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25 November Ayodhya Event: 25 नवंबर को फिर अयोध्या पहुंचेंगे PM मोदी, इस पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठान में क्या होगा खास? 

Ayodhya: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में एक बार फिर भव्य आयोजन होने जा रहा है. इस आयोजन में पीएम मोदी मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराएंगे, और RSS प्रमुख मोहन भागवत समेत कई संत-महात्मा इस पावन क्षण के साक्षी बनेंगे. तो आइए जानें इस पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठान में क्या होगा खास... 

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25 November Ayodhya Event: 25 नवंबर को फिर अयोध्या पहुंचेंगे PM मोदी, इस पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठान में क्या होगा खास? 

Ayodhya News, Ram Mandir Dhwajarohan Five Day Vedic Preparations

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Ayodhya Upcoming Event: राम जन्मभूमि में ध्वजारोहण कार्यक्रम की तिथि नजदीक है, इसको लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही है. दरअसल, राम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर का निर्माण का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है. अब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर 25 नवंबर को भव्य ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा. PM नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) स्वयं मुख्य मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराएंगे, इस पावन अवसर पर RSS प्रमुख मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) समेत कई संत-महात्मा शामिल होंगे. बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम प्राण प्रतिष्ठा की तरह ही भव्य होगा, जो मंदिर निर्माण कार्य (Flag Hoisting Ceremony) पूर्ण होने का प्रतीक बनेगा. 

ध्वजारोहण समारोह से पहले होगा पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठान  

बता दें कि अयोध्या में 25 नवंबर 2025 को होने वाले भव्य ध्वजारोहण समारोह (Ayodhya Flag Hoisting Ceremony) से पहले, एक पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठान होगा. यह पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठान 21 नवंबर 2025 से शुरू होगा, जो कि 25 नवंबर 2025 यानी ध्वजारोहण समारोह के दिन समाप्त होगा. इस अनुष्ठान में अयोध्या, काशी और दक्षिण भारत के 108 वैदिक आचार्य शामिल होंगे और ध्वजारोहण के अनुष्ठान का नेतृत्व प्रसिद्ध विद्वान पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ करेंगे, इन्होंने ही ध्वजारोहण का शुभ मुहूर्त निकाला है. बता दें कि इस कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, पूजन और विशेष धार्मिक कर्मकांड संपन्न होंगे. 

साल में दो बार बदला जाएगा ध्वज, 2 ध्वज हो रहे तैयार 

बताया जा रहा है कि इस ध्वज को हर वर्ष दो बार चैत्र नवरात्र और शारदीय नवरात्र के अवसर पर बदला जाएगा. इसके लिए 2 ध्वज भी तैयार किए जा रहे हैं, किसी एक के प्रभावित होने की स्थिति में दूसरा तुरंत लगाया जा सके. मंदिर के शिखर पर फहराया जाने वाला ध्वज देश के कई स्थानों पर तैयार किया जा रहा है, जिनमें अहमदाबाद प्रमुख है. बता दें कि इसका इस्तेमाल एक वर्ष तक किया जाएगा, बाद में फिर आवश्यकता अनुसार नए ध्वज तैयार कराए जाएंगे. 

191 फीट ऊंचाई पर ध्वजारोहण 

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने बताया कि यह देश की पहली घटना होगी जब किसी मंदिर के शिखर पर 191 फीट की ऊंचाई पर ध्वज फहराया जाएगा. यह न केवल धार्मिक आयोजन होगा, बल्कि भारत की संस्कृति और आस्था का गौरव प्रतीक भी बनेगा. बता दें कि मंदिर के मुख्य गर्भगृह और शिखर क्षेत्र को अंतिम रूप दिया जा चुका है. इसके अलावा परकोटे की चारों दिशाओं में बनी दीवारों और मार्गों पर पत्थर की फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है. 

ध्वजारोहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत मुख्य मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराएंगे, जहां यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी, साधु-संतों के अलावा देशभर से आए कई श्रद्धालु मौजूद होंगे.  

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