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नीम करौली बाबा की ये 7 बातें गांठ बांध लें, तिजोरियां भरती रहेंगी और बाधाएं हटती रहेंगी

नीम करौली बाबा (Neem Karoli Baba) की 7 बातें ऐसी हैं जिन्हें अगर आपने जीवन में उतार लीं तो धन, शांति और सम्मान तीनों बढ़ेंगे. मेंटल स्ट्रेस भी कम होगा और लाइफ में अपने आप खुशियां भी बढ़ने लगेंगी.

ऋतु सिंह | May 20, 2026, 01:51 PM IST

1.नीम करौली बाबा ने लोगो को जीवन जीने का तरीका सिखाया है

नीम करौली बाबा ने लोगो को जीवन जीने का तरीका सिखाया है
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क्या सिर्फ मेहनत करने से जीवन की सारी परेशानियां खत्म हो जाती हैं? कई लोग दिन-रात काम करते हैं, फिर भी घर में तनाव, पैसों की तंगी और काम में रुकावट बनी रहती है. ऐसे में लोग सिर्फ सफलता नहीं, मन की शांति और स्थिरता भी खोजने लगते हैं. इसी वजह से आज भी लाखों लोग नीम करौली बाबा की बातों और जीवन दर्शन से प्रेरणा लेते हैं. माना जाता है कि बाबा ने लोगों को सिर्फ पूजा-पाठ नहीं, बल्कि ऐसा जीवन जीने का तरीका सिखाया जिसमें मन मजबूत रहे, रिश्ते बेहतर हों और जीवन की बाधाएं धीरे-धीरे कम होने लगें. उनकी कई सीखें आज के तनाव भरे और कॉम्पटिशन वाले दौर में पहले से ज्यादा प्रासंगिक महसूस होती हैं. (फोटो एआई)

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2.हर समय शिकायत करने की आदत छोड़ें, वरना सुख भी बोझ लगने लगता है

हर समय शिकायत करने की आदत छोड़ें, वरना सुख भी बोझ लगने लगता है
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कहा जाता है कि नीम करौली बाबा हमेशा संतोष और कृतज्ञता पर जोर देते थे. आज का इंसान अक्सर अपनी कमियों पर ज्यादा ध्यान देता है. अच्छी नौकरी हो तो बड़ी सैलेरी चाहिए, सैलेरी बढ़े तो बड़ा घर चाहिए. यह दौड़ कभी खत्म नहीं होती. यही वजह है कि कई लोग पैसा होने के बाद भी भीतर से परेशान रहते हैं. आध्यात्मिक जानकार मानते हैं कि लगातार शिकायत करने वाला मन धीरे-धीरे निगेटिविटी को आकर्षित करने लगता है.
जबकि आभार की भावना मानसिक शांति और निर्णय लेने की क्षमता दोनों को बेहतर बनाती है.  (फोटो एआई)

3.दूसरों से जलन करने वाला व्यक्ति खुद की तरक्की रोक लेता है

दूसरों से जलन करने वाला व्यक्ति खुद की तरक्की रोक लेता है
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बाबा की शिक्षाओं में प्रेम और ईर्ष्या से दूरी बनाने की बात बार-बार कही जाती है. आज सोशल मीडिया के दौर में कंपैरिजन बहुत तेजी से बढ़ा है. लोग दूसरों की सक्सेस देखकर खुद को असफल महसूस करने लगते हैं. लेकिन कई आध्यात्मिक विचारकों का मानना है कि jealousy इंसान की ऊर्जा को धीरे-धीरे कमजोर करती है. ऐसा व्यक्ति अपने काम पर ध्यान देने के बजाय दूसरों को देखने में ज्यादा समय गंवा देता है. सबसे अहम माना जाता है- कई बार हमारी सबसे बड़ी बाधा बाहर नहीं, बल्कि भीतर की असुरक्षा होती है.  (फोटो एआई)

4.सेवा और दान सिर्फ धर्म नहीं, मानसिक शक्ति भी बन सकते हैं

सेवा और दान सिर्फ धर्म नहीं, मानसिक शक्ति भी बन सकते हैं
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नीम करौली बाबा को सेवा भाव से विशेष जुड़ाव रखने वाला संत माना जाता है. उनकी मान्यता थी कि जरूरतमंद की मदद करने से सिर्फ सामने वाले का नहीं, बल्कि मदद करने वाले का मन भी हल्का होता है. आज मेंटल स्ट्रेस और अकेलेपन के दौर में यह बात और ज्यादा महत्वपूर्ण लगती है. मदद करने की आदत  इंसान के भीतर पॉजिटिविटी बढ़ाता है और तनाव कम करने में मदद कर सकता है. यानि दान और सेवा सिर्फ धार्मिक कर्म नहीं, इमोशनल हीलिंग का तरीका भी बन सकते हैं.  (फोटो एआई)
 

5.मन में छल और दिखावा रखने से रिश्ते कमजोर होने लगते हैं

मन में छल और दिखावा रखने से रिश्ते कमजोर होने लगते हैं
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बाबा ने हमेशा अपनी शिक्षाओं में सरलता और सच्चाई को बहुत महत्व दिया था.आज कई लोग बाहर से बहुत अच्छे दिखते हैं, लेकिन भीतर फ्रस्टेशन, गुस्सा और इंसिक्योरिटी छिपाए रहते हैं. धीरे-धीरे यही चीज रिश्तों में दूरी और मानसिक अशांति का कारण बनने लगती है. बाबा भी कहते थे कि जो व्यक्ति जरूरत से ज्यादा दिखावा करता है, वह भीतर से सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस करता है. यही कारण है कि बाबा हमेशा सादगी और साफ सोच-विचार पर जोर देते थे.  (फोटो एआई)
 

6.क्रोध और जल्दबाजी कई बार भाग्य से ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं

क्रोध और जल्दबाजी कई बार भाग्य से ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं
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नीम करौली बाबा ने हमेश ये कहा था कि गुस्से में लिया गया फैसला अक्सर पछतावा देता है. इसलिए हमेशा विपरीत स्थितियों में भगवान के शरण में बैठों और शांत मन और दिमाग करने के बाद ही किसी चीज पर फैसला करो. बाबा ने हमेशा अपने भक्तों को मन की शांति के लिए प्रयास करने पर जोर दिया. बाबा क्रोध को हमेशा कमजोरी मानते थे. उनका कहना था जो क्रोध से जीत जाता है वह जीवन में हमेशा आगे बढ़ता है. इसलिए जीवन में अगर आपको सफल होना है तो गुस्सा- चिड़चिड़ापन को त्यागना ही होगा. (फोटो एआई)

7.विश्वास और धैर्य को है सबसे बड़ी ताकत

विश्वास और धैर्य को है सबसे बड़ी ताकत
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नीम करौली बाबा धैर्य और विश्वास की ताकत पर जोर देते थे. उनका कहना था जो धैर्य और ईश्वर पर विश्वास करता है वह सफल जल्दी होता है. अगर आपजल्दी पैसा, जल्दी सफलता और तुरंत पहचान पाने की चाह कई बार मानसिक दबाव बढ़ा देती है. लेकिन जीवन में बड़ी सफलता अक्सर धीरे-धीरे बनती है. जो लोग कठिन समय में टूटते नहीं, वही आगे चलकर मजबूत स्थिति में पहुंचते हैं. यही वजह थी की बाबा हमेश धैर्य को साइलेंट पावर कहा करते थे. (फोटो एआई)
 

8.सिर्फ पूजा नहीं, व्यवहार भी बदलना जरूरी माना जाता है

सिर्फ पूजा नहीं, व्यवहार भी बदलना जरूरी माना जाता है
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बाबा की सीख का सबसे महत्वपूर्ण पहलू शायद यही है. कई लोग मंदिर जाते हैं, पूजा करते हैं, लेकिन व्यवहार में गुस्सा, जलन, नकरात्मकता, कहवाहट बनाए रखते हैं.
ऐसे में जीवन में शांति आना मुश्किल हो जाता है.  बाबा हमेशा कहते है जीवन में किसी भी काम में सफल होना है तो सोच साफ रखे, दूसरों के लिए बुरा न सोचे, मेहनत ईमानदारी से करे और जरूरतमंद की मदद करें और  खुद को भीतर से शांत रखे तो जीवन में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव महसूस होने लगते हैं.

यानी तिजोरी सिर्फ पैसों से नहीं भरती, कई बार अच्छा व्यवहार, मजबूत रिश्ते और शांत मन भी इंसान को सबसे अमीर बना देते हैं.  (फोटो एआई)

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