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शनि के प्रकोप से बचाता है भगवान शिव का ये प्रिय रुद्राक्ष, धारण करने से ही दिखने लगता है असर, जानें पहनने के नियम

ज्योतिष में जिस तरह कुंडली और ग्रहों का महत्व होता है. ऐसे ही रत्न शास्त्र भी ग्रहों का प्रति​निधित्व करते हैं. इतना ही महत्व रुद्राक्ष का होता है. रुद्राक्ष महादेव के प्रिय हैं, इसकी वजह रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आसुओं से होना है. रुद्राक्ष 1 से 21 मुखी तक के होते हैं.

Nitin Sharma | Jul 19, 2025, 11:57 AM IST

1.रुद्राक्ष का महत्व

रुद्राक्ष का महत्व
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इनमें एक रुद्राक्ष ऐसा है, जिसे धारण करने से मात्र से शनि की साढ़े साती से लेकर ढैय्या का प्रकोप कम हो जाता है. रुद्राक्ष धारण करने से केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद लाभदायक होता है.

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2.1 से 21 मुखी के आते हैं रुद्राक्ष

1 से 21 मुखी के आते हैं रुद्राक्ष
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रुद्राक्ष 1 से लेकर 21 मुखी तक के होते हैं. सभी की अपनी एक अलग विशेषता होती है. लोग रुद्राक्ष को माला, ब्रेसलेट व अंगूठी के रूप में धारण कर सकते हैं.

3.रुद्राक्ष धारण करने से मिलते हैं ये फायदे

रुद्राक्ष धारण करने से मिलते हैं ये फायदे
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रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक से लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से लाभ मिलते हैं. इन्हें धारण करने मात्र से महादेव की कृपा प्राप्त होती है.

4.शनि के प्रकोप से बचाता है ये रुद्राक्ष

शनि के प्रकोप से बचाता है ये रुद्राक्ष
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रुद्राक्ष की उत्पति महादेव के आंसुओं से हुई है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रुद्राक्ष शनि के प्रकोप से बचाता है. अगर आप शनि की साढ़े साती या ढैय्या से पीड़ित हैं तो 7 या 14 मुखी रुद्राक्ष धारण कर सकते हैं. इससे शनि का प्रकोप कम होता है.

5.शनिदोष से मिलती है मुक्ति 

शनिदोष से मिलती है मुक्ति 
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अगर आप की कुंडली में शनिदोष लग गया है तो इससे निजात पाने के लिए 11 मुखी रुद्राक्ष धारण कर सकते हैं. इससे आपके जीवन में चल रहे कष्ट खत्म हो जाएंगे.

6.रुद्राक्ष धारण के नियम

रुद्राक्ष धारण के नियम
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रुद्राक्ष को ऐसे ही धारण नहीं किया जाता है. इसके कई नियम होते हैं. इसी के बाद रुद्राक्ष धारण करने का लाभ मिलता है.

7.ऐसे धारण करें रुद्राक्ष

ऐसे धारण करें रुद्राक्ष
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अगर आप शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या फिर शनिदोष से प्रभावित हैं और रुद्राक्ष धारण कर रहे हैं तो इसे शनिवार के दिन ही धारण करें. इसके साथ ही इसे लाल रंग के धागे में पिरोकर धारण करना शुभ होता है. रुद्राक्ष धारण करने के ​बाद मांसाहार व शराब का सेवन नहीं करना चाहिए.

8.Disclaimer

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Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और अंक ज्योतिष की गणनाओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टी नहीं करता है. 

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