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Bullet Baba Temple: भगवान की नहीं इस मंदिर में होती है Royal Enfield Bullet की पूजा, जानें मंदिर से जुड़ी मान्यता

Bullet Baba Temple: राजस्थान में मौजूद यह बुलेट बाबा मंदिर सिर्फ स्थानीय लोगों के बीच ही नहीं बल्कि दूर-दूर तक प्रसिद्ध है.

Bullet Baba Temple: भगवान की नहीं इस मंदिर में होती है Royal Enfield Bullet की पूजा, जानें मंदिर से जुड़ी मान्यता

Bullet Baba Temple

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डीएनए हिंदी: हिंदू धर्म (Hindu Dharma) में भक्तों की भगवान के प्रति आस्था बहुत ही ज्यादा है. यहां पर अनेकों देवी-देवताओं को लोग अपने ईष्ट के रूप में पूजते हैं. भारत में कई ऐसे प्राचीन मंदिर (Hindu Temple) मौजूद हैं जहां पर भक्त दूर दूर से पूजा करने और अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं. सभी मंदिरों के रीति-रिवाज और परंपराएं बहुत ही अलग-अलग होती है.

आज हम आपको राजस्थान में स्थित ऐसे ही एक मंदिर (Hindu Temple)  के बारे में बताने वाले हैं जिसके बार में जानकर आप हैरान हो जाएंगे. दरअसल, इस मंदिर में किसी देवी-देवता की नहीं बल्कि एक बाइक की पूजा (Bullet Baba Temple) की जाती है. सबसे खास बात यह है कि यह मंदिर सिर्फ स्थानीय लोगों के बीच ही नहीं बल्कि दूर-दूर तक प्रसिद्ध है. यहां पर बाइक की पूजा (Bullet Baba Temple) करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती है. 

कहां स्थित हैं बुलेट बाबा मंदिर (Bullet Baba Temple)
राजस्थान में मौजूद इस मंदिर का नाम "ओम बन्ना धाम" है. इसे बुलेट बाबा मंदिर (Bullet Baba Temple) के नाम से भी जाना जाता है. यह मंदिर राजस्थान के जोधपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर पाली शहर के पास चोटिला गांव में स्थित है. यह मंदिर जोग सिंह राठौड़ ने करीब 30 साल पहले बनवाया था. तो चलिए इस बुलेट बाबा मंदिर (Bullet Baba Temple) में बुलेट बाइक की पूजा के पीछे छिपे रहस्य के बारे में जानते हैं.

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बुलेट बाबा मंदिर की कहानी (Bullet Baba Temple) 
बुलेट बाबा मंदिर के पीछे एक सड़क हादसे की कहानी को बताया गया है दरअसल, मंदिर का निर्माण कराने वाले जोग सिंह राठौड़ के बेटे ओम सिंह राठौड़ की मृत्यु एक सड़क हादसे में हो गई थी. हादसे के बाद पुलिस ने ओम सिंह राठौड़ का शव और बुलेट को हिरासत में ले लिया था.

हादसे के अगले दिन बुलेट थाने से गायब हो गई थी. जब पुलिस ने तलाश शुरु की तो वह हादसे की जगह पर मिली थी. पुलिस दोबारा बुलेट को थाने में ले गई. यह घटना एक और बार हुई. जब बाद में पुलिस ने बुलेट की निगरानी की तो वह हैरान हो गए. बुलेट रात को अपने आप स्टार्ट होकर हादसे की जगह पर पहुंच गई थी. इस घटना के बाद बुलेट परिवार को वापस लौटा दी गई थी. इस घटना के बाद ही ओम सिंह राठौड़ के नाम पर "ओम बन्ना धाम" का मंदिर बनाया गया था. जहां पर इस बुलेट की पूजा की जाती है.

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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