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Bhadli Navmi Shubh Muhurt: शुभ कार्यों का आज अंतिम दिन, अगले 4 महीने तक नहीं होंगे विवाह-मुंडन और ग्रह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य

Last Vivah Muhurt: शादी विवाह, मुंडन और ग्रह प्रवेश जैसे शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए आज अंतिम और बड़ा मुहूर्त है, आज से अगले 4 महीने तक कोई भी शुभ कार्य नहीं होंगे... 

Bhadli Navmi Shubh Muhurt: शुभ कार्यों का आज अंतिम दिन, अगले 4 महीने तक नहीं होंगे विवाह-मुंडन और ग्रह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य

शुभ कार्यों का आज अंतिम दिन, अगले 4 महीने नहीं होंगी शादियां, जानिए शुभ मुहूर्त

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डीएनए हिंदीः सनातन धर्म में कोई भी शुभ कार्य करने से पहले मुहूर्त देखा जाता है, इसके बाद ही शादी-विवाह मुंडन आदि किया जाता है. मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में मांगलिक कार्य करने से आगे चलकर किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है. पंचांग के अनुसार आज यानी, 27 जून 2023 का दिन विवाह के लिए सबसे बड़ा मुहूर्त (Last Vivah Muhurat 20230 है, जिसे भड़ली नवमी कहते हैं. आज से 2 दिन बाद यानी 29 जून 2023 को देव शयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi 2023) मनाया जाएगा, मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं. इसलिए इस दिन के बाद से अगले 4 महीने तक कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं होगा...

भड़ली नवमी का महत्व 

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भड़ली नवमी मनाया जाता है. इस बार ये शुभ तिथि आज यानी 27 जून 2023 को है. इस तिथि को अबूझ मुहूर्त के रूप में भी जाना जाता है. यही वजह है कि, इस दिन कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करने के लिए किसी विशेष मुहूर्त की जरूरत नहीं होती. 

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धार्मिक  मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु शयन के लिए चले जाते हैं. इसलिए इस दौरान कोई भी मांगलिक या शुभ कार्य नहीं किया जाता.  इसलिए भगवान विष्णु ने शयन काल से पहले की नवमी तिथि अपने भक्तों को शुभ कार्यों के लिए समर्पित की है.

ये है विवाह का शुभ मुहूर्त 

हिंदू पंचांग के अनुसार, आज 27 जून 2023 को विवाह के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5:25 से शाम 6:24 तक रहेगा. पंचांग के मुताबिक  इस दौरान हस्त नक्षत्र पड़ रहा है और तिथि नवमी रहेगी.

चतुर्मास में नहीं होते शुभ काम

सनातन धर्म में देवताओं के समक्ष सभी शुभ कार्य किए जाते हैं, इस दौरान उनका आवाहन किया जाता है. इसलिए जब देव सो जाते हैं उस दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता. ऐसे में न तो विवाह होता है, न ही मुंडन संस्कार और न ही गृह प्रवेश आदि किया जाता है. 

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इस बार 5 महीने तक चलेगा चतुर्मास 

इस बार सावन के महीने में मलमास या पुरुषोत्तम मास लग रहा है और इसी वजह से सावन का महीना 2 माह का होने जा रहा है. ऐसे में चतुर्मास भी 5 माह का होगा. इसलिए शुभ कार्यों के लिए जून में केवल आज यानी 27 जून का दिन ही आखरी है क्योंकि 29 जून को देव सो रहे हैं.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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