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Chandra Grahan Sutak Time: आज चंद्र ग्रहण का सूतक काल किस समय से होगा शुरू? जान लें ग्रहण के वक्त किन नियमों का पालन करें

इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 7 सितंबर यानी आज रविवार को लग रहा है. इस दिन दोपहर से ही सूतक काल शुरू हो जाएगा. चंद्र ग्रहण का सूतक काल गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक होता है. चलिए जानें सूतक से जुड़े नियम-सावधानी और ग्रहण के समय के बारे में.

ऋतु सिंह | Sep 06, 2025, 09:53 AM IST

1.इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण

इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण
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इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण रविवार, 7 सितंबर को लगेगा. इसी दिन भाद्रपद पूर्णिमा भी होगी है. चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन और सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन होता है. चंद्र ग्रहण के दिन भाद्रपद पूर्णिमा सुबह 1:41 बजे शुरू होगा और रात 11:38 बजे तक रहेगा. यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य होगा. सूतक काल को अशुभ माना जाता है, इसलिए इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है.
 

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2.चंद्र ग्रहण कब से कब तक है रहेगा और सूतक कितने बजे से लगेगा?

चंद्र ग्रहण कब से कब तक है रहेगा और सूतक कितने बजे से लगेगा?
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इस वर्ष चंद्र ग्रहण रविवार, 7 सितंबर को रात 8:58 बजे शुरू होगा. यह 8 सितंबर को सुबह 1:25 बजे समाप्त होगा. रात 11:01 बजे से 12:23 बजे तक पूर्ण चंद्र ग्रहण रहेगा.

इसलिए 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू हो जाएगा. चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12:57 बजे शुरू होगा और 1:25 बजे समाप्त होगा. उसी समय चंद्र ग्रहण भी समाप्त हो जाएगा. चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू होता है और ग्रहण के साथ ही समाप्त होता है.

3.सूतक काल में गर्भवती महिलाएं क्या सावधानी रखें?

सूतक काल में गर्भवती महिलाएं क्या सावधानी रखें?
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चंद्र ग्रहण का सूतक काल गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसका गर्भ में पल रहे शिशु पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. इसलिए चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष मंत्रों का जाप करना चाहिए ताकि गर्भ में पल रहा शिशु सुरक्षित रहे.गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष रूप से सावधान रहना चाहिए. उन्हें ग्रहण के दौरान यथासंभव घर के अंदर ही रहना चाहिए. चूँकि चंद्रग्रहण रात्रि में होता है, इसलिए चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है. गर्भवती महिलाओं को ग्रहण नहीं देखना चाहिए. इस दौरान उन्हें चाकू जैसी नुकीली वस्तुओं का उपयोग करने की मनाही है.  
 

4.चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें-क्या नहीं?

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें-क्या नहीं?
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चंद्र ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार की भगवान की मूर्ति की पूजा नहीं करना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान पृथ्वी पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है. हालाँकि, इस दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रसार रुक जाता है. ग्रहण के दौरान भगवान के कमरे के दरवाजे बंद रखने चाहिए. इस दौरान धार्मिक कार्यक्रम आयोजित नहीं करने चाहिए और किसी भी तामसिक पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए.  
 

5.चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए मंत्र

चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए मंत्र
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1-रक्ष रक्ष गणाध्यक्ष रक्ष त्रैलोक्यरक्षक, भक्तानाम्भयं कर्ता त्राता भव भवार्णवत् 

गर्भवती महिलाएं ग्रहण के दौरान भगवान गणेश के इस मंत्र का जाप कर सकती हैं, इससे शिशु की रक्षा होती है.

2-ॐ श्रीकृष्णाय शरण मम, या कृष्ण वासुदेवाय हरये परमात्मने, प्राणथ क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः.

गर्भवती महिलाएं सभी प्रकार के दुखों और परेशानियों को दूर करने के लिए भगवान कृष्ण के इस मंत्र का जाप कर सकती हैं.

3- ॐ देवकीसुत गोविंदा वासुदेव जगत्पते देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गाथा 
गर्भवती महिलाएं ग्रहण के दुष्प्रभावों से बचने के लिए संतान गोपाल मंत्र का जाप कर सकती हैं.

4- नारायणीस्वरूपेण, बलं मे रक्षा सर्वदा, भूतप्रेतपिशाचेभ्यो, डाकिनी योगिनीषु च, मतेव रक्ष बाला मय, श्वापदे पन्गेषु च

यह समस्त जगत की माता देवी दुर्गा का एक प्रभावशाली मंत्र है. गर्भवती महिलाएं चंद्रग्रहण के दौरान भी इस मंत्र का जाप कर सकती हैं. इससे उनका शिशु सुरक्षित रहेगा.

6.इष्ट देव का नाम जपें

इष्ट देव का नाम जपें
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अगर आपको कोई मंत्र याद न आ रहा हो, तो अपने इष्ट देव का नाम जपें. अपने इष्ट देव या माता का नाम जपें. ग्रहण का प्रभाव आप पर नहीं पड़ेगा

7.ग्रहण समाप्त होने के बाद क्या करें

ग्रहण समाप्त होने के बाद क्या करें
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ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके साफ़ कपड़े पहनना ज़रूरी माना जाता है. गंगाजल से स्नान करके घर की अच्छी तरह सफ़ाई करनी चाहिए. इसके साथ ही ज़रूरतमंदों को दान देना चाहिए और ईश्वर की आराधना करनी चाहिए . ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से ग्रहण के बुरे प्रभावों से मुक्ति मिलती है.

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