धर्म
Nitin Sharma | Jul 10, 2025, 05:35 PM IST
1.सावन का आध्यात्मिक महत्व क्या है

हिंदू धर्म में सावन का महीना बेहद पवित्र होता है. मान्यता है कि इसमें भगवान शिव और मां पार्वती पृथ्वी लोक में आते हैं. यही वजह है कि इस महीने में महादेव और मां पार्वती की पूजा अर्चना की जाती है. इस दौरान तामसिक भोजन लहसुन प्याज से लेकर मांस और शराब के सेवन का मनाही होती है. इन सभी चीजों का सेवन पाप माना जाता है.
2.सावन बारिश और नमी का मौसम

वैज्ञानिक रूप से देखें तो सावन का मौसमी बारिश और मी से भर होता है. इसमें बहुत ज्यादा उमस रहती है. ऐसे मौसम में संक्रमण का खतरा भी बहुत ज्यादा रहता है. इतना नहीं इस मौसम में मांस से लेकर उल्टे सीधे खानपान बैक्टीरिया से तेजी फैलता है, जो अच्छे खासे व्यक्ति की सेहत को बिगाड़ सकते हैं.
3.उल्टी दस्त का रहता है सबसे ज्यादा खतरा

सावन का महीना बारिश का होता है. इसमें मछलियों की ब्रीडिंग होती है. यही वजह है कि इस मौसम और महीने में भूलकर भी मछलियों का सेवन नहीं करना चाहिए. इससे बीमारियों का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है. इसमें मछलियों में संक्रमण के चलते व्यक्ति में भी संक्रमण आने की वजह से उल्टी दस्त होने का खतरा बढ़ जाता है.
4.डाउन हो जाती है इम्युनिटी

बारिश के मौसम में संक्रमण का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है. वहीं इम्युनिटी डाउन हो जाती है. इसकी वजह से शरीर बीमारियों से लड़ने में असफल रहता है. इस मौसम में नॉन-वेज को खाना कई बीमारियों को न्योता देता है. यही वजह है डॉक्टर भी इस माह में नॉनवेज न खाने की सलाह देते हैं.
5.आसानी से नहीं पचता नॉनवेज

बारिश का महीना मेटाबॉलिज्म को स्लो कर देता है. इसका प्रभाव पाचन शक्ति पर पड़ता है, जिसकी वजह से तामसिक भोजन सेहत के लिए नुकसानदायक होता है. शरीर को इसे पचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. पाचन के लिए शरीर पर ज्यादा दबाव पड़ने पर गैस, अपच, एसिडिटी और भारीपन महसूस होता है. यह इम्यून सिस्टम को विक कर देता है.
6.शराब से होती है पानी की कमी

गर्मी के मौसम में शराब सेहत के लिए कहीं ज्यादा नुकसानदायक होती है. बारिश के मौसम में शराब का सेवन और भी खतरनाक हो जाता है. यह बॉडी में डिहाइड्रेशन पैदा करती है. इसकी वजह से ब्लड प्रेशर स्पाइक होने लगता है.