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Bhanu Saptami June 2023: 11 साल बाद आज फिर बन रहा भानू सप्तमी पर दुर्लभ संयोग, सूर्य की तरह किस्मत चमक जाएगी

आज रविवार 25 जून को सूर्य पूजा का दुर्लभ संयोग बन रहा है. करीब 11 साल पहले पहले भी ये ऐसा योग बना था.

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Bhanu Saptami June 2023: 11 साल बाद आज फिर बन रहा भानू सप्तमी पर दुर्लभ संयोग, सूर्य की तरह किस्मत चमक जाएगी

Bhanu Saptami 2023

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डीएनए हिंदीः आषाढ़ मास की भानू सप्तमी रविवार के दिन पड़ने से इसका महत्व और बढ़ गया है क्योंकि रविवार का दिन सूर्य को ही समर्पित होता है और आज बेहद दुर्लभ संयोग भी बन रहबा है . ऐसा संयोग कई दशकों में एक बार बनता है, इसलिए आज के दिन सूर्य पूजा का विशेष महत्व है.  इस संयोग में की गई सूर्य पूजा हर तरह की परेशानी दूर कर देती है और घर में सुख-समृद्धि प्रदान करती है.

आषाढ़ मास के स्वामी स्वयं सूर्यदेव हैं. इसलिए आषाढ़ मास में की गई सूर्य पूजा का विशेष फल मिलता है. रविवार को पूरे दिन ही सप्तमी तिथि रहेगी. आषाढ़ मास, रविवार और सप्तमी तिथि इन का संगम ही इस दिन को दुर्लभ संयोग बना रहा है. इन तीनों के स्वामी भगवान सूर्यदेव हैं. इसके पहले ऐसा संयोग 11 साल पहले 10 जून 2012 को बना था.

ये शुभ योग भी रहेंगे इस दिन
25 जून, रविवार को और भी कई शुभ योग बनेंगे, जिसके चलते इस पर्व का महत्व और भी बढ़ गया है. इस दिन इस दिन तिथि, वार और नक्षत्र के संयोग से सर्वार्थ सिद्धि, रवि योग और त्रिपुष्कर योग बनेगा. वहीं मिथुन राशि में सूर्य-बुध साथ होने से बुधादित्य नाम का राजयोग भी बनेगा. इनके अलावा छत्र और मित्र नाम के 2 अन्य शुभ योग भी इस दिन बनेंगे. इतने सारे सारे शुभ योगों के चलते इस बार भानु सप्तमी का पर्व बहुत ही खास बन गया है.

इस विधि से करें सूर्यदेव की पूजा…( Bhanu Saptami Puja Vidhi)

स्नान के बाद दाहिने हाथ में जल, चावल और फूल लेकर व्रत-पूजा का संकल्प लें. तांबे के लोटे में साफ पानी लेकर इसमें लाल फूल और कुमकुम डालें. फिर इस जल से सूर्यदेव को अर्ध्य दें. अर्ध्य देते समय ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करते रहें. ध्यान रखें कि सूर्य देव को चढ़ाया जाने वाला जल किसी के पैरों में न आए. ऐसा होना ठीक नहीं माना जाता. जल चढ़ाने के बाद अपनी मनोकामना सूर्यदेव के सामने बोलें. संभव हो तो इस दिन अलोन व्रत रखें. यानी बिना नमक का भोजन करें. जरूरतमंदों को अपनी इच्छा अनुसार भोजन आदि का दान करें.  विधि-विधान से भानु सप्तमी का व्रत और पूजा करने से जीवन के हर सुख की प्राप्ति होती है और किस्मत सूर्य की तरह चमक उठती है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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