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Ekadashi Tulsi Puja: एकादशी और द्वादशी पर क्यों नहीं तोड़ना चाहिए तुलसी का पत्ता, जल देने पर भी लगता है पाप, जानें वजह

तुलसी का पौधे में न सिर्फ औषधिय गुण पाये जाते हैं, बल्कि हिंदू धर्म में इस पौधे को मां लक्ष्मी का स्वरूप और विष्णु भगवान का प्रिय माना गया है. यही वजह है कि ज्यादातर हिंदू घरों के अंदर तुलसी का पौधा जरूर होता है. इसकी नियमित पूजा अर्चना की जाती है, लेकिन एकादशी पर तुलसी को छूना भी पाप माना गया है.

Nitin Sharma | Dec 15, 2025, 12:02 PM IST

1.तुलसी का पौधा

तुलसी का पौधा
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ज्यादातर घरों में सुबह और शाम के समय तुलसी की पूजा अर्चना की जाती है. तुलसी के पत्तों उनकी अनुमति से जोड़कर भगवान अर्पित किया जाता है. इसका सेवन करने मात्र से व्यक्ति के पाप दोष और शारीरिक कष्ट नष्ट हो जाते हैं, लेकिन एकादशी और द्वादशी पर तुलसी का पत्ता तोड़ने से लेकर जल अर्पित करना तक मना होता है. आइए जानते हैं इसकी वजह...

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2.ये है वजह

ये है वजह
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मान्यता है एकादशी के दिन मां लक्ष्मी का स्वरूप तुलसी भगवान विष्णु का व्रत रखती हैं. उनकी साधना में लीन रहती हैं. इसलिए एकादशी ​के दिन गलती से भी तुलसी दल यानी तुलसी के पत्ते को तोड़ना नहीं चाहिए.

3.पाप का भागीदार 

पाप का भागीदार 
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एकादशी या द्वादशी पर जो भी व्यक्ति तुलसी का पत्ता तोड़ता है या इसका सेवन करता है. ऐसा करने से तुलसी जी का व्रत खंडित हो जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को ब्रह्महत्या के समान पाप लगता है, जिसके चलते व्यक्ति को कई सालों तक आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

4.जल देने से भी किया गया है मना

जल देने से भी किया गया है मना
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मान्यता है कि एकादशी या द्वादशी पर भी तुलसी में जल नहीं देना चाहिए. क्योंकि तुलसी इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं. ऐसे में जल अर्पित करने से व्रत टूटता है, जिसका पाप जल देने वाले व्यक्ति पर ही लगता है.

5.दीपक जलाना होता है शुभ

दीपक जलाना होता है शुभ
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एकादशी या द्वादशी के दिन तुलसी की पूजा अर्चना करना बेहद शुभ होता है. इस दिन तुलसी को छूने या जल देने की जगह दीपक जला सकते हैं. ऐसा करने से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है.हालांकि आप नीचे गिरे हुए तुलसी के पत्तों को उठा सकते हैं.

डिस्क्लेमर- ये जानकारी सामान्य ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है, अधिक जानकारी के लिए आप किसी एस्ट्रोलॉजर से संपर्क कर सकते हैं.)

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