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Turtle Ring Benefits: इस अंगूठी को पहनते ही बदलने लगती है बिगड़ी तकदीर, लेकिन जान लें पहनने के ये नियम

कछुए की अंगूठी को वास्तु और ज्योतिष दोनों में शुभ माना जाता है, लेकिन इसे पहनने की विधि और नियमों का ध्यानपूर्वक पालन करना बेहद ज़रूरी है. इन नियमों का पालन करने पर ही आपको अंगूठी का लाभ मिलेगा. आइए जानते हैं कि राशि के अनुसार किसे कछुए की अंगूठी पहननी चाहिए और इसके क्या नियम हैं.

ऋतु सिंह | Jul 20, 2025, 08:21 AM IST

1.कछुए की अंगूठी पहनने के फायदे

कछुए की अंगूठी पहनने के फायदे
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ज्योतिष शास्त्र में कछुए को बहुत भाग्यशाली माना जाता है और यह जीवन में सुख, समृद्धि, धन और सौभाग्य लाता है. ज्योतिषियों का कहना है कि कछुए की अंगूठी का संबंध देवी लक्ष्मी से है और अगर इस अंगूठी को सही समय पर पहना जाए तो देवी लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है. वास्तु और ज्योतिष दोनों में ही कछुए की अंगूठी को शुभ माना जाता है, लेकिन इसे पहनने की विधि और नियमों का ध्यानपूर्वक पालन करना बेहद ज़रूरी है.
 

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2. कछुए को शांति और धैर्य का प्रतीक माना जाता है

 कछुए को शांति और धैर्य का प्रतीक माना जाता है
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कछुए की अंगूठी पहनने वाले व्यक्ति को जीवन में हर तरह की खुशियां प्राप्त होंगी और आर्थिक समस्याएं भी दूर होंगी. कछुए को शांति और धैर्य का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस अंगूठी को पहनने वाले व्यक्ति के जीवन में धैर्य और शांति बनी रहेगी. इस अंगूठी को पहनने से धन संबंधी परेशानियाँ दूर होंगी और नौकरी व व्यवसाय में भी सफलता मिलेगी.
 

3.कछुए की अंगूठी पहनत समय ध्यान रखें ये बात

कछुए की अंगूठी पहनत समय ध्यान रखें ये बात
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कछुए की अंगूठी पहनते समय ध्यान रखें कि कछुए का मुख हमेशा आपकी ओर रहे. तभी धन आपकी ओर आकर्षित होगा और जीवन में सुख-समृद्धि आएगी. अगर मुख बाहर की ओर होगा, तो धन पानी की तरह बहेगा. शास्त्रों में केवल चांदी की कछुए की अंगूठी को ही मान्यता दी गई है, क्योंकि ये चंद्रमा, बुध और लक्ष्मी का प्रतिनिधित्व करती हैं.
 

4.अंगूठी निकालने के बाद दोबारा कैसे पहनें?

अंगूठी निकालने के बाद दोबारा कैसे पहनें?
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कछुए की अंगूठी को निकालने के बाद दोबारा पहनने के कुछ नियम हैं. इस अंगूठी को कहीं भी नहीं रखा जा सकता. अंगूठी निकालने के बाद अंगूठी को मंदिर में देवी लक्ष्मी के चरणों में रखना होता है. इसके बाद अगले दिन स्नान करके साफ कपड़े पहनें. फिर अंगूठी को दूध से भरे बर्तन में रखें और फिर देवी लक्ष्मी के चरणों में रखकर दोबारा पहन लें. इसे पहनने के बाद 108 बार ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्मीयै नमः मंत्र का जाप करें.
 

5.किस दिन कछुए की अंगूठी पहननी चाहिए

किस दिन कछुए की अंगूठी पहननी चाहिए
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कछुए की अंगूठी केवल दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली में ही पहनी जा सकती है. शुक्रवार के दिन शुभ मुहूर्त में ही अंगूठी पहनना शुभ माना जाता है क्योंकि शुक्रवार का दिन धन की देवी लक्ष्मी और भौतिक सुखों के स्वामी शुक्र को समर्पित है. शुक्रवार के दिन शुभ मुहूर्त में इसे पहनने से धन में वृद्धि होती है और देवी लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है.
 

6.इन राशियों वाले लोगों को नहीं पहननी चाहिए ये अंगूठी

इन राशियों वाले लोगों को नहीं पहननी चाहिए ये अंगूठी
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ज्योतिषी से सलाह लेकर ही कछुए वाली अंगूठी पहननी चाहिए. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मेष, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि वालों को ज्योतिषी से सलाह लिए बिना कछुए वाली अंगूठी नहीं पहननी चाहिए. अगर इन राशियों वाले लोग कछुए वाली अंगूठी पहनते हैं, तो वे ग्रह दोषों का शिकार हो सकते हैं और उन्हें नुकसान होने लग सकता है. सिंह और तुला राशि वालों को कुंडली बनवाने के बाद ही कछुए वाली अंगूठी पहननी चाहिए.
 

7.ऐसे धारण करें

ऐसे धारण करें
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बाजार से खरीदी गई कछुए की अंगूठी को बिना शुद्ध किए धारण करना अशुभ होता है. अंगूठी धारण करने से पहले अंगूठी को गंगाजल, दूध, शुद्ध जल, शहद, घी आदि से बने पंचामृत से शुद्ध करें. फिर उसे धूप-दीप दिखाकर लक्ष्मी मंत्र या कछुआ बीज मंत्र से अभिमंत्रित करें. 

Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है. 

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