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सालों पुराने पेड़ पर अचानक उभरी शिवलिंग की आकृति, गांव वालों ने शुरू किया जलाभिषेक

सावन मास में अचानक पेड़ पर उभरी आकृति को भगवान शिव की महिमा से जोड़कर देख रहे ग्रामीण पूजा अर्चना में जुट गए हैं. 

सालों पुराने पेड़ पर अचानक उभरी शिवलिंग की आकृति, गांव वालों ने शुरू किया जलाभिषेक
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डीएनए हिंदी: सावन का महीना भगवान शिव और पार्वती का माना जाता है. ​इस माह में महादेव की सीधी कृपा होती है. इसबीच ही बिहार के पूर्णिया स्थित बायसी हरेरामपूर गांव में अचानक सालों पुराने पेड़ पर शिवलिंग और चिड़िया की आकृति उभरी दिखी है. दावा किया जा रहा है कि गांव के ही एक शख्स को यह आकृति उभरने से पहले सपना दिखा था. इसके बाद पेड़ पर इस आकृति को देख लोगों ने भगवान शिव की जयजयकार शुरू कर दी. जलाभिषेक से लेकर पूजा अर्चना करने वाली कतार लग गई है. 

जानकारी के अनुसार, पूर्णिया के बायसी स्थित हरेरामपूर गांव धीरेंद्र राय परिवार समेत रहते हैं. धीरेंद्र राय ने दावा किया कि तीन दिन पहले उन्हें रात में सपना दिखा कि वर्षो पुराने गमहार के पेड़ में शिवलिंग और चिड़िया की चोंच जैसी आकृति बनी हुई है. इसके अगले ही दिन वह पेड़ के पास पहुंचे देखकर दंग रह गए. सालों से जिस पेड़ पर कुछ नहीं था. अचानक पर उस पर शिवलिंग जैसी आकृति और चिड़ियां की चोच ने सभी को हैरान कर दिया. 

पूजा अर्चना में जुटे लोग

इसे चमत्मकार मानकर लोग गमहार के पेड़ की पूजा अर्चना में जुट गए हैं. गांव के अलावा आसपास के जिले और गांव के लोग भी यहां पहुंच रहे हैं. सावन के महीने में इसे भगवान शिव के दर्शनों से जोड़कर देखा जा रहा है. गांव के लोगों में अलग अलग तरह की चर्चा चल रही है. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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