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Ashadha Amavasya 2023: पितृ दोष से मुक्ति के लिए आषाढ़ी अमावस्या पर करें ये विशेष उपाय, जानें सटीक तिथि और पूजा विधि

Ashadha Amavasya 2023: आषाढ़ माह की अमावस्या को आषाढ़ी अमावस्या और हलहारिणी अमावस्या भी कहा जाता है.

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Ashadha Amavasya 2023: पितृ दोष से मुक्ति के लिए आषाढ़ी अमावस्या पर करें ये विशेष उपाय, जानें सटीक तिथि और पूजा विधि

Ashadha Amavasya 2023

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डीएनए हिंदीः सनातन धर्म में प्रत्येक माह की अमावस्या और पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है. इन दिनों पर पूजा-अर्चना और उपाय करने से जातक को कई लाभ मिलते हैं. अब जून महीने में आषाढ़ माह (Ashadha Maas) की अमावस्या (Ashadha Amavasya 2023) आने वाली हैं. आषाढ़ कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि को आषाढ़ माह (Ashadha Maas) की अमावस्या होती है इसे आषाढ़ी अमावस्या (Ashadha Amavasya 2023) और हलहारिणी अमावस्या भी कहा जाता है. आषाढ़ अमावस्या (Ashadha Amavasya 2023) पर स्नान दान और कुछ उपाय करने से पितृ दोषों से मुक्ति मिलती है. तो चलिए आपको आषाढ़ अमावस्या तिथि और इन उपायों के बारे में बताते हैं. 

कब हैं आषाढ़ अमावस्या 2023 (Ashadha Amavasya 2023 Date) 
आषाढ़ माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 17 जून 2023 को सुबह 9ः11 पर हो रही है जिसका समापन अगले दिन 18 जून 2023 को सुबह 10ः06 पर होगा. उदय तिथि के अनुसार आषाढ़ अमावस्या 18 जून को मनाई जाएगी. आषाढ़ अमावस्या के दिन स्नान दान का शुभ मुहूर्त 18 जून को सुबह 07 बजकर 08 मिनट से 12 बजकर 37 मिनट तक होगा.

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आषाढ़ अमावस्या पूजा विधि (Ashadha Amavasya 2023 Puja Vidhi)
अमावस्या तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है. अमावस्या पर विष्णु भगवान की पूजा और पितरों को तर्पण करने से लाभ मिलता है. इस दिन खास उपाय करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है. अमावस्या पर पवित्र नदी में स्नान आदि कर तर्पण करना चाहिए.

आषाढ़ अमावस्या पर पितृ दोष से मुक्ति के लिए करें ये उपाय (Ashadha Amavasya 2023 Upay)
- आषाढ़ माह की अमावस्या पर पितृ दोष से मुक्ति के लिए सुबह स्नान कर पितरों का तर्पण करना चाहिए.
- अमावस्या पर गरीबों को वस्त्र और अन्न का दान करने से भी पितृ दोष दूर होते हैं.
- इस दिन पितृ दोष से मुक्ति के लिए आपको पितृ स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. ऐसा करने पर पितृ प्रसन्न होते हैं.
- पितरों को प्रसन्न करने के लिए पंचबलि भोग या क्रिया कर सकते हैं. इसमें कुत्ता, गाय, कौआ आदि को अपने भोजन का अंश देते हैं.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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