धर्म
Braj ki Holi 2023 का पूरा प्रोग्राम सामने आ गया है. इस बार 9 अहम दिनों पर अलग अलग तरीके से होली खेली जाएगी और यह धूम आने वाले 15 दिनों तक जारी रहेगी.
डीएनए हिंदी: होली का त्योहार आने वाले है और उसका रंग अभी से चढ़ने लगा है. उत्तर प्रदेश के मथुरा वृंदावन की होली केवल देश ही बल्कि पूरे विश्व में मशहूर मानी जाती है. दुनिया भर से लोग इस होली को देखने के लिए आते हैं. माना जा रहा है कि इस बार भी होली पर मथुरा वृंदावन में कृष्ण भक्तों का जमावड़ा होगा. जानकारी के मुताबिक होली के सभी कार्यक्रम (Braj Holi 2023 Schedule) तो 27 फरवरी से शुरू होंगे लेकिन अहम बात यह है कि ये सारे प्रोग्रामों को लेकर अभी से रौनक दिखने लगी है.
अगर आप इस होली महोत्सव में जाना चाहते हैं तो आप को पहले मथुरा पहुंचना होगा. यहां मथुरा से बस या कैब के जरिए आसपास के इलाकों तक पहुंचा जा सकता है. मथुरा में आवास आसपास के गांवों की तुलना में बेहतर स्थिति प्रदान करता है. ऐसे में आपको यहां ठहरने के लिए भी अच्छे होटल या धर्मशालाएं मिल जाएंगी.
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बरसाना में सबसे पहले 27 फरवरी को लड्डू की होली होगी. यह मथुरा से लगभग 50 किमी (30 मील) दूर है. लड्डू होली में उत्सव के दौरान एक दूसरे पर लड्डू फेंके जाते हैं जो कि काफी दिलचस्प एक्सपीरियंस हो सकता है.
इसके अलावा लट्ठमार होली 28 फरवरी को बरसाना में होगी. लठ का अर्थ है 'छड़ी' और मार का अर्थ है 'पीटना'. लठमार होली उत्तर प्रदेश के ब्रज में सबसे लोकप्रिय उत्सव है. इस दिन महिलाएं पुरुषों को लट्ठ मारकर होली मनाती है जबकि पुरुष ढाल के जरिए लट्ठ से बचने के प्रयास करते हैं.
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इसके बाद तीन मार्च को मथुरा और वृंदावन में फूलों की होली होगी. यह मुख्य तौर पर यहां के बांके बिहारी मंदिर में मनायी जाती है है जिसे दुनिया में भगवान कृष्ण का सबसे पवित्र और सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है.
चार मार्च को गोकुल में छड़ी मार होली का आयोजन किया जाएगा. मान्यताहै कि श्री कृष्ण ने गोकुल में अपने बचपन के दिन बिताए थे. इस प्रकार वहां के उत्सवों में कृष्ण को एक बच्चे के रूप में माना जाता है.
चार मार्च को ही वृंदावन में विधवा होली मनाई जाती है. यह एक मात्र ऐसा स्थान है जहां महिलाएं भी होली मनाती हैं. इसीलिए इस होली को भी काफी अहम माना जाता है.
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इसके अलावा 7 मार्च को होलिका दहन का आयोजन किया जाएगा. होलिका दहन राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। मथुरा में रस्म होली गेट पर होती है.
8 मार्च को पूरे देश में होली का त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन मथुरा और वृंदावन में भक्त भगवान कृष्ण के मंदिरों में जाकर हर्षोल्लास के साथ होली खेलते हैं.
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