धर्म
ऋतु सिंह | May 08, 2026, 06:39 AM IST
1.कई बार धोखा बाहर वाला नहीं, बल्कि अपना ही दे जाता है

कभी-कभी सबसे बड़ा धोखा बाहर वाला नहीं, बल्कि अपना ही दे जाता है. कई लोग सामने से बेहद भरोसेमंद, मददगार और भावुक दिखाई देते हैं, लेकिन समय आने पर वही इंसान रिश्तों में दूरी, स्वार्थ या चालाकी दिखाने लगता है. न्यूमेरोलॉजी में इसे सिर्फ व्यवहार नहीं, बल्कि व्यक्तित्व की ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है. (फोटो एआई)
2.किन मूलांक पर उठती है उंगली?

अंक ज्योतिष के अनुसार जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख को होता है, उनका मूलांक 1 बनता है. वहीं 2, 11, 20 और 29 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 2 माना जाता है और जिनका मूलांक 7, 16 और 25 को होता है वह मूलांक 7 के होते हैं. दिलचस्प बात यह है कि ये तीनों मूलांक बाहर से बहुत अलग दिखते हैं, लेकिन रिश्तों में इनकी कुछ आदतें लोगों को अंदर तक आहत कर सकती हैं. तो चलिए जानें आखिर क्यों करते हैं ये ऐसा. (फोटो एआई)
3.मूलांक 1 वाले लोग क्यों अपने मतलब को रिश्तों से ऊपर रख देते हैं

मूलांक 1 का स्वामी सूर्य माना जाता है. सूर्य नेतृत्व, अहं और खुद को साबित करने की ऊर्जा देता है. यही वजह है कि इस मूलांक के लोग अक्सर हर रिश्ते में खुद को केंद्र में देखना चाहते हैं. इनकी सबसे बड़ी ताकत आत्मविश्वास होती है, लेकिन कई बार यही चीज स्वार्थ जैसी दिखाई देने लगती है. अगर इन्हें लगे कि कोई रिश्ता इनके लक्ष्य, सम्मान या महत्वाकांक्षा के रास्ते में आ रहा है, तो ये भावनात्मक दूरी बनाने लगते हैं. कई बार सामने वाला व्यक्ति समझ ही नहीं पाता कि जो इंसान कल तक साथ खड़ा था, वह अचानक इतना बदल क्यों गया. ये जीतने और आगे बढ़ने की चाह इन्हें रिश्तों में कठोर बना सकती है. यही कारण है कि कई लोग इन्हें “काम निकलने तक साथ रहने वाला” मान लेते हैं. (फोटो एआई)
4.मूलांक 2 वाले लोग सीधे धोखा नहीं देते, लेकिन भावनात्मक खेल खेल सकते हैं

मूलांक 2 का संबंध चंद्रमा से माना जाता है. ये लोग बेहद भावुक, संवेदनशील और अंदर से असुरक्षित माने जाते हैं. बाहर से ये शांत और अपनेपन से भरे दिखते हैं, लेकिन इनके मन में लगातार भावनाओं का उतार-चढ़ाव चलता रहता है. इसी वजह से कई बार ये लोग सामने वाले को पूरी सच्चाई नहीं बताते. टकराव से बचने के लिए बातें छिपाना, आधी बात कहना या एक साथ दो लोगों को खुश रखने की कोशिश करना इनके स्वभाव में देखा जाता है. धीरे-धीरे यही आदत रिश्तों में भ्रम और अविश्वास पैदा कर देती है. ये लोग जानबूझकर नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन भावनात्मक अस्थिरता के कारण ऐसे फैसले ले लेते हैं, जिनसे अपने ही लोग आहत हो जाते हैं. (फोटो एआई)
5.मूलांक 7 वाले अपने हिसाब से फायदा निकालने वाले होते हैं

अंकशास्त्र के अनुसार मूलांक 7 के बारे में अक्सर यह कहा जाता है कि इन केतु का प्रभाव ज्यादा होता है.केतु रहस्य और भ्रम से जुड़ा माना जाता है. इसी वजह से ये मूलांक के लोग बातों में माहिर होते हैं, लेकिन कई बार यही हुनर उन्हें परिस्थितियों के हिसाब से सच छिपाने या अपने फायदे के लिए कहानी बदलने की ओर ले जाता है. ये लोग अक्सर जिसकी मदद से आगे बढ़ते हैं और जो इनके लिए हमेशा बेहतरीन काम करता है, समय आने पर ये मौकापरस्त बन कर अपना फायदा देखते हैं. कई बार ये पीठ पीछे उन्हीं की कमियां निकालते हैं और उनके साथ लॉयल भी नहीं रहते हैं. ये हर चीज को हल्के में लेते हैं और उनको लगता है कि वह कोई गंभीर काम नहीं कर रहे ऐसा कर के. लेकिन असल में ऐसा करना धोखे की कैटेगरी में ही आता है. आम जिंदगी में इसका असर यह होता है कि लोग इनके साथ रहते हुए भी पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर पाते. (फोटो एआई)
6.रिश्तों में क्यों आता है धोखे का खतरा

यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति ऐसा ही हो, लेकिन इन मूलांक के लोगों में एक खास प्रवृत्ति देखी जाती है- वे भावनाओं से ज्यादा मौके को प्राथमिकता देते हैं. जब उन्हें लगता है कि कोई रिश्ता या स्थिति उनके हित में नहीं है, तो वे बिना ज्यादा पछतावे के रास्ता बदल लेते हैं.इसका सीधा असर दोस्ती, पार्टनरशिप और यहां तक कि पारिवारिक रिश्तों पर भी पड़ सकता है, जहां भरोसा सबसे अहम होता है. (फोटो एआई)
7.पैसे और करियर में क्या होता है असर

दिलचस्प बात यह है कि यही गुण कई बार इन्हें करियर में आगे भी ले जाता है. ये लोग तेज दिमाग और मौके पहचानने में माहिर होते हैं, इसलिए बिजनेस या नेटवर्किंग में जल्दी ग्रोथ कर लेते हैं, लेकिन अगर यही चालाकी गलत दिशा में चली जाए, तो पार्टनरशिप टूटने, आर्थिक नुकसान या बदनामी का कारण भी बन सकती है. यानी जो गुण ताकत है, वही कमजोरी भी बन सकता है. (फोटो एआई)
8.एक छिपा पहलू जो कम लोग समझते हैं

अंकशास्त्र के जानकार मानते हैं कि यह सब सिर्फ ग्रहों का खेल नहीं है, बल्कि व्यक्ति का माइंडसेट भी उतना ही अहम है. अगर इन मूलांक के लोग अपनी ऊर्जा को सही दिशा में इस्तेमाल करें, तो वे बेहतरीन कम्युनिकेटर, रणनीतिकार और लीडर बन सकते हैं. मतलब यह कि धोखा देना इनकी मजबूरी नहीं, बल्कि एक विकल्प होता है-जिसे बदला जा सकता है. (फोटो एआई)
9.आपको क्या समझना चाहिए?

अगर आपके आसपास या रिश्तों में ऐसे लोग हैं, तो आंख बंद करके भरोसा करने की बजाय संतुलन बनाए रखना ज्यादा समझदारी होगी. साथ ही, अगर आपका खुद का मूलांक ऐसा है, तो यह समझना जरूरी है कि आपके फैसले दूसरों पर कितना असर डालते हैं. थोड़ी पारदर्शिता और ईमानदारी न सिर्फ रिश्तों को बचा सकती है, बल्कि आपकी छवि को भी मजबूत करती है.
अंकशास्त्र एक प्राचीन प्रणाली है, जो जन्मतिथि के आधार पर व्यक्ति के स्वभाव और जीवन के पैटर्न को समझने की कोशिश करती है. आज के समय में इसे लोग आत्म-विश्लेषण और व्यवहार सुधार के एक टूल के रूप में भी देखने लगे हैं. (फोटो एआई)
डिस्क्लेमर- यह जानकारी अंक सामान्य ज्योतिष और ग्रह- नक्षत्रों के आधार पर लिखी गई है. जरूरी नहीं की सबका अनुभव एक सा हो. ग्रहों और कुंडली से भी परिणाम बदल जाते हैं. अधिक जानकारी के लिए ज्योतिषाचार्य से संपर्क करें
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