मंदिर में साफ सफाई बनी रहे, इसके लिए प्रसाद की दुकानों की संख्या भी सीमित कर दी गई है.
मंदिर में दर्शन के लिए यात्रियों को अब स्लॉट सिस्टम फॉलो करना होगा. इस संबंध में यात्री जहां भी ठहरेंगे. उन्हें होटल मालिक इसकी जानकारी देगा. इसके अलावा सभी होटल संचालकों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर रखना अनिवार्य कर दिया गया है. हेल्थ डिपार्टमेंट की तरफ से 13 भाषाओं में हेल्थ एडवाइजरी जारी की गई है. इसके अलावा QR कोड प्रतिष्ठानों पर लगाए जाएंगे. रजिस्ट्रेशन की चेकिंग से लेकर आने जाने का पूरा शेड्यूल देखकर ही बीआओ चौक से लेकर माणापास की जाएगी.
इसके अलावा बद्रीनाथ ओन वाले यात्रियों को टोकन के साथ ही दर्शन की टाइमिंग की दी जाएंगी.
Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)
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