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आषाढ़ मास में पड़ेंगे जगन्नाथ रथ यात्रा से लेकर पड़ेगी देवशयनी एकादशी, जानें महत्वपूर्ण तिथियों से लेकर व्रत और त्योहार

आषाढ़ महीना बहुत ही खास है. इस महीने में देवशयनी एकादशी पड़ती है, जब भगवान विष्‍णु 4 महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास की शुरुआत हो जाती है. 

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आषाढ़ मास में पड़ेंगे जगन्नाथ रथ यात्रा से लेकर पड़ेगी देवशयनी एकादशी, जानें महत्वपूर्ण तिथियों से लेकर व्रत और त्योहार
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Ashadha Month 2025 Festivals: हिंदू धर्म का चौथा महीना आषाढ़ मास जल्द शुरू होने वाला है. इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की जाती है. आषाढ़ महीना बहुत ही खास है. इस महीने में देवशयनी एकादशी पड़ती है, जब भगवान विष्‍णु 4 महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास की शुरुआत हो जाती है. इसके बाद देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चीर निद्रा से जागते हैं. आषाढ़ महीने में देवशयनी एकादशी के साथ ही कई व्रत और त्योहार आते हैं. इस साल आषाढ़ माह 2025 की शुरुआत 12  जून से होगी. यह अगले महीने 10 जुलाई 2025 तक रहेगा. आइए जानते हैं कौन से पर्व और व्रत पड़ेंगे. 

आषाढ़ माह के ये हैं प्रमुख व्रत और त्योहार

14 जून 2025 – संकष्टी गणेश चतुर्थी
15 जून 2025- मिथुन संक्रांति
21 जून 2025- योगिनी एकादशी
23 जून 2025- प्रदोष व्रत, मास शिवरात्रि
24 जून 2025- रोहिणी व्रत
25 जून 2025- अमावस्या, आषाढ़ अमावस्या
26 जून 2025- गुप्त नवरात्रि आरंभ, चंद्र दर्शन
27 जून 2025- जगन्नाथ रथयात्रा
06 जुलाई 2025- आषाढ़ी एकादशी, देवशयनी एकादशी
08 जुलाई 2025- भौम प्रदेाष व्रत, जया पार्वती व्रत प्रारंभ
10 जुलाई 2025- पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा, व्यास पूजा, सत्य व्रत

गुप्‍त नवरात्रि की होगी शुरुआत

साल में कुल 4 नवरात्रि आते हैं. इनमें से 2 गुप्त, एक चैत्र और दूसरे शारदीय होते हैं. इनमें आषाढ़   शुक्ल प्रतिपदा में गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होती है. यह नवमी को समाप्‍त होते हैं. इस साल 26 जून से गुप्‍त नवरात्रि की शुरुआत होगी. इनका अंत 4 जुलाई 2025 को होगा. 

जगन्नाथ रथयात्रा की होगी शुरुआत

जगन्नाथ रथयात्रा की शुरुआत 27 जून 2025 को होगी. उससे पहले ज्येष्ठ पूर्णिम को भगवान जगन्नाथ की स्नान यात्रा निकाली जाती है. इसमें भगवान जगन्नाथ के साथ ही बलभद्र और देवी सुभद्रा का स्वर्ण  कलशों से अभिषेक किया जाता है. इसके बाद आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को तीनों देवता भव्‍य और विशालकाय रथों में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलते हैं. 

इस दिन है देवश्यनी एकादशी

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी की देवश्यनी एकादशी कहते हैं. इसे आषाढ़ी एकादशी भी कहा जाता है. इसी दिन भगवान विष्णु 4 माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं. इसके साथ ही इस दिन से ही मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं. इनमें शादी विवाह से लेकर गृह प्रवेश से लेकर पूजन तक शामिल हैं. इस साल 6 जुलाई 2025 को देवशयनी एकादशी है.

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