धर्म
चारधाम यात्रा के कपाट बंद करने की तिथि तो आ गई. जानिए किस दिन कौन सा धाम बंद होगा और आखिरी कब तक होंगे दर्शन, क्या है आखिरी विधि
डीएनए हिंदी: Chardham Yatra Closing Process and Date- इस साल की चारधाम यात्रा अपने अंतिम दौर में चल रही है. दशहरे के दिन धार्मिक समारोह में पूजा-अर्चना कर विधि-विधान से पंचांग गणना के बाद लगन और मुहूर्त देखकर चारधाम मंदिरों के कपाट बंद करने की तिथि की घोषणा कर दी गई है Clossing Date of Chardham. चारधाम यात्रा की शुरुआत 3 मई (Opening Date of Chardham Yatra) को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद हुई थी और दशहरे पर यानि 5 अक्टूबर बंद करने की तिथि की घोषणा हुई. 26 अक्टूबर से कपाट बंद होने का सिलसिला शुरू हो जाएगा जो 19 नवंबर तक चलेगा. आईए आपको बताते हैं कब कौन से धाम के कपाट किस मुहूर्त पर बंद होंगे.
इस दिन इस मुहूर्त पर बंद होंगे कपाट
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पूरे विधि-विधान से पूरी की जाती है कपाट बंद की प्रक्रिया
विजयादशमी पर पंचांग गणना के बाद विश्व प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम के कपाटबंदी की तिथि तय हुई. ऐसे में कपाट बंद करने की प्रक्रिया के अंतर्गत पंच पूजाएं की जाती है. चारों धाम में पूजा अर्चना के बाद ही मंदिर के दरवाजे बंद किए जाएंगे. 15 नवंबर यानि मंगलवार को पहले दिन पूजा अर्चना की जाएगी, जिसके बाद शाम को श्री गणेश जी के कपाट बंद कर दिए जाएंगे. दूसरे दिन 16 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे. तीसरे दिन 17 नवंबर को खड़ग पुस्तक पूजन एवं वेद ऋचाओं के पाठ बंद होंगे. चौथे दिन 18 नवंबर को मां लक्ष्मीजी को कढ़ाई भोग लगाया जाएगा जिसके बाद अंतिम दिन 19 नवंबर को रावलजी स्त्री भेष में मां लक्ष्मी को श्री बदरी विशाल के निकट स्थापित कर दिया जाएगा. इसके बाद इस वर्ष के लिए श्री बद्नीनाथ धाम के कपाट बंद कर दिए जाएंगे.
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चारधाम में अब तक इतने श्रद्धालुओं ने कर लिया दर्शन
3 मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अबतक भारी संख्या में लोग इन धामों का दर्शन कर चुके हैं, जिसमें बद्रीनाथ में लगभग 14.35 लाख श्रद्धालु, केदारनाथ धाम में 13.23 लाख, गंगोत्री में 5.80 लाख और यमुनोत्री में तकरीबन 4.56 लाख श्रद्धालु अब तक दर्शन कर चुके हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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