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NASA की तस्वीर में काले की जगह फिरोजी दिखा Black Sea, जानें इस रंग के बदलने की पीछे की साइंटिफिक वजह

काला सागर अपने गहरे रंग के पानी के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि साल में ऐसा समय भी आता है जब इसका पानी फिरोजी रंग का हो जाता है. अब नासा ने अंतरिक्ष से इस रंग बदलने की तस्वीर खींची है...

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NASA की तस्वीर में काले की जगह फिरोजी दिखा Black Sea, जानें इस रंग के बदलने की पीछे की साइंटिफिक वजह

Black Sea का रंग बदलता पानी. (Image Credit: NASA)

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  • अचानक काले रंग से फिरोजी रंग का हो गया ब्लैक सी
  • नासा के  PACE सैटेलाइट की तस्वीर ने किया हैरान
  • यूरोप और एशिया के बीच स्थित है ब्लैक सी
  • एक फाइटोप्लैंकटन की वजह से बदल जाता है इस समुद्र का रंग

ब्लैक सी अपने गहरे रंग के पानी के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है. लेकिन हर साल कुछ हफ्तों के लिए यह अचानक चमकीले फिरोजी रंग में बदल जाता है. हाल ही में नासा के PACE सैटेलाइट ने अंतरिक्ष से इस अद्भुत नजारे को कैद किया. पहली नजर में ऐसा लगता है जैसे इस समुद्र का रंग पूरी तरह बदल गया है, लेकिन इसके पीछे प्रकृति और समुद्री जीवों से जुड़ी एक बेहद दिलचस्प वैज्ञानिक वजह है.

किस वजह से फिरोजी हो जाता है Black Sea का पानी?

22 जून 2026 को नासा के PACE सैटेलाइट ने अपने ओसन कलर इंस्ट्रूमेंट (OCI) की मदद से ब्लैक सी की तस्वीरें लीं. इनमें समुद्र के बड़े हिस्से का पानी अपने सामान्य गहरे रंग की बजाय चमकीले फिरोजी रंग का दिखाई दिया. वैज्ञानिकों के मुताबिक यह किसी प्रदूषण या केमिकल रिएक्शन की वजह से नहीं हुआ है, बल्कि यह समुद्र में होने वाली एक प्राकृतिक मौसमी प्रक्रिया है. 

 

ब्लैक सी, जो काले से हो गया फिरोजी (Image Credit: NASA)

ब्लैक सी यूरोप और एशिया के बीच स्थित है. यह बोस्फोरस जलडमरूमध्य, मरमारा सागर और डार्डानेल्स जलडमरूमध्य के जरिए भूमध्य सागर से जुड़ा हुआ है. हर साल वसंत के आखिर और गर्मियों की शुरुआत में यहां कोकोलिथोफोर्स नाम के सूक्ष्म समुद्री फाइटोप्लैंकटन तेजी से बढ़ने लगते हैं. यह जीव ही समुद्र के रंग में बदलाव की वजह बनते हैं. 

क्या होता है Coccolithophores?

कोकोलिथोफोर्स बेहद छोटे एककोशिकीय जीव होते हैं. इन्हें हम अपनी नंगी आंखों से नहीं देख सकते. इनके शरीर पर कैल्शियम कार्बोनेट की बेहद महीन प्लेटें होती हैं. जब इनकी संख्या करोड़ों-अरबों में पहुंच जाती है, तो ये प्लेटें सूर्य की रोशनी को रिफ्लेक्ट करके बिखेर देता है. इस वजह से समुद्र का पानी ऊपर से दूधिया नीला या फिरोजी रंग का दिखाई देता है. 

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फिर हर समय काला क्यों रहता है Black Sea का पानी?

इस मौसम के अलावा साल के बाकी समय में ब्लैक सी में डायटम नाम के सूक्ष्म शैवाल ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं. इस जीव का बाहरी आवरण सिलिका से बना होता है और ये पानी को गहरा रंग देते हैं. लेकिन जैसे ही समुद्र में कोकोलिथोफोर्स की संख्या बढ़ती है तो समुद्र का रंग बदलकर चमकीला फिरोजी नजर आने लगता है. यह बदलाव सिर्फ ब्लैक सी तक ही सीमित नहीं रहता बल्कि यह बोस्फोरस जलडमरूमध्य तक भी फैल जाता है. बोस्फोरस जलडमरूमध्य तुर्की के  इस्तांबुल शहर के बीच से गुजरते हुए ब्लैक सी को मरमारा सागर से जोड़ता है. 27 मई 2026 को ISS से इस जलडमरूमध्य की एक तस्वीर ली गई थी जिसमें फिरोजी रंग के फाइटोप्लैंकटन समुद्री धाराओं के साथ बहते हुए साफ दिखाई दे रहे थे. 
 

27 मई 2026 को ISS से खींची गई  बोस्फोरस जलडमरूमध्य की तस्वीर (Image Credit: NASA)



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