धर्म
Nitin Sharma | Jul 18, 2025, 03:46 PM IST
1.अमरत्व की कथा

इस कथा को सुनाने से पूर्व महादेव ने अपने सखा साथी समेत इन 5 चीजों को पहले ही त्याग दिया था. आइए जानते हैं कि भगवान शिव मां पार्वती को अमरत्व की कथा सुनाने से पूर्व किन-किन चीजों का त्याग किया था.
2.अमरनाथ गुफा का रास्ता

शिवपुराण के अनुसार, महादेव ने इन सभी चीजों को इसलिए त्यागा क्योंकि वह यह अमरत्व की कहानी मां पार्वती के अलावा किसी अन्य को नहीं सुनाना चाहते थे. इसी के चलते जब महादेव अमरनाथ गुफा की तरफ चले, तब उन्होंने अलग अलग रास्तों में इन चीजों को त्याग दिया. ताकि किसी अन्य प्राणी तक ये रहस्य न पहुंच सके.
3.नंदी

महादेव के साथ हर समय उनके सबसे करीबी और प्यारे वाहन नंदी जी रहते थे, लेकिन अमरनाथ गुफा की ओर जाते समय महादेव ने सबसे पहले नंदी जी को त्याग दिया. यह जगह पहलगाम है, जहां महादेव ने नंदी को त्यागा.
4.चंद्रमा

नंदी को त्यागने के बाद महादेव कुछ आगे बढ़े और फिर चंद्रमा को त्याग दिया. महादेव के मस्तक पर सुशोभित चंद्रमा को जहां छोड़ा गया. उस जगह का नाम चंदनवाड़ी है. भगवान यह त्याग अमर ज्ञान के लिए मानसिक शांति के लिए किया.
5.वासुकी नाग

चंद्रमा को त्यागने के बाद महादेव ने तीसरा त्याग गले में लिपटे नागराज वासुकी का किया. इस जगह को शेषनाग के नाम से जाना जाता है. नागराज का त्याग भगवान शिव ने कुंडलिनी शक्ति को शांत करने के लिये किया.
6.गंगा जी

इसके बाद महादेव ने अमरनाथ गुफा पहुंचने से पूर्व अपनी जटाओं से गंगाजी को मुक्त किया. आज भी यह जगह अमरनाथ के रास्ते में पड़ती है, जिसे पंचतरणी कहा जाता है. यहां पंच नदियां पंच तत्वों का प्रतीक है (पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि, आकाश हैं. इनका त्याग संसार के सभी तत्वों से विरक्ति का संकेत देता है.
7.भगवान गणेश

सबसे आखिर में महादेव में अपने पुत्र श्रीगणेश जी को महागुण पर्वत पर छोड़ा. साथ ही उन्हें जिम्मेदारी दी गई कि कोई भी कथा के बीच गुफा के अंदर प्रवेश न कर सकें. भगवान गणेश ने ऐसा ही किया. आज भी यह सभी स्थान अमरनाथ गुफा की तरफ जाने वाले रास्ते में पड़ते हैं, जहां पर नंदी से लेकर भगवान गणेश के होने के सबूत मिलते हैं.