धर्म
Yogini Ekadashi 2022: भगवान श्री विष्णु एवं माता लक्ष्मी को समर्पित एकादशी व्रत का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व है.
डीएनए हिंदी: भगवान श्री विष्णु एवं माता लक्ष्मी को समर्पित एकादशी व्रत (Yogini Ekadashi 2022) का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व है. हर माह में एकादशी व्रत डॉ बार रखा जाता है. एक कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को और दूसरी शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को. बता दें की आषाढ़ मास 15 जून 2022 से शुरू हो चुका है और 24 जून को इस मास की पहली एकादशी तिथि पड़ रही है. इसी एकादशी तिथि को शास्त्रों में योगिनी एकादशी तिथि (Yogini Ekadashi 2022 Date) कहा गया है. इस दी भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की सच्चे मन से पूजा करने से सभी प्रकार के कष्टों से छुटकारा मिलता है. साथ ही सभी मणिकांनाएं पूर्ण होती है. लेकिन इस दिन कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए, अन्यथा इस व्रत का प्रभाव कम हो जाता है.
सबसे पहले योगिनी एकादशी व्रत के दिन सुबह पूजा स्थल को शुद्ध करने का कार्य करें. पूजा स्थान अशुद्ध रहने से घर में भगवान वास नहीं करते हैं.
एकादशी व्रत के दिन व्यक्ति को वाणी पर बहुत संयम रखना चाहिए. इस दिन किसी का दिल दुखाना पाप के समान होता है.
व्रतधारियों को इस दिन झूठ नहीं बोलना चाहिए. मान्यता है कि ज़्झुठ बोलने से माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं और इससे व्यक्ति को धन की हानि होती है.
व्रत वाले दिन पूजा के बाद गरीब और जरूरतमंदों में सामर्थ्य अनुसार भोजन का दान करना चाहिए.
मांस, मदिरा का सेवन सेवन इस दिन वर्जित है. साथ ही व्यक्ति को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
योगिनी एकादशी व्रत के दिन व्यक्ति को वृद्ध और घर के बड़े-बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए. साथ ही उनका आशीर्वाद लेना चाहिए.
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योगिनी एकदाशी व्रत यानि 24 जून 2022 के दिन शुभ योग सुबह 9:40 के शूर हो जाएगा और ज्येष्ठा नक्षत्र शाम को 06:32 तक रहेगा. पंचांग के अनुसार अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:54 से दोपहर 12:49 तक रहेगा.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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