धर्म
ज्योतिष शास्त्र में हर ग्रह का अपना एक खास दिन बताया गया है. इस खास दिन खास ग्रह के अनुसार पूजा, पाठ, मंत्र और विशेष ईश्वर की पूजा की जाती है. इतना ही नहीं के सोमवार से रविवार तक यानी 7 दिन अलग- अलग कार्य करने का भी विधान है. किसी खास दिन खास काम करना और कुछ काम करना निषेध होता है.
डीएनए हिंदी: सातों दिन पर अलग-अलग ग्रहों का आधिपत्य होता है और हर ग्रह के कुछ खास नियम ज्योतिष शास्त्र में वर्णित हैं. जैसे सोमवार का दिन चंद्र का तो मंगलवार का दिन मंगल का होता है. ऐसे ही हर दिन हर ग्रह और उस ग्रह से जुड़े भगवान का होता है.
ज्योतिष में दिन और ग्रहों के अनुसार कार्य करने की सलाह दी जाती है. ऐसा करने से ग्रह और ईश्वर का उस कार्य को आशीर्वाद मिलता है, जिससे उसमें सफलता मिलती है. तो चलिए जानें कि सोमवार से रविवार तक किस दिन किसको समर्पित है और उस दिन क्या विशेष काम करना चाहिए.
सोमवार
चंद्र का दिन सोमवार होता है. विवाह, नामकरण, गृह-निर्माण, विद्यालय में प्रवेश के लिए इस दिन काम करना चाहिए. इससे कार्य उम्दा और सफल होता है. इस दिन दक्षिण दिशा में यात्रा शुभ फलदायी होती है.
मंगलवार
इस दिन पर मंगल का आधिपत्य होता है. यानी मंगल ही मंगलवार के स्वामी हैं और मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है. इस दिन मकान की खरीद-बिक्री, वस्त्र खरीदना, सिलवाने से बचना चाहिए. इस दिन जन्में लोगों में क्रोध अधिक होता है. पूर्व व दक्षिण दोनों ही दिशाओं में यात्रा इस दिन नहीं करनी चाहिए.
बुधवार
इस दिन का स्वामी ग्रह बुध है और बुधवार का दिन गणपति जी को समर्पित होता है. यह दिन विशेष शुभ माना गया है. इस दिन पूर्व और पश्चिम की यात्रा करना शुभ होता है. गृह प्रवेश, हल चलाने, अध्ययन प्रारंभ करने व नए कपड़े पहनने के लिए यह दिन उत्तम है. इस दिन जन्म लेने वाले जातक धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं.
गुरुवार
इस दिन का स्वामी ग्रह बृहस्पति है और यह दिन सभी कार्यों के लिए शुभ माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. इस दिन किसी भी दिशा की यात्रा शुभ फलदायक सिद्ध होती है. इस दिन जन्म लेने वाले जातक सद्गुणी, धार्मिक रुचियों वाले तथा तेजस्वी होते हैं.
शुक्रवार
इस दिन का स्वामी ग्रह शुक्र है और इस दिन देवी पूजा करना शुभ होता है. देवी लक्ष्मी को ये दिन समर्पित होता है. इस दिन जन्म लेने वाले जातक प्रेम में विश्वास रखने वाले होते हैं. उनका जीवन विलासितापूर्ण होता है. इस दिन सूर्यास्त के पश्चात की गई यात्राएं और शाम को प्रारंभ किए गए सभी कार्य सिद्ध होते हैं.
शनिवार
इस दिन का स्वामी शनिदेव हैं और शनिवार को भी बजरंगबली की पूजा करती है. इस दिन बहुत सोच समझकर कोई काम करना चाहिए. लोहे, तेल या तिल अथवा चमड़े जैसी कोई भी काली चीज या कपड़ा खरीदना अशुभ हो ता है.इसका दान किया जा सकता है. इस दिन यात्रा या शुभ कार्य सोच समझ करना चाहिए. इस दिन जन्म लेने वाले अनेक जातकों को स्वास्थ्य परेशानियां रहती हैं.
रविवार
इस दिन के स्वामी ग्रह सूर्यदेव हैं. इस दिन सभी प्रकार के कार्य शुभ होते हैं. इस वार को जन्में जातक भाग्यशाली होते हैं और इस दिन पूर्व की दिशा में यात्रा करनी चाहिए. बता दें कि इस दिन ही राहु औ केतु की शांति के उपाय भी किए जाते हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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