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Bageshwar Dham Tourist Hub: गली-गली में होम स्टे और रेस्टोरेंट लगे खुलने, पंडित धीरेंद्र शास्त्री का गढ़ गांव बन गया नया टूरिस्ट हब

Bageshwar Dham: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के गांव गढ़ा अब बिजनेस हब में बदल चुका है. गांव के सभी घर रेस्टोरेंट और होम स्टे में तब्दील हो चुके हैं.

Bageshwar Dham Tourist Hub: गली-गली में होम स्टे और रेस्टोरेंट लगे खुलने, पंडित धीरेंद्र शास्त्री का गढ़ गांव बन गया नया टूरिस्ट हब

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

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डीएनए हिंदी: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) के प्रसिद्ध होने के बाद उनके गांव की भी किस्मत चमक गई है. खेती बाड़ी के कामों में लगे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के गांव के लोगों ने अब कई नए तरह के बिजनेस शुरू कर दिए हैं. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) के गांव गढ़ा अब बिजनेस हब में बदल चुका है. दरअसल, यहां पर बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के दर्शन के लिए लोग बहुत दूर दूर से पहुंच रहे हैं ऐसे में यहां पर लोगों की भीड़ भी लगी रहती है. बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) छतरपुर रेलवे स्टेशन से करीब 25 किलोमीटर दूर है. हाईवे पर बसारी नाम की एक जगह है जहां से करीब 3 किलोमीटर दूर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) का गांव गढ़ा है. यहां गांव को पार करके लोग दर्शन के लिए जाते हैं ऐसे में गढ़ा गांव के ज्यादातर घर रेस्टोरेंट और होम स्टे में तब्दील हो चुके हैं. इतना ही नहीं यहां पर खेतों में भी टेंट लगाकर स्टे बना रखें हैं.

100 रुपए से लेकर 500 रुपए में कर सकते हैं स्टे
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के गढ़ा गांव में स्थानीय लोगों ने घरों से लेकर खेतों में लोगों के स्टे का इंतजाम कर रखा है. यहां पर आप 100 रुपए में खेतों में लगे टेंट में गद्दे पर स्टे कर सकते हैं. जबकि 500 रुपए देने पर आप पक्के मकान में बेड पर स्टे कर सकते हैं.

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सभी गलियों में हैं रेस्टोंरेट
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के गांव के सभी घरोंं में रेस्टोरेंट बन चुके हैं. यहां पर सभी घरों के बाहर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री तस्वीर लगी हुई हैं और सभी घरों में रुकने की व्यवस्था है. लोगों ने अपने रहने के लिए बनाए घरों को होटलों और होम स्टे में तब्दील कर दिया है. गांव की गलियों में होटलों और रेस्टोरेंट होने का नजारा बिल्कुल अलग दिखता है. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रसिद्ध होने के बाद उनका गांव बिजनेस हब में बदल गया है.

लाखों से भी ज्यादा हैं छोटी-छोटी दुकानों का किराया
गांव से गुजरते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के गांव में बहुत सारी टेंट और तंबू से दुकाने बना रखी है. इन दुकानों में भगवान के लिए प्रसाद और लोगों के खाने पीने का सामान मिलता है. साइज में छोटी और टेंटनुमा इन दुकानों के किराया बहुत ही ज्यादा है. यहां पर छोटी-छोटी दुकानों का किराया 20 हजार रुपए से भी ज्यादा है. कई दुकानों की किराया तो लाखों से भी ज्यादा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां मौजूद एक छोटी सी दुकान का किराया 1 लाख 14 हजार रुपए तक है. 

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मंगलवार और शनिवार को लगती है श्रद्धालुओं की भीड़
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के गढ़ा गांव की पहचान अब बागेश्वर धाम  के नाम से ही होती है. यहां पर मंगलवार और शनिवार के दिन श्रद्धालुओं की भीड़ और भी अधिक होती है. जब गांव में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मौजूद होते हैं तो भी यहां पर श्रद्धालुओं की बहुत भीड़ लगी रहती है. गांव के प्रसिद्ध होने की वजह से यहां के स्थानीय लोगों को बहुत फायदा हुआ है. यहां पर आस-पास कोई मार्केट भी नहीं ऐसे में लोगों की इसी गांव पर निर्भरता है.

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