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मानसिक शांति और सुकून चाहिए तो इन 6 मंदिरों का टेक लें माथा, तन और मन हो जाएगा रिचार्ज

How to Deal with Stress: अगर तनाव और अशांति से आपका हाल बुरा हो गाया है और मानसिक शांति की तलाश है तो आपको इन 6 मंदिरों तक पहुंचना होगा. यहां आने के बाद आपका तन और मन उत्साह से रिचार्च हो जाएगा.

ऋतु सिंह | Jun 17, 2025, 10:14 AM IST

1.पॉजिटिव एनर्जी से भर जाएगा मन

पॉजिटिव एनर्जी से भर जाएगा मन
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आज आपको कुछ ऐसे धार्मिक स्थलों के बारे में बताएंगे जहां जाकर न केवल आपको सुकून और मानसिक शांति मिलेगी बल्कि आपके अंदर पॉजिटिव एनर्जी भी आएगी. यहां अगर आप माथा टेक लें तो देवी-देवताओं की कृपा भी आप पर बनी रहेगी.आज आपको उन 6 धार्मिक स्थलों के बारे में बताएंगे जो आत्मिक शांति के लिए प्रसिद्ध हैं
 

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2.स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर, नई दिल्ली

स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर, नई दिल्ली
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नई दिल्ली में स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर का निर्माण 6 नवंबर 2005 को गुलाबी पत्थरों और सफेद संगमरमर का उपयोग करके किया गया था. मंदिर में शानदार वास्तुकला और कला है. अक्षरधाम का अर्थ है ईश्वर का दिव्य निवास. यह धार्मिक स्थल भक्ति, शांति और दिव्य अनुभव के लिए समर्पित है. यह एक दिव्य स्थान है जिसमें भगवान की लगभग 200 मूर्तियाँ हैं. अक्षरधाम मंदिर में आने वाले लोग आध्यात्मिक प्रगति प्राप्त करते हैं. 
 

3.प्रम्बानन हिंदू मंदिर, इंडोनेशिया

प्रम्बानन हिंदू मंदिर, इंडोनेशिया
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यह इंडोनेशिया का सबसे ऊंचा और सबसे प्रभावशाली हिंदू मंदिर है. यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल, यह हिंदू मंदिर कैंडी में प्रम्बानन मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. इंडोनेशिया में भारतीयों द्वारा सबसे अधिक देखी जाने वाली जगह प्रम्बानन हिंदू मंदिर है. हम अकेले प्रम्बानन मंदिर परिसर में 240 मंदिर देख सकते हैं. उनमें से कुछ भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त हो गए हैं. यहाँ ब्रह्मा, विष्णु और महेश्वर की हिंदू त्रिमूर्ति की पूजा करने की परंपरा है . देवताओं की इन त्रिमूर्ति के मंदिर के सामने उनके वाहन अंगसा, गरुड़ और नंदी के मंदिर हैं.
 

4.कैलासा मंदिर, एलोरा

कैलासा मंदिर, एलोरा
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एलोरा में स्थित कैलाश मंदिर एक बहुत ही प्राचीन मंदिर है, जिसका इतिहास 1200 साल से भी पुराना है. भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर कैलाश पर्वत का प्रतिनिधित्व करता है. जब आप इस मंदिर को देखते हैं, तो यह कैलाश पर्वत के आकार का दिखाई देता है. इस अद्भुत वास्तुकला वाले मंदिर को किसने बनवाया, इसका कोई प्रमाण नहीं है. हालाँकि, यहाँ मिले कुछ शिलालेखों के अनुसार, यह समझा जा सकता है कि इसे राष्ट्रकूट राजा कृष्णराज प्रथम ने बनवाया था. जो भी इस मंदिर को इसकी खूबसूरत नक्काशी के साथ देखता है, वह वहीं अचंभित रह जाता है. हालाँकि कई लोगों ने इस मंदिर को नष्ट करने की कोशिश की है, लेकिन वे ऐसा करने में सफल नहीं हो पाए हैं.   
 

5.अंगकोर वाट मंदिर, कंबोडिया

अंगकोर वाट मंदिर, कंबोडिया
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कंबोडिया में अंगकोर वाट मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित एक मंदिर है और यह दुनिया के सबसे खूबसूरत मंदिरों में से एक है. इसके निर्माण के समय खमेर साम्राज्य अस्तित्व में था. 12वीं शताब्दी में निर्मित यह मंदिर मूल रूप से भगवान विष्णु को समर्पित था, लेकिन समय के साथ धीरे-धीरे बौद्ध मंदिर बन गया. मंदिर, जो कंबोडिया का राष्ट्रीय प्रतीक है, इसकी दीवारों और स्तंभों पर रामायण और महाभारत जैसी पौराणिक कहानियाँ अंकित हैं.
 

6.स्वर्ण मंदिर, अमृतसर

स्वर्ण मंदिर, अमृतसर
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इस मंदिर को बाहर से देखने वाला कोई भी व्यक्ति अवाक रह जाएगा. क्योंकि यह मंदिर सोने से बना है. इस मंदिर में जाति या धर्म की परवाह किए बिना कोई भी जा सकता है. स्वर्ण मंदिर की शुरुआत एक छोटे से ईंट के मंदिर के रूप में हुई थी और बाद में 1800 के दशक में महाराजा रणजीत सिंह ने स्वर्ण मंदिर का संगमरमर और तांबे से पुनर्निर्माण किया और गर्भगृह को सोने की परत चढ़ाई. यह स्वर्ण मंदिर भारत में सबसे अधिक देखे जाने वाले मंदिरों में से एक है, जो हर दिन 60,000 से अधिक भक्तों को आकर्षित करता है. रात के समय मंदिर को दी जाने वाली सोने की परत एक 

7.बृहदेश्वर मंदिर, तमिलनाडु

बृहदेश्वर मंदिर, तमिलनाडु
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तमिलनाडु में बृहदेश्वर मंदिर एक ऐसा मंदिर है जो 11वीं शताब्दी का है. इस बात के प्रमाण हैं कि इस खूबसूरत मंदिर का निर्माण तमिलनाडु में चोल शासन के दौरान राजा राजा चोल प्रथम ने करवाया था. यह यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल मंदिरों में से एक है. यह भगवान शिव को समर्पित मंदिर है और इस मंदिर में शिवलिंग के सामने एक ही पत्थर से बनी नंदी की एक विशाल मूर्ति है. यह मूर्ति 13 फीट ऊंची और 16 फीट चौड़ी है. यहां आपको आते ही एक पॉजिटिव एनर्जी का अहसास होने लगेगा.

(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और लोक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए इस खबर की पुष्टि नहीं करता है.)

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