Advertisement

Chanakya Niti: ये छोटी-छोटी आदतें लोगों को आपके सामने झुकने पर कर देंगी मजबूर, अगर चाणक्य का मान लिया गुरु मंत्र

चाणक्य की नीति शास्त्र के सात ऐसे कालातीत कार्यों को उजागर करें, जो लोगों की नज़रों में आपका सम्मान तुरंत बढ़ा सकते हैं. अपनी तीक्ष्ण रणनीतिक बुद्धि के लिए प्रसिद्ध, चाणक्य ने सिखाया था कि सच्चा सम्मान मांगने से नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के छोटे-छोटे फैसलों से अर्जित किया जाता है.

Nitin Sharma | Sep 16, 2025, 09:47 AM IST

1.धनवान या ज्ञानी नहीं, इन लोगों को मिलता है ज्यादा सम्मान

धनवान या ज्ञानी नहीं, इन लोगों को मिलता है ज्यादा सम्मान
1

चाणक्य नीति में बताया गया है कि जिन लोगों की सबसे ज़्यादा प्रशंसा की जाती है. सम्मान मिलता है. वे हमेशा सबसे ज़्यादा शोरगुल वाले, सबसे धनी या सबसे मज़बूत नहीं होते. ये वे लोग होते हैं जो अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा एक राज्य की तरह करते हैं, लोगों के मन की बात समझते हैं, और यह कभी नहीं भूलते कि सम्मान आपके द्वारा किए गए छोटे-छोटे कामों की छाया में बढ़ता है.

Advertisement

2.संयम से बोलें, केवल शब्दों से नहीं

संयम से बोलें, केवल शब्दों से नहीं
2

आचार्य चाणक्य बताते हैं कि जो व्यक्ति अपनी ज़ुबान पर नियंत्रण नहीं रख पाता, वह किसी भी चीज़ पर नियंत्रण नहीं रख पाता. हर लापरवाही भरा शब्द आपकी छवि को धूमिल कर सकता है, जो लोग कम बोलते हैं, लेकिन हर शब्द का महत्व समझते हैं, वे बोलने के बाद भी लंबे समय तक याद रखे जाते हैं.

3.बोलने से पहले खुद से पूछें 

बोलने से पहले खुद से पूछें 
3

क्या यह सच है? क्या यह ज़रूरी है? क्या इसे अनकहा ही रहने देना बेहतर है? एक समझदारी भरा वाक्य, एक घंटे की बेकार की बकबक से ज़्यादा सम्मान दिला सकता है. अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना, लोगों की आपके बारे में धारणा पर नियंत्रण रखना है.

4.रहस्यों को रत्नों की तरह सुरक्षित रखें

रहस्यों को रत्नों की तरह सुरक्षित रखें
4

जितना ज़्यादा आप अपनी निजी बातें रखेंगे, उतने ही मज़बूत रहेंगे. चाणक्य ने चेतावनी दी थी कि जो व्यक्ति राज़ उजागर करता है, वह लोगों का विश्वास उतनी ही तेज़ी से खो देता है, जितनी तेज़ी से छेद वाला घड़ा पानी खो देता है. अगर कोई आप पर भरोसा करता है, तो उसकी रक्षा वैसे ही करें जैसे आप अपने सम्मान की रक्षा करते हैं.

5.अपनी रीढ़ खोए बिना कृतज्ञता दिखाएं

अपनी रीढ़ खोए बिना कृतज्ञता दिखाएं
5

चाणक्य के अनुसार, कृतज्ञता एक नेक इंसान की पहचान है. हालांकि, बहुत ज़्यादा झुकने और चापलूसी करने से लोग सोचते हैं कि आपमें हिम्मत नहीं है. कृतज्ञ होने और चापलूसी करने के बीच एक महीन रेखा होती है.

6.अपनी प्रतिष्ठा को एक किले की तरह सुरक्षित रखें

अपनी प्रतिष्ठा को एक किले की तरह सुरक्षित रखें
6

एक बार किले में सेंध लगने के बाद, उसे बचाना मुश्किल होता है। आपका चरित्र भी इसी तरह काम करता है. चाणक्य ने चेतावनी दी थी कि एक भी लापरवाही सालों की मेहनत पर पानी फेर सकती है. उनकी नज़र में, आत्मरक्षा का सबसे बड़ा तरीका है अपने नाम को प्रलोभन और समझौते से बचाना.

7.समझदारी से खर्च करें, दिल से दें

समझदारी से खर्च करें, दिल से दें
7

चाणक्य कंजूसी और फिजूलखर्ची, दोनों के खतरों से वाकिफ थे, उन्होंने अपनी नीति में बताया कि कंजूस व्यक्ति तिरस्कार का पात्र बनता है, लेकिन बेतहाशा खर्च करने वाला उपहास का पात्र बनता है, जो लोग जानते हैं कि कब मितव्ययिता और कब उदारता दिखानी है, वे ऐसा संतुलन बनाते हैं जो लोगों को प्रभावित करता है.

8.सफल होने पर विनम्र बने रहें

सफल होने पर विनम्र बने रहें
8

बहुत से लोग असफलता को सफलता से बेहतर तरीके से संभालते हैं. चाणक्य ने कहा था कि पतन की ओर अग्रसर व्यक्ति का पहला संकेत अहंकार है जो जीवन के अच्छे चलने पर आता है, जब आप ऊँचे उठें तो ज़मीन से जुड़े रहें. उन लोगों को याद रखें जिन्होंने आपको ऊपर उठने में मदद की. 

Advertisement
Advertisement
Advertisement