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Bahi-khata Puja Muhurat: दिवाली पर बही-खाते और दुकान पर इस विधि से करें लक्ष्मी पूजा, व्यापार में बढ़ता जाएगा मुनाफा 

दिवाली के दिन हर बिजनेसमैन नए बही-खाते बनाते हैं और दुकान-प्रतिष्ठाक की पूजा करते हैं. इस बार बही-खाते और देवी लक्ष्मी का पूजा मुहूर्त क्या है, चलिए पूजा विधि के साथ जानें.

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Bahi-khata Puja Muhurat: दिवाली पर बही-खाते और दुकान पर इस विधि से करें लक्ष्मी पूजा, व्यापार में बढ़ता जाएगा मुनाफा 

Diwali bahi-khata Puja Muhurat

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लक्ष्मी पूजा व्यापारियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे व्यापार में समृद्धि, स्थिरता और उन्नति आती है. शास्त्रों के अनुसार दुकान में लक्ष्मी पूजा कैसे करें, इसकी विधि नीचे दी गई है

दीपावली 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को मनाई जाएगी. इस दिन बही खाता पूजा का विशेष महत्व है, जो व्यापार में नए खाता-बही की शुरुआत और लेखा-जोखा की पूजा का अवसर होता है.

दुकान में लक्ष्मी पूजा की तैयारी 

पूजा से पहले दुकान की सफ़ाई करें. फ़र्श धोएं, सामान व्यवस्थित करें और कूड़ा-कचरा हटा दें. दुकान को रंगोली, फूल, तोरण से भी सजाएं. पुराने बही-खाते की भी पूजा करनी होगा. नए बही-खाते भी तैयार कर लें.

पूजा सामग्री भी जान लें

लक्ष्मी और गणपति की प्रतिमा या तस्वीर, लाल कपड़ा, चावल, फूल, हल्दी, कुमकुम, अक्षत, सुपारी, चीनी, पंचामृत, धूपबत्ती, कपूर, नारियल, फल, मिठाई, पान, विद्या पत्र, गंगाजल, तांबा, ताम्रपत्र, जूट, आसन, व्यापार रजिस्टर, कलम आदि.
 
लक्ष्मी पूजन 

दुकानदार पूजा स्थान पर लाल कपड़ा बिछाएं. उस पर चावल या गाय का दूध रखने के लिए, आठ कटोरों में कमलगट्टे तैयार करें. देवी लक्ष्मी और गणपति की मूर्ति या चित्र को लाल कपड़े से ढंक दें. मूर्ति पर हल्दी-कुमुकम लगाकर लावा चढ़ाएं, फुलों की फिर माला पहनाएं.

संकल्प 

हाथ में जल लेकर पवित्रता से पूजा करने का संकल्प लें. "माँ, मैं व्यापार में समृद्धि और खुशहाली के लिए लक्ष्मी-गणपति की पूजा कर रहा हूँ."

गणपति पूजन विधि

सबसे पहले गणपति को हल्द-कुंकू, फूल और दूर्वा अर्पित करें. मग गणपति मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः का जप करें.

कपूर और अगरबत्ती से आरती करें. लक्ष्मीजी आती हैं, पंचामृत से स्नान कराती हैं और गंगाजल से शुद्ध होती हैं. और हल्दी, कुंकू, फूल, मिठाई और खड़ीसाखर चढ़ाएँ.

लक्ष्मी मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः का जाप करें और नरल, विद्याची पने और फल चढ़ाएं.

बही खाता पूजा का शुभ मुहूर्त (20 अक्टूबर 2025)

  1. समय: शाम 4:38 बजे से रात 7:38 बजे तक
  2. तिथि: कार्तिक माह की अमावस्या तिथि
  3. वक्त: प्रदोष काल में, जो विशेष रूप से पूजा के लिए शुभ माना जाता है
  4. योग: वृषभ लग्न और लाभ चौघड़िया का संयोग 
     

इस समय में बही खाता की पूजा करने से व्यापार में समृद्धि और स्थिरता की प्राप्ति होती है.

बही-खाता पूजा विधि

  1. नवीन बही खाता की स्थापना: नए खाता-बही को स्वच्छ स्थान पर रखें.
  2. पुजन सामग्री: लक्ष्मी माता और गणेश जी की मूर्तियाँ या चित्र, दीपक, अगरबत्ती, फूल, चंदन, चावल, सुपारी, और मिठाई रखें.
  3. पूजन विधि: लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा विधिपूर्वक करें.
  4. लेखा-जोखा का पूजन: नए खाता-बही को खोलकर उसमें हल्दी, कुंकुम, चावल और सुपारी अर्पित करें.
  5. प्रसाद वितरण: पूजा के बाद प्रसाद वितरित करें और सभी कर्मचारियों या परिवारजनों को आशीर्वाद दें.

इस शुभ मुहूर्त में बही खाता पूजा करने से व्यापार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक समृद्धि की प्राप्ति होती है.

बही-खातों की पूजा के मंत्र

व्यापारी जहां दुकान और दुकान के बाहर हल्दी और कुमकुम लगाकर स्वस्तिक बनाते हैं वहां चावल, फूल और सुपारी रखें. मंत्र: ॐ श्री गणेशाय नमः, ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः, पूजा करें.

आरती और प्रसाद 

लक्ष्मी और गणेश की आरती करें. सभी उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित करें. पूजा करते समय सकारात्मक विचार रखें और व्यापार में उन्नति के लिए प्रार्थना करें. साथ ही, रात में दुकान में दीपक जलाकर रखें. पूजा के बाद दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है. गरीबों को भोजन या धन का दान करें.

Disclaimer: यह खबर सामान्य ग्रह-गणनाओं और सामान्य ज्योतिष पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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