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Numerology: ये 3 मूलांक चेहरे पर मासूम लेकिन चालें चलने में होते हैं माहिर, अपने बनकर कर सकते हैं बड़ा खेल

Which Birth date is Envious?: आपके आस-पास भी ऐसे लोग जरूर होंगे जो मुंह पर तो खूब मीठा बोलते हैं और आपके हितैषी नजर आते हैं लेकिन अंदर ही अंदर वो आपसे जलते हैं और आपकी लंका लगाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं. अंक ज्योतिष में कुछ खास मूलांक के लोगों को इस कैटेगरी में रखा गया है.

ऋतु सिंह | May 20, 2026, 07:15 AM IST

1. हर मीठा बोलने वाला आपका अपना हो, जरूरी नहीं

 हर मीठा बोलने वाला आपका अपना हो, जरूरी नहीं
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हर मुस्कुराने वाला इंसान दिल से आपका अपना हो, यह जरूरी नहीं. कुछ लोग इतने अपनापन से बात करते हैं कि आप उनके सामने अपने मन की हर बात खोल देते हैं… लेकिन बाद में वही बातें आपके खिलाफ इस्तेमाल होने लगती हैं. न्यूमेरोलॉजी में कुछ मूलांक ऐसे माने जाते हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि ये लोग बेहद स्मार्ट, दिमागी और परिस्थितियों के हिसाब से खुद को बदलने वाले होते हैं. यही वजह है कि कई बार इनके व्यक्तित्व को “एक चेहरे पर कई चेहरे” वाला भी कहा जाता है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति ऐसा ही होगा, लेकिन numerology में मूलांक 1, 2, 3 और 5 से जुड़े लोगों को लेकर ऐसी चर्चाएं काफी होती हैं कि ये लोग सामने दोस्ती निभाते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर तुलना, जलन या रणनीति भी चलाते रहते हैं. (फोटो एआई)

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2.मूलांक 1 वाले लोग क्यों रखते हैं अंदर छिपी प्रतिस्पर्धा?

मूलांक 1 वाले लोग क्यों रखते हैं अंदर छिपी प्रतिस्पर्धा?
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जिन लोगों का जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 1 माना जाता है.
न्यूमेरोलॉजी में इस अंक को नेतृत्व और इगो से जोड़कर देखा जाता है. ऐसे लोग अक्सर आगे रहना पसंद करते हैं. समस्या तब शुरू होती है जब इन्हें लगता है कि कोई दूसरा उनसे ज्यादा तारीफ या सफलता पा रहा है. कई बार मूलांक 1 वाले लोग सामने सपोर्ट करते दिखते हैं, लेकिन भीतर ही भीतर कंपैरिजन करते रहते हैं. अगर इनसिक्योरिटी बढ़ जाए तो ये इनडायरेक्ट तरीके से दूसरे के काम में बाधा डालने या उसकी image कमजोर करने की कोशिश भी कर सकते हैं. इनकी सबसे बड़ी ताकत कॉन्फिडेंस होती है, लेकिन यही चीज कभी-कभी कंट्रोल बिहेवियर में बदल जाती है. (फोटो एआई)
 

3.मूलांक 2 वाले लोग सीधे नहीं, दिमाग से खेलते हैं?

मूलांक 2 वाले लोग सीधे नहीं, दिमाग से खेलते हैं?
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मूलांक 2 को भावनाओं और चंद्रमा से जोड़ा जाता है. इन लोगों की सबसे बड़ी खासियत यह मानी जाती है कि ये सामने वाले के मन को जल्दी पढ़ लेते हैं. यही वजह है कि कई लोग इनके सामने अपने सीक्रेट्स और कमजोरियां आसानी से बता देते हैं. लेकिन न्यूमेरोलॉजी में माना जाता है कि अगर मूलांक 2 का व्यक्ति इमोशनली इंसिक्योर या जेलेस हो जाए, तो वह सीधे टकराव के बजाय इनडायरेक्ट तरीके अपनाता है. जैसे: चुगलखोरी, इमोशनल मैनिपुलेशन, बातों को घुमा देना, सामने मीठा व्यवहार करना. नकी पर्सनैलिटी का डिडन एंगल यही माना जाता है कि ये खुलकर दुश्मनी कम दिखाते हैं, लेकिन अंदर की नाराजगी लंबे समय तक रख सकते हैं. (फोटो एआई)

4.मूलांक 3 वाले लोग इमेज और इनफ्लुएंस को लेकर ज्यादा सेंसेटिव क्यों होते हैं?

मूलांक 3 वाले लोग इमेज और इनफ्लुएंस को लेकर ज्यादा सेंसेटिव क्यों होते हैं?
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जिनका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 3 माना जाता है. न्यूमेरोलॉजी में इसे गुरु और social image से जोड़कर देखा जाता है. ऐसे लोग अक्सर चाहते हैं कि समाज में उनकी पहचान मजबूत रहे. उन्हें अटैंशन, रिस्पैक्ट और इनफ्लुएंस  पसंद होता है. लेकिन कई बार यही चाहत कंपैरिजन में बदल जाती है. अगर इन्हें लगे कि कोई दूसरा उनसे ज्यादा चमक रहा है, तो वे अंदर ही अंदर असहज महसूस कर सकते हैं. कुछ न्यूमेरोलॉजिस्ट मानते हैं कि मूलांक 3 वाले लोग कई बार अपनी बातों और नेटवर्किंग का इस्तेमाल सेचुएशन को अपने फेवर में करने के लिए करते हैं. यानी ये सीधे लड़ाई से ज्यादा इमेज गेम खेलने में विश्वास रख सकते हैं. (फोटो एआई)

5.मूलांक 5 वाले लोग क्यों माने जाते हैं सबसे अनप्रिडिक्टेबल?

मूलांक 5 वाले लोग क्यों माने जाते हैं सबसे अनप्रिडिक्टेबल?
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मूलांक 5 को बुध ग्रह और तेज दिमाग से जोड़ा जाता है. ये लोग बातों के बहुत तेज, सोशल और अडाप्टेबल माने जाते हैं. इनकी सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि ये हर माहौल में खुद को ढाल लेते हैं, लेकिन यही क्वालिटी कई बार “multiple personality behavior” जैसी लगने लगती है.कई बार मूलांक 5 वाले लोग अलग-अलग लोगों के सामने अलग व्यवहार करते दिखाई देते हैं. इन्हें इंफॉर्मेशन गैदर करना पसंद होता है और कई बार unknowingly वे लोगों की पर्सनल बातें आगे भी शेयर कर देते हैं. न्मेंयूमेरोलॉजी माना जाता है कि अगर ये लोग निगेटिव माइंडसेट  में चले जाएं, तो गॉसिप, मैनिपुलेशन और माइंड गेम में काफी आगे निकल सकते हैं. (फोटो एआई)

6.आखिर लोग दूसरों से जलन क्यों करने लगते हैं?

आखिर लोग दूसरों से जलन क्यों करने लगते हैं?
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इस पूरी चर्चा का सबसे जरूरी हिडेंन एंगल शायद न्यूमेरोलॉजी नहीं, बल्कि ह्यूमन साइकोलॉजी है. अक्सर लोग तब ज्यादा जेलेस महसूस करते हैं जब उन्हें खुद की जिंदगी में असंतोष हो, कंपैरिजन बढ़ जाए, वैलीडेशन की आदत हो, अटैंशन कम मिलने लगे यानी कई बार सामने वाला व्यक्ति आपसे नहीं, बल्कि आपकी सक्सेस, कॉन्फिडेंस या लोगों के प्यार से परेशान होता है. न्यूमेरोलॉजी सिर्फ पर्सनैलिटी पैटैर्न समझने का एक तरीका हो सकता है, लेकिन हर इंसान का व्यवहार उसकी परवरिश, अनुभव और मानसिक स्थिति से भी प्रभावित होता है. (फोटो एआई)
 

7.ऐसे लोगों से कैसे बचें?

ऐसे लोगों से कैसे बचें?
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हर स्वीट बिहेवियर पर तुरंत भरोसा करना जरूरी नहीं. अगर कोई व्यक्ति बार-बार पर्सनल बातें पूछता हो, दूसरों की चुगली करता हो, सामने सपोर्ट और पीछे निगेटिविटी फैलाता हो, जरूरत से ज्यादा कंपैरिजन करता हो तो थोड़ा सतर्क रहना बेहतर माना जाता है. सबसे जरूरी बात यह है कि अपनी योजनाएं, कमजोरियां और निजी तनाव हर किसी के साथ share न करें. क्योंकि कई बार लोग आपकी भावनाएं समझने के लिए नहीं, बल्कि आपकी “कमजोर नस” पहचानने के लिए करीब आते हैं. (फोटो एआई)

8.न्यूमेरोलॉजी क्या कहती है?

न्यूमेरोलॉजी क्या कहती है?
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न्यूमेरोलॉजी किसी व्यक्ति का पूरा चरित्र तय नहीं करती, बल्कि कुछ पर्सनैलिटी टेक्निक और बिहेवियर पैटर्न को समझने का तरीका मानी जाती है. हर मूलांक में पॉजिटिव और निगेटि दोनों पक्ष होते हैं. अगर व्यक्ति सेल्प अवेयर हो, तो वही गुण लीडरशिप, कम्युनिकेशन और इंटेलिजेंस में बदल सकते हैं. लेकिन इनसिक्योरिटी बढ़ जाए, तो वही चीज मैनिपुलेशन और जेलस का रूप ले सकती है. (फोटो एआई)

डिस्क्लेमर- यह जानकारी अंक सामान्य ज्योतिष और ग्रह- नक्षत्रों  के आधार पर लिखी गई है. जरूरी नहीं की सबका अनुभव एक सा हो. ग्रहों और कुंडली से भी परिणाम बदल जाते हैं. अधिक जानकारी के लिए ज्योतिषाचार्य से संपर्क करें

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