धर्म
एक ब्रोकेज फर्म की मानें तो आने वाले दिनों में अयोध्या देश के कई शीर्ष धार्मिक नगरियों के पर्यटन को कमजोर कर टॉप पर होगी.
डीएनए हिंदीः अयोध्या में राम मंदिर की भव्य प्रतिष्ठा के बाद हर साल कम से कम 5 करोड़ पर्यटकों के शहर में आने की उम्मीद है. यह संख्या अमृतसर के स्वर्ण मंदिर और तिरूपति मंदिर से भी अधिक है. एक बार हवाई अड्डे जैसा बुनियादी ढांचा तैयार हो जाए तो यह उत्तर प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल होगा.
ब्रोकरेज फर्म जेफ़रीज़ ने एक रिपोर्ट में कहा कि नए हवाई अड्डे, पुनर्निर्मित रेलवे स्टेशन, टाउनशिप और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के साथ अयोध्या में 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश नए होटलों और अन्य आर्थिक गतिविधियों के साथ पर्यटन को प्रभावित करेगा.
एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि हर साल वाराणसी में 10 करोड़ सैलानी आते हैं. यह आंकड़ा इतना ज्यादा है कि टूरिजम के लिए मशहूर गोवा भी काफी पीछे छूट गया है. स्वतंत्र सर्वेक्षणों ने साल 2022 में गोवा की तुलना में वाराणसी में पर्यटकों की संख्या में 8 गुना वृद्धि का अनुमान लगाया था लेकिन अब ये रिकार्ड अयोध्या तोड़ सकती है, ऐसा दावा किया जा रहा है.
बता दें कि अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में हर साल लगभग 3.5 करोड़ लोग आते हैं, जबकि तिरुपति मंदिर में लगभग 3 करोड़ पर्यटक आते हैं. विश्व स्तर पर, वेटिकन सिटी में प्रति वर्ष लगभग 90 मिलियन पर्यटक आते हैं, और सऊदी अरब के मक्का में लगभग 20 मिलियन पर्यटक आते हैं.
जेफ़रीज़ के अनुसार, धार्मिक पर्यटन अभी भी भारत में पर्यटन का सबसे बड़ा खंड है. कई लोकप्रिय धार्मिक केंद्रों में मौजूदा बुनियादी ढांचे की बाधाओं के बावजूद 1 करोड़ से 3 करोड़ पर्यटक आते हैं. इसलिए, बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के साथ एक नए धार्मिक पर्यटन केंद्र (अयोध्या) का निर्माण बड़ा आर्थिक योगदान प्रदान कर सकता है.
वित्त वर्ष 2019 (कोविड-पूर्व) में पर्यटन ने सकल घरेलू उत्पाद में 194 बिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान दिया और वित्त वर्ष 2033 तक 8 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़कर 443 बिलियन अमेरिकी डॉलर होने की उम्मीद है. इसमें कहा गया है कि भारत में पर्यटन समेत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का अनुपात सबसे कम 6.8 प्रतिशत है. भारत के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अयोध्या एक उदाहरण हो सकता है.
अयोध्या में प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी
यदि आप अभी अयोध्या में रियल एस्टेट में निवेश करने पर विचार कर रहे हैं, तो आप कितने रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं? स्क्वायर यार्ड्स के सेल्स डायरेक्टर और प्रिंसिपल पार्टनर रवि निर्वाल ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण के बाद से अयोध्या में संपत्ति की कीमतें 5 से 10 गुना बढ़ गई हैं. संपत्ति के प्रकार और मंदिर से दूरी के आधार पर भूमि और संपत्तियों की कीमतें बढ़ी हैं. कीमत 2000 रुपये के बीच उतार-चढ़ाव कर रही है. मंदिर स्थल से 5-10 किमी के भीतर दर लगभग 20,000 रुपये प्रति वर्ग फुट है. उद्घाटन के बाद मंदिर शहर में लाखों पर्यटकों के आने की संभावना है. ऐसे में ये कीमतें 12-20 गुना तक बढ़ सकती हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी फर्म के दावे पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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