धर्म
ऋतु सिंह | Jan 26, 2026, 08:45 PM IST
1.ये सामने से कुछ और अंदर कुछ और ही होती हैं

अक्सर कुछ लोग जब हर्ट होते हैं या किसी काम या बात में ठगा सा महसूस करते हैं तो ये कहते हैं कि उनकों बातों में फंसा लिया गया था या उसकी मीठी बातों में मैं आकर धोखा खा गया. असल में ये लोग ऐसी राशि वालों के चुंगल में फंस जाते हैं जो अक्सर अपना काम निकलवाने के लिए बहुत ही चालाकी से मीठी बातें करती हैं और जब काम निकल जाता है तो मुंह फेर लेती हैं. ये सामने से कुछ और अंदर कुछ और ही होती हैं.
2.ये राशियां बात, रणनीति और भावनात्मक समझ में तेज होती हैं

असल में ज्योतिष के अनुसार कुछ राशियों की ये फितरत होती है कि वो स्वार्थ में अंधी हो जाती हैं और अपने काम के लिए लोगों का यूज तक कर लेती हैं. ज्योतिष के अनुसार यह केवल आदत या चालाकी नहीं, बल्कि कुछ खास ग्रहों की ऊर्जा का प्रभाव होता है. कुछ राशियां जन्म से ही संवाद, रणनीति और भावनात्मक समझ में तेज होती हैं. यही गुण कई बार उन्हें स्वार्थी या अवसरवादी बना देता है.
3.स्वार्थ और स्मार्टनेस का फर्क समझना जरूरी है

ज्योतिष यह नहीं कहता कि कोई राशि बुरी होती है. लेकिन यह जरूर बताता है कि कौन सी राशि अपने फायदे को पहले रखती है और कौन सी राशि भावनाओं का इस्तेमाल रणनीति की तरह करती है. यही नहीं और कौन सी राशि मीठे शब्दों से काम निकालने में माहिर होती है.
4.मिथुन राशि होते हैं शब्दों का जादूगर

मिथुन राशि का शासक ग्रह बुध होता है और बुध तेज दिमाग के साथ इनको हाजिर जवाब और वाकपट्टु यानी बोली में जादुई शक्ति देता है. सीधे शब्दों में कहें तो मिथुन राशि को बोलने का वरदान मिला होता है. बुध इन्हें तेज दिमाग और भाषा पर पकड़ देता है. ये स्वार्थी इसलिए लोगों को लगते हैं क्योंकि ये स्थिति के अनुसार बात बदल लेते हैं और सामने वाले की कमजोरी जल्दी पकड़ लेते हैं. ये दो क्वालिटी इनको आसानी से लोगों को अपने मुठ्ठी में कर लेती है. जहां इनको मौका मिलाता है वह काम निकालने के लिए अपनी चाल चल देते हैं. मिथुन वाले भावनाओं से ज़्यादा तर्क से चलते हैं
5.मिथुन वाले तब ज्यादा खतरनाक होते हैं जब...

अगर मिथुन राशि वाले की कुंडली में बुध राहु से प्रभावित हो तो व्यक्ति मीठी बातों में हेरफेर करने लगता है.और अक्सर ये लोग धोखेबाजी कर जाते हैं या किसी को षड्यंत्र में फंसा देते हैं.
6.तुला राशि वाले संतुलन के नाम पर उठाते हैं फायदा

तुला राशि का शासक ग्रह शुक्र होता है. वैसे तो तुला वालें बाहर से बेहद सौम्य, आकर्षक और सभ्य दिखते हैं. लेकिन अंदर से ये हर कदम लाभ-हानि देखकर उठाते है. ये सामने जितने मीठे होते हैं उतने ही पीछे से खतरनाक और चालबाज भी.
7.तुला राशि किस तरह से करते हैं लोगों का इस्तेमाल?

किसी को सीधे मना नहीं करती सामने वाले को खास महसूस कराती है रिश्तों को जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करती है. तुला वालों का जब शुक्र कमजोर और बुध मजबूत हो, तो तुला भावनात्मक नहीं बल्कि कूटनीतिक हो जाती है.
8.वृश्चिक राशि वाले होते हैं भावनाओं का खिलाड़ी

वृश्चिक राशि वालो का शासक ग्रह मंगल और केतु होता. वृश्चिक भावनात्मक गहराई में सबसे आगे होती है. इन्हें पता होता है कि कौन-सी बात सामने वाले के दिल को छुएगी. और इसी मौके का ये फायदा उठाते हैं. हालांकि न तो ये स्वार्थी होते हैं न ही चालबाज लेकिन जरूरत हो तो काम निकालने के लिए ये थोड़ो मेनुप्लेटिव हो जाते हैं.
9.इनका स्वभाव कैसा होता है?

वृश्चिक वाले चुपचाप भरोसा जीतते हैं और समय आने पर फायदा उठाते हैं. हालांकि ये बदले और लाभ दोनों को नहीं भूलते नहीं है. यानी आप इनके साथ जैसा करेंगे वो आपको वैसा ही रिटर्न करेंगे. अगर वृश्चिक वालों पर केतु का प्रभाव होता है इन्हें रहस्यमयी और रणनीतिक बनाता है.
10. मकर राशि वाले मीठी बात नहीं, मीठा प्लान

मकर राशि वालों का शासक ग्रह शनि होता है.मकर खुलकर मीठी बातें नहीं करती, लेकिन जरूरत पड़े तो बहुत शालीनता से काम निकलवा लेती है.
11.मकर राशि कब बनते हैं स्वार्थी?

मकर राशि वाले भावनाओं से ज़्यादा लक्ष्य देखती है और रिश्ते भी उपयोगिता के आधार पर निभाती है. ये मेहनत के नाम पर दूसरों से काम ले लेती है.अगर मकर राशि वाले शनि के प्रभाव में हों तो शनि इन्हें प्रैक्टिकल और सेल्फ-सर्विंग बनाता है, लेकिन धोखेबाज़ नहीं.
12.मीन राशि वाले उठाते हैं भावुकता का फायदा

मीन राशि का शासक ग्रह गुरु होता है और इनपर नेपच्यून का भी प्रभाव होता है. मीन को लोग मासूम समझ लेते हैं, लेकिन ये भावनाओं का गहरा खेल जानती है.
13.मीन वाले कब होते हैं स्वार्थी?

मीन वाले खुद को पीड़ित दिखाकर सामने वाले की सहानुभूति जगाकर अपना काम निकाल लेते है.हालांकि ये धूर्त नहीं होते. अगर मीन राशि वालों का गुरु कमजोर हो तो मीन भावनात्मक स्वार्थ की ओर झुक जाती है.
14.ध्यान रहे ये बात

ज्योतिष के अनुसार कोई भी ग्रह स्वभाव देते हैं लेकिन निर्णय इंसान करता है.ज्योतिष यह बताता है कि कौन मीठी जुबान से काम निकालता है और कौन भावनाओं से और कौन रणनीति से लेकिन यह तय इंसान को करना होता है कि वह इन गुणों का इस्तेमाल समझदारी से करे या स्वार्थ के लिए.
डिस्क्लेमर- यह जानकारी सामान्य ज्योतिष के आधार पर लिखी गई है. अधिक जानकारी के लिए ज्योतिषाचार्य से संपर्क करें.
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