धर्म
किस्मत अगर आपकी साथ नहीं देती या हाथ आई सफलता या धन भी निकल जाता है तो दुखी न हों, यहां कुछ ऐसे टोटकों के बारे में बताएंगे जो आपकी तकदीर को चमका देंगे.
डीएनए हिंदीः कई बार मेहनत और पूजा-पाठ के बाद भी बुरी किस्मत पीछा नहीं छोड़ती है. दरवाजे तक आई खुशियां या सफलता किस्मत खराब होने से लौट जाती है, अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो दुखी न हो और कुछ टोटके जरूर करें, ये टोटके सिद्ध उपाय हैं जिसका असर जरूर नजर आता है.
किसी उपाय को आजमाने से पहले कुछ बातों को जरूर ध्यान देना चाहिए. पहला कभी अपनी किस्मत को कोसना नहीं चाहिए,चाहे कितना भी बुरा दौर आए, इससे शनि-राहु और केतु तीनों और बुरे प्रभाव देने लगते हैं, अगर आप बुरे समय में भी बेहतर सोच रखेंगे तो आपकी पॉजिटिविटी बहुत काम आएगी. दूसरे कभी किसी दूसरे कि किस्मत को देखकर जलन न करें.
तो चलिए जानें कौन से हैं वो अचूक उपाय जो आपकी किस्मत को बदल सकते हैं
1- बजरंगबली की पूजा शुरू कर दें, क्योंकि हर संकट-विघ्न-बाधा से मुक्ति वही दिलाते हैं. हर मंगलवार और शनिवार को मंदिर जाकर भगवान की पूजा करें और वहीं बैठ कर हनुमान चालीसा का पाठ करें. कम से कम 21 बार मंगलवार और शनिवार ये उपाय जरूर करें.
2- बजरंबाण का पाठ रोज करें, इसके लिए पूजा के बाद एक शांत जगह पर सरसों के तेल का दीपक जलाकर इस पाठ को करें. ये उपाय भी आपको 21 दिन करना होगा.
3- गुरुवार के दिन केले के जड़ में जल दें और गुड़-चने की दाल का भोग लगाएं, इसके बाद भगवान बृहस्पति की कथा पढ़ें और हो सके तो इस दिन व्रत करें और पीली चीजों का दान करें
4-शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ में जल देकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं, ऐसा आपको कम से कम 21 शनिवार करना होगा.
5- जरूरतमंदों को भोजन कराएं और मौसम के अनुरूप दान करें. ध्यान रहे ये दान गुप्त होना चाहिए. किसी को ये बताएं नहीं.
6- घर में तुलसी और शमी के पेड़ को जल देकर रोज पूजा करें और शाम के समय दीपदान भी करें,
7- घर के बाहर हर दिन सूरज डूबने के बाद घर की चौखट पर सरसो के तेल में काले तिल डालकर दीपक जलाएं.
बस इनमें से कोई भी एक उपाय आप 21 दिन तक करें, आपको जरूर शुभ परिणाम मिलेंगे.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर.