धर्म
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लोहे से बने Horseshoe को घर में टांगने से कई प्रकार के सकारात्मक बदलाव आते हैं.
डीएनए हिंदी: ज्योतिष शास्त्र (Astrology Tips) में सभी धातुओं का अपना-अपना महत्व बताया गया है. ये धातु किसी न किसी ग्रह या देवी देवताओं से जुड़े हुए हैं. इसी तरह सोना, चांदी, लोहा, तांबा और पीतल सभी धातुओं का महत्व बताया गया है. इन्हीं में से एक है लोहा (Metal in Astrology). बता दें लोहा शनिदेव (Shanidev) का प्रिय धातु है. इसलिए यह मान्यता है कि शनिवार (Saturday) के दिन लोहे से बनी किसी भी चीज को घर में नहीं लाना चाहिए. ऐसा करने से शनि दोष उत्पन्न हो सकता है पर ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लोहे से बनी घोड़े की नाल (Horseshoe benefits) को शनिवार के दिन घर में लाने से घर में खुशहाली आती है और धन की वर्षा होती है. साथ ही, जीवन में आने वाली समस्याओं से छुटकारा मिलता है. जानते हैं किस तरह करें घोड़े की नाल का इस्तेमाल (Uses of Horseshoes).
यदि जातक की कुंडली में शनि दोष है तो उसे अपने बेड पर घोड़े की नाल टांग लेनी चाहिए. साथ ही घोड़े की नाल का छल्ला बीच अंगुली में धारण कर लेना चाहिए , ऐसा करने से शनि दोष से मुक्ति मिलेगी.
अगर आप अपने करियर में आगे बढ़ने में किसी प्रकार की समस्या का सामना कर रहे हैं या आपके बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है तो घोड़े की नाल से बने छल्ले को शनिवार के दिन बीच या फिर मध्यमा अंगुली में धारण करें. सभी कष्ट दूर होंगे.
यह भी पढ़ें: Rudraksha: भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष को धारण करने से पहले जान लें महत्वपूर्ण नियम
घर में वास्तु दोष (Vastu Dosh) के वास से परिवार के सदस्य किसी न किसी मुसीबत में फंसे रहते हैं. इससे मुक्ति पाने के लिए आप घोड़े की नाल को ऑफिस के या फिर घर के मुख्य द्वार पर भी टांग सकते हैं. ऐसा करने से आप कई प्रकार की समस्याओं को आपने जीवन से दूर फेंक सकते हैं.
ज्योतिष शास्त्र में घोड़े की नाल के इस्तेमाल को धन लाभ के लिए बहुत उपयुक्त माना गया है. अगर आप घर में सुख-समृद्धि और धन लाभ चाहते हैं तो घर की तिजोरी में घोड़े की नाल का टुकड़ा जरूर रखें.
यह भी पढ़ें: Hanuman Jayanti 2022: जानें बजरंगबली से जुड़े 5 ऐसे रहस्य, जिनसे परिचित नहीं हैं कई लोग
यदि आपके परिवार में कोई सदस्य लंबे समय से बीमार चल रहा है तो घोड़े की नाल से बनी चार कील, सवा किलो उड़द की दाल और एक सूखा नारियल लेकर रोगी के ऊपर से उतार दें और बहती हुई नदी में प्रवाहित कर दें. इससे आपको लाभ होगा.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
गूगल पर हमारे पेज को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें. हमसे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज पर आएं और डीएनए हिंदी को ट्विटर पर फॉलो करें