Advertisement

Annapurna Mata Aarti: श्री अन्नपूर्णा माता की आरती करने से होगी धन धान्य, कीर्ति में बढ़ोतरी, यहां पढ़ें 

श्री अन्नपूर्णा माता आरती को शांत मन से करने से धन धान्य, कीर्ति में बढ़ोतरी होती है तथा सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. 

Latest News
Annapurna Mata Aarti: श्री अन्नपूर्णा माता की आरती करने से होगी धन धान्य, कीर्ति में बढ़ोतरी, यहां पढ़ें 

श्री अन्नपूर्णा माता आरती से होगी धन धान्य, कीर्ति में बढ़ोतरी, यहां पढ़ें 
 

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदीः यदि घर में अन्नपूर्णा माता चालीसा का पाठ किया जाए तो कभी भी खाद्यान्न और धन की कमी नहीं होती है. घर में हमेशा समृद्धि रहती है. अन्नपूर्णा माता हिन्दू धर्म में मान्य देवी-देवताओं में विशेष रूप से पूजनीय हैं. इन्हें माँ जगदम्बा का ही एक रूप माना गया है, जो की पूरे विश्व का संचालन करती हैं . इन्हीं माँ जगदम्बा का अन्नपूर्णा रूप संसार का भरण-पोषण करता है.

सूर्योदय के समय उठकर नित्य क्रिया से निवृत होकर स्नान करें और पूजा का स्थान को अच्छी तरह से साफ कर लें. तत्पश्चात पूजाघर में गंगाजल का छिड़काव करें. धूप, दीप, नैवेद्य तथा तिलक करने के बाद अन्नपूर्णा मां की आरती का पाठ करें . पूजन के पश्चात् यथासंभव गरीबों तथा जरूरतमंदों को अन्न दान करें .ऐसा माना  जाता है कि अन्नपूर्णा माता की आरती करने एवं रसोई में साफ सफाई रखने और अन्न का सदुपयोग करने अर्थात उसे बर्बाद न करने से मनुष्य के जीवन में कभी कोई भी बीमारी नहीं आती.

ऐसे भी मान्यता है कि अन्नपूर्णा माता की आरती करने से घर से हर प्रकार के कलह-क्लेश दूर रहते हैं तथा जो भी व्यक्ति मां अन्नपूर्णा की पूजा करता है . उसे मां का आर्शीवाद अवश्य प्राप्त होता है. तो चलिए देवी की आरती पढ़ें. 

बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम 

जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके, कहां उसे विश्राम .
अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम ॥

बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम .

प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर, कालान्तर तक नाम .
सुर सुरों की रचना करती, कहाँ कृष्ण कहाँ राम ॥

बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम .

चूमहि चरण चतुर चतुरानन, चारु चक्रधर श्याम .
चंद्रचूड़ चन्द्रानन चाकर, शोभा लखहि ललाम ॥

बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम .

देवि देव! दयनीय दशा में, दया-दया तब नाम .
त्राहि-त्राहि शरणागत वत्सल, शरण रूप तब धाम ॥

बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम .

श्रीं, ह्रीं श्रद्धा श्री ऐ विद्या, श्री क्लीं कमला काम .
कांति, भ्रांतिमयी, कांति शांतिमयी, वर दे तू निष्काम ॥

बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम .

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर

 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement