धर्म
भाद्रपद (Bhadrapada) माह यानी भगवान श्रीकृष्ण और राधा (Lord Sri Krishna Radha) के जन्म का माह. इस माह में कई व्रत और त्योहार होंगे. तो चलिए जानें कि भाद्रपद माह के प्रमुख त्योहारों की तारीख और लिस्ट.
डीएनए हिंदी: भाद्रपद (Bhadrapada) का प्रारंभ रक्षाबंधन के दिन यानी आज 12 अगस्त से हो रहा है. भाद्रपद में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami), हरतालिका तीज, राधा अष्टमी, गणेश चतुर्थी, अनंत चतुर्दशी, कजरी तीज जैसे कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार पड़ेंगे.
बता दें कि पूरे मास देवताओं का तो आखिरी दिन पितरों की पूजा की जाती है. भाद्रपद माह की अंतिम तिथि यानि पूर्णिमा पर पितरों की पूजा का विधान होता है. भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है. भाद्रपद माह में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami) के अलावा हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी, राधा अष्टमी, अनंत चतुर्दशी, कजरी तीज, भाद्रपद अमावस्या, भाद्रपद पूर्णिमा, मासिक शिवरात्रि, प्रदोष व्रत, ऋषि पंचमी जैसे कई व्रत और त्योहार होंगे.
शाम 5 बजे से लगेगा भाद्रपद मास
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह का प्रारंभ 12 अगस्त से हो रहा है. भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ 12 अगस्त शुक्रवार को प्रात: 05 बजकर 58 मिनट से हो रहा है. इस दिन सौभाग्य योग और शोभन योग है.
भाद्रपद 2022 व्रत और त्योहार
12 अगस्त, दिन: शुक्रवार: भाद्रपद माह प्रारंभ, कृप्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि
14 अगस्त, दिन: रविवार: कजरी तीज, बूढ़ी तीज या सातूड़ी तीज
15 अगस्त, दिन: सोमवार: बहुला चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी व्रत
17 अगस्त, दिन: बुधवार: सिंह संक्रांति
18 अगस्त, दिन: गुरुवार: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
23 अगस्त, दिन: मंगलवार: अजा एकादशी
24 अगस्त, दिन: बुधवार: प्रदोष व्रत
25 अगस्त, दिन: गुरुवार: मासिक शिवरात्रि
27 अगस्त, दिन: शनिवार: भाद्रपद अमावस्या
28 अगस्त, दिन: रविवार: भाद्रपद शुक्ल पक्ष प्रारंभ
30 अगस्त, दिन: मंगलवार: हरतालिका तीज
31 अगस्त, दिन: बुधवार: गणेश चतुर्थी
01 सितंबर, दिन: गुरुवार: ऋषि पंचमी
04 सितंबर, दिन: रविवार: राधा अष्टमी
06 सितंबर, दिन: मंगलवार: परिवर्तिनी एकादशी
08 सितंबर, दिन: गुरुवार: प्रदोष व्रत, ओणम
09 सितंबर, दिन: शुक्रवार: अनंत चतुर्दशी, गणेश विसर्जन
10 सितंबर, दिन: शनिवार: भाद्रपद पूर्णिमा व्रत, पितृ पक्ष प्रारंभ
नोट: भाद्रपद माह की अंतिम तिथि यानि भाद्रपद पूर्णिमा पितरों के लिए महत्वपूर्ण होती है. इस तिथि से पितरों को समर्पित पितृपक्ष प्रारंभ होता है.