Advertisement

Oldest Ganesha Temples : करेंगे गणपति के इस मंदिर के दर्शन तो मिट जाएंगे पाप, ये हैं 5 सबसे पुराने गणेश मंदिर

Oldest Ganesha Temples : प्रथम पूज्य भगवान गणेश के देश भर में कई मंदिर हैं. सभी मंदिरों का अपना अलग महत्व है. आइए जानते हैं देश भर में भगवान गणेश के 5 सबसे प्राचीन मंदिर कौन से हैं.

Oldest Ganesha Temples : करेंगे गणपति के इस मंदिर के दर्शन तो मिट जाएंगे पाप, ये हैं 5 सबसे पुराने गणेश मंदिर

भगवान गणेश के  5 सबसे प्रचीन मंदिर

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी:देश के भिन्न शहरों में भगवान गणेश के कई प्रचीन मंदिर (Ganpati Temple) हैं. इन मंदिरों में भगवान गणेश अलग अलग रूप में विराजमान हैं. ऐसे में गणेश उत्सव (Ganesh Chaturthi) के दौरान अगर आप इन मंदिरों के आस-पास हैं तो बप्पा के दर्शन जरूर करने जाएं. 

सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई: (Ganesh Chaturthi 2022) देश भर में भगवान गणेश के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है मुंबई में स्थित है श्री सिद्धिविनायक मंदिर. सिद्धिविनायक मंदिर की स्थापना 1801 में विट्टू और देउबाई पाटिल ने किया था. गणेश उत्सव के दौरान यहां लाखों भक्त भगवान गणेश के दर्शन करने आते हैं. 

यह भी पढ़ें: गाय की सेवा करने से मिलता है पितरों का आशीर्वाद, पितृपक्ष में करें यह काम

मोती डूंगरी मंदिर, जयपुर: पिंक सिटी जयपुर को पुराने किलों और इमारतों का शहर माना जाता है. इस शहर में भगवान गणेश का 250 साल पुराना मंदिर है. जिसे मोती डूंगरी के नाम से भी जाना जाता है.

श्री विनायक देवारु मंदिर, कर्नाटक: भगवान गणेश का यह मंदिर लगभग 1500 साल पुराना है. जो कर्नाटक के इडगुंजी में स्थित है. इस मन्दिर में विराजमान भगवान गणेश की प्रतिमा गोकर्ण मंदिर की प्रतिमा से काफी मिलती जुलती है. भगवान गणेश के इस मंदिर में श्री गणेश जी के एक हाथ मे कमल ओर दूसरे हाथ मे मोदक रखा हुआ है.

यह भी पढ़ें: कल से शुरू हो रहा है 16 दिनों का महालक्ष्मी व्रत, जानें पूजा व‍िधि और शुभ मुहूर्त

कनिपकम विनायक मंदिर, चित्तूर : तिरुपति मंदिर से तकरीबन 75 किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है. यह मंदिर भगवान गणेश के सुप्रसिद्ध मंदिरों में से एक है. मान्यता है यहां दर्शन करने से श्रद्धालुओं के पाप मिट जाते हैं.

मनाकुला विनायगर मंदिर, पुडुचेरी: भगवान गणेश के तमाम मंदिरों से अलग इस मंदिर में भगवान गणेश से जुड़ी कथाओं को चित्र के जरिए दर्शाया गया है. इस मंदिर में शास्त्रों में वर्णित भगवान गणेश के 16 रूपों को भी दिखाया गया है. 
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement