धर्म
गरुण पुराण लोगों को धार्मिकता के मार्ग पर चलने और पुण्य कर्मों में संलग्न होने के लिए प्रेरित करता है. साथ ही ये भी बताता है कि किस कर्म की क्या सजा होती है और कैसे इससे बच सकते हैं. आज आपको इसी पुराण के अनुसार बताएंगे किन लोगों को मरने के बाद स्वर्ग नहीं मिलता है.
मृत्यु और जन्म हमारे हाथ में नहीं हैं. लेकिन मृत्यु के बाद आत्मा को स्वर्ग या नर्क में जगह मिलेगी या नहीं यह व्यक्ति के कर्म पर निर्भर करता है. गरुड़ पुराण के 271 अध्यायों में से 35 अध्यायों में बताया गया है कि मृत्यु के बाद व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार क्या मिलता है. इसके अलावा इसमें यह भी बताया गया है कि किस गलती की सजा किसे मिलती है.
गरुड़ पुराण के अधिपति भगवान विष्णु हैं. मनुष्य की मृत्यु के बाद वास्तव में क्या होता है यह गरुड़ पुराण में बताया गया है. मृत्यु के बाद आत्मा को उसके पापों के अनुसार सबसे पहले नर्क में सजा मिलती है. इतना ही नहीं, गरुड़ पुराण में व्यक्ति के अगले जन्म के कर्मों के अनुसार उसके अगले जन्म और अगले जन्म का समय भी बताया गया है.
किन कर्मों के कारण मिलता है नर्क और अगला जन्म भी नरक समान होता है
1-गरुड़ पुराण के अनुसार जो व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए निर्दोष प्राणियों की हत्या करता है या पशु-पक्षियों को मारता है या उन पर अत्याचार करता है. उन्हें स्वर्ग में नहीं, बल्कि नर्क में जगह मिलती है. फिर इसे गर्म तेल में डाल दिया जाता है. उनका जन्म चांडाल के रूप में हुआ माना जाता है.
2-चोरी, धन चुराने, धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसे नरक में यमराज के दूत बांध कर मार देते हैं. ये लोग अगले जन्म में सियार, गिद्ध, साँप, गधा और कांच जाति में जन्म लेते हैं.
3-गरुड़ पुराण के अनुसार जो लोग बड़ों का अपमान करते हैं या उन्हें परेशान करते हैं. ऐसे लोगों को नर्क में भयानक सजा दी जाती है. ऐसा व्यक्ति तब तक नरक में डूबा रहता है जब तक उसकी खाल न उतर जाए.
4-जो लोग महिलाओं के साथ बलात्कार करते हैं, उनका शोषण करते हैं या उन्हें धोखा देते हैं. गरुड़ पुराण के अनुसार ऐसे लोगों को नर्क में मल-मूत्र से भरे कुएं में फेंक दिया जाता है. साथ ही उसका अगला जन्म नपुंसक के रूप में होता है.
5-जो लोग झूठ बोलते हैं उन्हें इस नर्क में भेजा जाता है. इसमें आत्मा को काफी ऊंचाई से नीचे फेंक दिया जाता है.
6-जो लोग बिना किसी कारण के पेड़ काटते हैं, उनकी मृत्यु के बाद नर्क में बिजली गिरती है.
7-जो लोग सूदखोरी करते हैं और असहायों से ब्याज वसूलते हैं, वे बिच्छुओं से भरे कुएं में फेंके जाते हैं.
गरुड़ पुराण के अनुसार कुल 36 नरक हैं. इसमें आपके कर्मों के अनुसार आपको उस नर्क की सजा दी जाती है.
Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)
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