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Ram Mandir: चंद्रपुर की सागौन के पेड़ से बनेंगे राम मंदिर के दरवाजे, पूजा-पाठ के बाद आज धूमधाम से अयोध्या भेजी जाएगी लकड़ी

Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है. मंदिर का गर्भगृह भी लगभग तैयार होता नजर आ रहा है.

Ram Mandir: चंद्रपुर की सागौन के पेड़ से बनेंगे राम मंदिर के दरवाजे, पूजा-पाठ के बाद आज धूमधाम से अयोध्या भेजी जाएगी लकड़ी

सागौन की लकड़ी से बनेंगे राम मंदिर के दरवाजे

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डीएनए हिंदी: रामजन्म भूमी अयोध्या (Ram Janmabhoomi) में राम मंदिर (Ram Mandir) का निर्माण कार्य बड़ी ही जोर-शोर से चल रहा है. भगवान राम के जन्म स्थान से जुड़ा होने की वजह से यह राम मंदिर (Ram Mandir) बहुत ही खास है. ऐसे में मंदिर निर्माण के लिए खास चीजों का ध्यान रखा जा रहा है. हाल ही में महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार (Sudhir Mungantiwar) ने बताया की मंदिर निर्माण के लिए सागौन की लकड़ी (Teak Wood) महाराष्ट्र (Maharshtra) के चंद्रपुर से भेजी जाएगी. मुनंगटीवार के अनुसार, लकड़ी (Teak Wood) भेजने से पहले उसकी पूजा होगी जिसके बाद बड़ी ही धूमधाम के साथ सागौन की लकड़ी अयोध्या भेजी जाएगी. बता दें कि, 1855 क्यूबिक फीट की सागौन की लकड़ी अयोध्या भेजी जाएगी. इस लकड़ी के लिए 1 करोड़ 32 लाख रुपए का समझौता हुआ है.

पूजा-पाठ और रैली के बाद अयोध्या भेजी जाएगी लकड़ी
सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बताया कि सागौन की लकड़ी अयोध्या भेजने से पहले भव्य रैली का आयोजन किया जाएगा. यह रैली आज 29 मार्च और कल रामनवमी के दिन आयोजित की जाएगी. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव के दौरान लोगों को इस रैली में भाग लेने के लिए कहा. उन्होंने यह भी बताया कि सागौन की लकड़ी की खेप बल्लापुर डिपो से अयोध्या भेजी जाएगी. इससे पहले पूजा का आयोजन भी किया जाएगा. इससे पहले अयोध्या से एक टीम लकड़ी चंद्रपुर पहुंचेगी. जो लकड़ी के उपयोग के बारे में बताएगी. मुनगंटीवार का कहना है कि हम चाहते हैं सागौन की लकड़ी से मंदिर के मुख्य द्वार का निर्माण हो. 

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70 प्रतिशत काम हो चुका है पूरा
अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है. मंदिर का गर्भगृह भी लगभग तैयार होता नजर आ रहा है. जनवरी 2024 में मकर संक्रांति के दिन रामलला को मंदिर के गर्भगृह में विराजमान कराने की योजना बनाई गई है. बता दें कि, मंदिर की पहली मंजिल का काम अक्टूबर 2023 तक पूरा हो जाएगा. 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले ही मंदिर दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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