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Rudraksha: भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष को धारण करने से पहले जान लें महत्वपूर्ण नियम

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार रुद्राक्ष पहनने के कई फायदे हैं, लेकिन रुद्राक्ष को धारण करने से पहले इससे जुड़े नियम अवश्य जान लें.

Rudraksha: भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष को धारण करने से पहले जान लें महत्वपूर्ण नियम

रुद्राक्ष

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डीएनए हिंदी: सनातन संस्कृति में रुद्राक्ष (Rudraksha) को अति-महत्वपूर्ण और पवित्र माना गया है, साथ ही यह भगवान शिव (Lord Shiva) को भी अति प्रिय है. मान्यता अनुसार जो लोग विधि-विधान से रुद्राक्ष को धारण करते हैं, उनपर भगवान शिव की विशेष कृपा बनी रहती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव के अश्रुओं से रुद्राक्ष की उत्पत्ति हुई थी और यह भी माना जाता है कि रुद्राक्ष धारण करने से स्वास्थ्य लाभ (Importance of Rudraksha) भी होता है. रक्तचाप, हृदय रोग जैसी बीमारियां रुद्राक्ष (Rudraksha Mala) धारण करने से मिट जाती हैं.

रुद्राक्ष के भी कई प्रकार होते हैं, आपको एक मुखी से लेकर इक्कीस मुखी तक रुद्राक्ष प्राप्त हो सकते हैं. इन सभी का अपना-अपना महत्व है. इसे धारण करने से कई प्रकार के संकट का नाश होता है और कुंडली में उत्पन्न हुई अशुभता से भी मुक्ति मिलती है. बता दें कि रुद्राक्ष धारण करने के कई फायदे हैं. वेद-पुराणों में रुद्राक्ष को आलौकिक माना गया है, साथ ही किसी जाप को आरंभ करने के लिए रुद्राक्ष का ही प्रयोग किया जाता है. लेकिन रुद्राक्ष को धारण करने से पहले इससे जुड़े नियम (Rules of wearing Rudraksha) अवश्य जान लें, नहीं तो आप दुष्प्रभाव का सामना भी कर सकते हैं. आइए जानते हैं रुद्राक्ष धारण करने के कुछ खास नियम.

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रुद्राक्ष धारण करने के कुछ खास नियम:

  • कभी भी रुद्राक्ष को काले धागे में पिरो कर धारण न करें, बल्कि हमेशा लाल अथवा पीले रंग (Red or yellow Thread) के धागे में ही इसे धारण करें। ऐसा करने से रुद्राक्ष कि शक्ति अधिक बढ़ जाएगी.

  • रुद्राक्ष की पवित्रता को कायम रखने के लिए इसे अशुद्ध हाथों से बिल्कुल न छुएं और स्नान करने के बाद ही इसे धारण करें.

  • रुद्राक्ष धारण करते समय 'ऊं नमः शिवाय' का जाप करते रहें.

  • अपना रुद्राक्ष किसी दूसरे व्यक्ति को पहनने के लिए न दे। इससे आप पर दुष्प्रभाव पड़ने की संभावना बढ़ जाती है.

  • यदि आप रुद्राक्ष की माला बनवा रहे हैं तो संख्या का ध्यान अवश्य रखें और इसे विषम संख्या यानी ऑड नंबर (Odd Number) में ही धारण करें.

  • इस बात का भी ध्यान रखें कि माला मनकों कि संख्या  27 से कम न हो.

  • रुद्राक्ष को धागे की माला में पिरोकर भी धारण किया जा सकता है, लेकिन आप अपने सामर्थ्य अनुसार आप इसे चांदी या सोने में जड़वाकर भी धारण कर सकते हैं.

  • रुद्राक्ष धारण करने वालों को मांस, मदिरा या अन्य किसी भी प्रकार से नशीली चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए.

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.) 

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