धर्म
ज्योति वर्मा | Jul 12, 2025, 01:48 PM IST
1.सावन में क्यों लगानी चाहिए मेहंदी

11 जुलाई से सावन के महीने की शुरुआत हो चुकी है और सावन मास भगवान शिव को समर्पित है. शास्त्रों में इस मास का विशेष महत्व बताया गया है. कहा जाता है कि सावन मास की शुरुआत हरियाली से होती है. सावन में चारों ओर हरियाली ही हरियाली होती है. सावन मास में भगवान शिव की पूजा के साथ-साथ मेहंदी लगाने का भी विशेष महत्व है. इस परंपरा का न केवल सौंदर्य से संबंध है, बल्कि इसका धार्मिक महत्व भी है. सावन में मेहंदी क्यों लगानी चाहिए और इसके क्या लाभ हैं? चलिए जानते हैं.
2.सावन मास में लोग अपने हाथों पर मेहंदी क्यों लगाते हैं?

सावन मास में महिलाओं के मेहंदी लगाने का कारण प्रकृति से जुड़ा माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, सावन मास में मेहंदी प्रकृति से एकाकार होने के लिए लगाई जाती है. वैज्ञानिक कारण देखें तो मेहंदी लगाने से शरीर को ठंडक मिलती है. जिसका असर आपकी सेहत पर भी पड़ता है. जैसे कि सावन मास में खूब बारिश होती है, इसलिए आपको स्किन संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है. मेहंदी का शरीर पर ठंडा प्रभाव पड़ता है, तो इससे त्वचा संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद मिलती है.
3.सावन में स्त्री-पुरुषों को ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करना चाहिए

पुराणों के अनुसार, सावन मास में स्त्री-पुरुषों को ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करना चाहिए. इन दिनों मेहंदी लगाने के पीछे का एक कारण यह भी है कि स्त्री-पुरुषों को ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करना चाहिए. इसके अलावा, मेहंदी मन को नियंत्रित रखने में भी मदद करती है क्योंकि इसकी प्रकृति शीतल मानी जाती है.
सावन मास में प्रायः नवविवाहित लड़कियां अपने माता-पिता के घर जाती हैं, जो अपने पति से दूर रहते हैं, और वहां वे भक्ति भाव से भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करती हैं.
4.सावन में मेहंदी लगाना होता है शुभ

मेहंदी को सुहाग का प्रतीक माना जाता है. हथेली पर मेहंदी का रंग जितना गहरा होता है, जीवनसाथी के बीच उतना ही सामंजस्य और प्रेम बना रहता है. सावन को प्रकृति और पुरुष के मिलन का महीना माना जाता है. इसी महीने में भगवान शिव और पार्वती का मिलन हुआ था. भगवान शिव ने देवी पार्वती को अपनी पत्नी बनने का आशीर्वाद दिया था. महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य प्राप्त करने के लिए अपने हाथों पर मेहंदी लगाती हैं. रक्षा बंधन और गोकुलाष्टमी जैसे त्योहार भी सावन में आते हैं. मान्यता के अनुसार रक्षा बंधन के दिन मेहंदी लगाने से भाई की आयु बढ़ती है और भाई-बहन के रिश्ते में हमेशा मधुरता बनी रहती है.
5.मेहंदी और देवी पार्वती का संबंध

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी पार्वती ने भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए सावन मास में कठोर तपस्या की थी. तभी से, सावन का पर्व महिलाओं के लिए सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना से जुड़ा माना जाता है. इस माह में मेहंदी लगाने से देवी पार्वती प्रसन्न होती हैं. ऐसा कहा जाता है कि इससे पति की लंबी आयु और वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है.