धर्म
Nitin Sharma | Feb 18, 2026, 01:02 PM IST
1.कुंडली में राजयोग बनने से व्यक्ति की आती है मौज

ग्रहों के इसी फेरबदल के बीच कुछ लोगों की कुंडली में ग्रह ऐसे जगह विराजमान होते हैं, जिससे राजयोग का निर्माण होता है. यह राजयोग व्यक्ति को जीवन में अपार सफलता, धन लाभ, मान-सम्मान और तरक्की दिलाता है. इन योग के बनने मात्र से व्यक्ति को धन, दौलत, वैभव और शोहरत की प्राप्त होती है. आइए जानते हैं जन्मकुंडली में बनने वाले ये 5 राजयोग कौन से हैं.
2.क्या होता है राजयोग

जब भी किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रह शुभ स्थिति में मौजूद होते हैं. इन ग्रहों के प्रभाव से राजयोग बनता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में सुख, वैभव, सपन्नता और उच्च पदों की प्राप्ति होती है. राजयोग व्यक्ति का जीवन में सुख, समृद्धि और राजपाठ दिलाता है. वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में राजयोग का निर्माण तब होता है, जब लग्नेश, भाग्येश, केंद्र और त्रिकोण भाव के स्वामी ग्रहों की आपस में संबंध स्थापित होता है.
3.धन योग

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडी के दूसरा, पंचमी, नवमी और एकादश भाव का स्वामी ग्रह होने पर धन योग बनता है. धन योग के बनने से व्यक्ति के जीवन में आर्थिक तरक्की होती है. धनी कमी दूर होने के साथ ही व्यक्ति बहुत ही ऐशोआराम के साथ जीवन व्यातीत करता है.
4.गजकेसरी राजयोग

जब भी किसी व्यक्ति की कुंडली में देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा केंद्र भाव में होने पर गजकेसरी राजयोग बनता है. कुंडली में गजकेसरी राजयोग बनने पर व्यक्ति को बुद्धि, धन और प्रतिष्ठिा प्राप्त होती है. ऐसे व्यक्ति थोड़ी मेहनत से ही बड़ी सफलता प्राप्त कर लेते हैं.
5.विपरीत राजयोग

कुंडली के छठे, आठवें और बारहवें भाव में पापी ग्रह के बैठने पर विपरीत राजयोग बनता है. हालांकि इस योग की गिनती भी राजयोग में होती है. यह शुभ फल प्रदान करता है. इस राजयोग के बनने के कारण व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सफलता प्राप्त कर लेता है.
6.धर्मा कर्माधिपति राजयोग

किसी भी व्यक्ति की कुंडली के नवम और दशम भाव में उसके स्वामी ग्रह स्थापित होते हैं तो धर्म कर्माधिपति योग बनता है. इस राजयोग के बनने पर व्यक्ति को उच्च पदों की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही भाग्य जागृत हो जाता है. ऐसा जातक जीवन में बहुत तरक्की और मान-सम्मान की प्राप्ति करता है.
डिस्क्लेमर- यह जानकारी सामान्य ज्योतिष के आधार पर लिखी गई है. अधिक जानकारी के लिए ज्योतिषाचार्य से संपर्क करें.
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